जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के किसानों का एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
श्रीनारद मीडिया, मांझी, सारण (बिहार):

कृषि विज्ञान केंद्र, मांझी द्वारा मांझी प्रखण्ड के मांझी पूर्वी पंचायत के गांवों के किसानों के लिए जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम कृषि विज्ञान केन्द्र माँझी के प्रशिक्षण कक्ष में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को गरमा सब्जियों, ढेंचा के हरे खाद के रूप में महत्व, उच्च क्यारी विधि से मक्के के बुवाई एवं मूँग की सीधी बुवाई के बारे में जानकारी देना था। कृषि विज्ञान केन्द्र, माँझी के उद्यान विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र चंदोला ने जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम एवं इसके लाभ, गरमा सब्जियों जैसे भिन्डी, करेला, लौकी, खीरा आदि के उत्पादन एवं प्रबंधन, हरे खाद के रूप में ढेंचा का महत्व, पोषण वाटिका, फलों के बागों का प्रबंधन आदि विषयों पर सभी किसानों को विस्तृत में बताया। कृषि अभियांत्रिकी विशेषज्ञ डॉ. सुषमा टम्टा ने जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम की तकनीको जैसे मूँग की सीधी बुआई , उच्च क्यारी विधि द्वारा मक्के की बुआई एवं कृषि में उपयोग होने वाली मशीनों के बारे में विस्तृत में जानकारी के साथ ही फायदे भी किसानों को बताया।
पादप रोग विशेषज्ञ डॉ. जीर विनायक ने फसलों में लगने वाले कीटों के प्रबंधन के बारे में बताया। मृदा विशेषज्ञ डॉ. विजय कुमार ने किसानों के मृदा जांच करने की विधि एवं खेती में महत्व के बारे में किसानों को विस्तृत में बताया। साथ ही विशेषज्ञों द्वारा किसानों को गरमा सब्जियों, ढेंचा एवं मक्के का बीज प्रत्यक्षण हेतु वितरण किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए तैयार करना और उन्हें नई तकनीकों से खेती करने के लिए प्रेरित करना था।
इस कार्यक्रम में सत्यनारायण यादव, विनय कुमार, परमहंस सिंह, मोहन यादव, शिवदास शर्मा, कन्हैया सिंह, ज्वाला सिंह, अमरजीत सिंह, राघवेंद्र कुमार यादव, मंटू शाह सहित कुल 25 किसानों ने प्रशिक्षण में भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में, किसानों ने अपने अनुभव साझा किए और नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रतिबद्धता जताई। कृषि विज्ञान केन्द्र, माँझी से तकनीकी सहायक मनोज कुमार, राकेश कुमार एवं अवनीश पांडेय ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना सहयोग दिया।
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