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क्या होने वाला है एलपीजी-तेल का संकट?

क्या होने वाला है एलपीजी-तेल का संकट?

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

भारत के कच्चे तेल आयात पर होर्मुज जलडमरूमध्य में हालिया तनाव का असर सीमित रहने की संभावना है। हालांकि, यदि क्षेत्र में लंबे समय तक अस्थिरता बनी रहती है तो एलपीजी और एलएनजी आपूर्ति प्रभावित हो सकती है तथा लागत बढ़ सकती है।

हालिया तनाव बढ़ने से पहले भी होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिये कच्चे तेल का प्रवाह पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ था। हालांकि, भारत के लिए पिछले 100 दिन में स्थिति काफी हद तक सामान्य रही है और तेल शोधन कंपनियों ने विविध आयात स्रोतों के जरिये आपूर्ति का सफलतापूर्वक प्रबंधन किया है।’

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान संकट के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों और किसानों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में कच्चे तेल, एलपीजी, प्राकृतिक गैस और खेती के लिए जरूरी खादों (उर्वरकों) का पर्याप्त भंडार मौजूद है, इसलिए किसी भी तरह की किल्लत की कोई आशंका नहीं है।

इसके अलावा पश्चिम अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका से होने वाले कच्चे तेल ने भी आयात स्रोतों में विविधता लाने में मदद की है। उन्होंने कहा कि जून में भारत का कच्चे तेल आयात बढ़कर रिकार्ड 49.3 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंच गया।

भारत ने रूस सहित विविध स्रोतों से आपूर्ति सुनिश्चित की

रूस से भारत का कच्चे तेल आयात बढ़कर करीब 27 लाख बैरल प्रतिदिन हो गया, जो जून में भारत के कुल कच्चे तेल आयात का आधे से अधिक है। इससे रूस, भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। उन्होंने कहा कि संभावित आपूर्ति बाधाओं के बावजूद ईरान से कच्चे तेल की आपूर्ति भारतीय तेल शोधन कंपनियों के लिए निकट भविष्य में बड़ा स्रोत बनने की संभावना नहीं है। अमेरिकी प्रतिबंध नीति को लेकर अनिश्चितता, अनुपालन जोखिम और व्यावसायिक कारण इसके पीछे प्रमुख वजह हैं।

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश को आश्वस्त किया कि भारत की ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह से सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि भारत के पास 60 दिनों से अधिक की खपत के लिए कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) और प्राकृतिक गैस का स्टॉक मौजूद है। वहीं इंदौर में ब्रिक्स (BRICS) कृषि बैठक के समापन के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को खाद की उपलब्धता और कीमतों को लेकर बड़ी राहत दी।

LPG में आत्मनिर्भरता

भारत ने घरेलू उत्पादन बढ़ाकर एलपीजी (रसोई गैस) के आयात पर अपनी निर्भरता को काफी कम कर लिया है। पहले जहां घरेलू उत्पादन 32,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन था, वह अब बढ़कर 54,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन हो गया है। देश के पास फिलहाल 75 से 80 दिनों का एलपीजी स्टॉक उपलब्ध है।

वैश्विक मुकाबले भारत में घटे दाम

  • हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि मई 2022 से मई 2026 के बीच जहां दुनिया भर में पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही थीं, वहीं भारत में कीमतों में 3.1% की गिरावट आई है।
  • हाल ही में एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती से सरकारी खजाने पर 1 लाख करोड़ रुपये का बोझ पड़ा, लेकिन आम जनता को राहत मिली।
  • सरकार वैकल्पिक ईंधन पर तेजी से काम कर रही है। दिसंबर 2026 तक ई85 (E85) ईंधन पंपों की संख्या बढ़ाकर 500 और दिसंबर 2027 तक 5,000 करने का लक्ष्य है।

खाद की कोई किल्लत नहीं

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खरीफ और रबी फसलों के लिए देश में खाद की कोई किल्लत नहीं है। उन्होंने कहा कि चालू खरीफ सीजन के लिए देश में पर्याप्त खाद उपलब्ध है और आने वाले रबी सीजन के लिए भी अग्रिम व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

साथ ही वैश्विक स्तर पर कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद किसानों को यूरिया और डीएपी (DAP) पुरानी रियायती दरों पर ही मिलती रहेगी। बढ़े हुए दामों का अतिरिक्त बोझ सरकार खुद उठाएगी।

अल नीनो से निपटने की तैयारी

मानसून को प्रभावित करने वाले अल नीनो (El Nino) जलवायु प्रभाव पर बात करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार ने इससे निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। साथ ही टिकाऊ खेती के लिए देश में जैविक और प्राकृतिक खेती को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है।

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