डीएम ने आग से बचाव, जन जागरूकता हेतु डिजिटल प्रचार रथ का हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
श्रीनारद मीडिया, सीवान (बिहार):

आग लगने की घटनाओं से बचाव हेतु जन जागरूकता अभियान के तहत प्रचार प्रसार के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी सिवान विवेक रंजन मैत्रेय ने समाहरणालय सिवान परिसर से डिजिटल जन जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जागरूकता रथ आम जनों को आग लगने की घटना से बचाव हेतु व्यापक रूप से जानकारी देगी।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता सिवान के साथ अपर जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी भी उपस्थित रहें।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने बताया कि सिवान जिले में गर्मी के बढ़ते प्रकोप के साथ आग लगने की घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। विशेषकर गेहूं की कटाई के बाद खेतों में फसल अवशेष में आग लगने की घटनाएं चिंताजनक हैं। जिला प्रशासन द्वारा सभी नागरिकों एवं किसानों से सतर्कता बरतने की अपील की जाती है।
*आग से बचाव के मुख्य उपाय:*
आग से घर, खेत, खालिहान, जान-माल आदि की बड़ी क्षति होती है, जिसे नीचे दी गई सावधानियों को अपनाकर रोका जा सकता है-
+दिन का खाना सुबह 9 बजे से पहले एवं शाम में 6 बजे के बाद बनाएँ।
+खाना बनाने के बाद चूल्हे की आग को पूरी तरह से बुझा दें।
+रसोई घर की छत ऊँची रखें।
+आग बुझाने के लिए बाल्टी में पानी भर कर रसोई के पास रखें।
+दीपक (दीया), लालटेन, मोमबत्ती को ऐसी जगह रखें, जहाँ आग लगने की संभावना न हो।
+शार्ट सर्किट से बचाव के लिए बिजली की वायरिंग की समय-समय पर मरम्मत कराते रहें।
+उत्सव के दौरान घर में लगे पंडाल अथवा टेंट के पास से बिजली का तार न ले जाएँ।
+जलती हुई माचिस की तिली अथवा अधजली बीड़ी एवं सिगरेट पीकर इधर-उधर ना फेंकें।
+जहाँ भी सामूहिक भोजन इत्यादि का कार्य हो रहा हो, वहाँ पर दो से तीन ड्रम पानी अवश्य रखें।
+भोजन पकाने का कार्य तेज हवा में न करें।
+खाना बनाते समय हमेशा सूती कपड़ा ही पहनें।
– *घरेलू सावधानी*: घर से बाहर निकलते समय गैस चूल्हा, हीटर, प्रेस आदि बिजली उपकरण बंद करें। शॉर्ट सर्किट से बचने के लिए खराब वायरिंग तुरंत बदलवाएं।
– *रसोई में सतर्कता*: रसोई में काम करते समय ढीले कपड़े न पहनें। गैस सिलेंडर की पाइप नियमित रूप से जांचते रहें।
– *खुले में आग पर रोक*: खेत-खलिहान या खुले स्थानों पर कूड़ा-कचरा न जलाएं। बीड़ी-सिगरेट पीने के बाद उसे पूरी तरह बुझाकर ही फेंकें।
*फसल में आग से बचाव – किसानों के लिए विशेष अपील:*
1. *फसल अवशेष न जलाएं*: खेतों में पराली या ठूंठ जलाने से बचें। इससे अगल-बगल की खड़ी फसल में आग फैलने का खतरा रहता है। अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि विभाग से संपर्क करें।
2. *हार्वेस्टर/थ्रेशर की जांच*: मशीनों से चिंगारी निकलने के कारण आग लगती है। हार्वेस्टर चलाने से पहले उसकी पूरी जांच कराएं और साथ में पानी, बालू व अग्निशामक यंत्र रखें।
3. *सामूहिक निगरानी*: कटाई के समय खेत के पास धूम्रपान न करें। ग्राम स्तर पर चौकीदारी की व्यवस्था रखें।
4. *विद्युत लाइन से दूरी*: बिजली के तारों के नीचे खड़ी फसल की कटाई प्राथमिकता से करें। लटके तारों की सूचना तुरंत बिजली विभाग को दें।
*आग लगने पर क्या करें:*
1. तुरंत *फायर ब्रिगेड 101* और *आपातकालीन नंबर 112* पर सूचना दें।
2. अफवाह न फैलाएं। बिजली का मेन स्विच बंद कर दें।
3. गीले बोरे या मिट्टी से छोटी आग बुझाने का प्रयास करें, लेकिन स्वयं को जोखिम में न डालें।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, सिवान द्वारा सभी प्रखंडों में जागरूकता रथ एवं चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। सभी किसान भाई, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक संगठन सहयोग करें।
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