शराब माफियाओं के खिलाफ ग्रामीणों ने किया हल्ला बोला, पुलिस की कार्रवाई पर भी उठे सवाल
श्रीनारद मीडिया, विक्की बाबा, मशरक, सारण (बिहार):

सारण जिला के मशरक के चरिहारा गांव वार्ड-17 में शराब माफियाओं के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। वार्ड सदस्य समेत स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर गांव में चल रहे अवैध शराब कारोबार के खिलाफ हल्ला बोल अभियान छेड़ दिया। ग्रामीणों की तत्परता से मौके पर पुलिस पहुंची और शराब बरामद की गई, लेकिन इस पूरे मामले ने पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, गांव में कुछ युवक खुलेआम शराब बेच रहे थे। इससे नाराज ग्रामीणों के द्वारा पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने छापेमारी कर शराब जब्त किया। बरामदगी में 44 पीस ऑफिसर्स चॉइस फ्रूटी, सैकड़ों रैपर और तीन कार्टून खाली डिब्बे शामिल हैं, जिससे साफ है कि इलाके में लंबे समय से शराब का धंधा फल-फूल रहा था।
स्थानीय वार्ड सदस्य के पुत्र कुंदन सिंह ने पुलिस की ढिलाई पर सीधा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि “गांव के ही कुछ लड़के लगातार शराब बेच रहे हैं, पहले भी मछली की पेटी में शराब पकड़ी गई थी और जेल भी हुई थी, लेकिन फिर वही धंधा शुरू हो गया। अगर पुलिस लगातार सख्ती नहीं करेगी, तो यह कारोबार कभी बंद नहीं होगा।
घटना के दौरान महेश सिंह, सत्येंद्र सिंह, रमेश सिंह, भीम कुमार, दीपक कुमार सिंह, उमाशंकर सिंह, उमेश सहनी, पोखन सहनी समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि अब गांव में शराब कारोबार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी कि अगर इस मामले को थानाध्यक्ष गंभीरता से नहीं लेते हैं, तो वे वरीय अधिकारियों तक शिकायत करेंगे।
लोगों का कहना है कि पुलिस की सुस्ती के कारण ही शराब माफिया बेलगाम हो रहे हैं और गांव का माहौल खराब कर रहे हैं। वहीं मशरक थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार तिवारी ने बताया कि 48 पीस शराब बरामद की गई है और क्षेत्र में लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों की पहल की सराहना करते हुए कहा कि शराब तस्करों के खिलाफ सूचना दें, आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी और सख्त कार्रवाई होगी।
