बड़ा मंगल के अवसर पर पंचमुखी हनुमान मंदिर में सुंदरकांड के पाठ के साथ हुआ भंडारा
श्रीनारद मीडिया, सीवान (बिहार):
सीवान नगर के आंदर रोड स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में बड़ा मंगल के अवसर पर शाम पांच बजे से सामुहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। सुंदरकांड पाठ के समापन के बाद भंडारा का आयोजन किया गया, जिसमें एक हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर भरौली मठ के महंथ श्रीराम नारायण दास जी महाराज ने अपने हाथों से भंडारा में प्रसाद वितरित किया। कार्यक्रम के आयोजक एवं श्रीलक्ष्मी नर्सिंग होम के प्रसिद्ध चिकित्सक डाक्टर राजन कल्याण सिंह ने कहा कि ज्येष्ठ माह के हर मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। इस अवसर पर प्रत्येक मंगलवार को हनुमान जी की पूजा अर्चना एवं भंडारा का आयोजन होता है।

आपको बताते चले कि इस बार ज्येष्ठ माह में मलमास लगने से ज्येष्ठ माह में आठ मंगलवार पड़ रहे हैं। इस मौके पर डीएवी आयुर्वेद कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डाक्टर प्रजापति त्रिपाठी, प्राचार्य सुधांशु त्रिपाठी, डॉक्टर रूपेश कुमार, रामप्रेम शंकर सिंह, जादूगर विजय, राजीव चौबे, नंद कुमार द्विवेदी, अंजनी पांडेय सहित सैकड़ों गणमान्य लोग मौजूद थे।
क्या है बड़ा मंगल
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- राम-हनुमान मिलन: मान्यता है कि त्रेतायुग में ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही प्रभु श्री राम और हनुमान जी की पहली मुलाकात हुई थी। हनुमान जी ने वृद्ध ब्राह्मण का रूप धारण कर प्रभु श्री राम से भेंट की थी।
- भीम का अहंकार दूर करना: महाभारत काल में पांडव पुत्र भीम को अपनी शारीरिक शक्ति पर बहुत गर्व हो गया था। उनका अभिमान तोड़ने के लिए ही हनुमान जी ने एक वृद्ध वानर का रूप धारण किया था और रास्ते में अपनी पूंछ फैलाकर लेट गए थे। जब भीम उस पूंछ को हटा नहीं पाए, तब उन्हें अपनी शक्ति की सीमा का ज्ञान हुआ। वृद्ध वानर के रूप में प्रभु की लीला के कारण ही इसे ‘बुढ़वा मंगल’ भी कहते हैं।
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- भंडारे और प्याऊ: इस दिन जगह-जगह भंडारों का आयोजन होता है। राहगीरों को ठंडा शर्बत, पानी और पूड़ी-सब्जी बांटी जाती है।
- पूजा-अर्चना: सुबह स्नानादि करके हनुमान मंदिरों में चोला, सिंदूर, चमेली का तेल, और बेसन के लड्डू व बूंदी का भोग लगाया जाता है। इस दिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है।
