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बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में कुल तेरह विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे

बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में कुल तेरह विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

बिहार विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। 5 दिन के इस सत्र के दौरान कुल 13 विधेयक प्रस्तुत होंगे। इनमें अधिसंख्य संशोधन विधेयक हैं, जो बदलते दौर के अनुकूल बनाए गए हैं।

उद्योग और निवेश के दृष्टिकोण से बिहार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ विधेयक भी इसी सत्र में प्रस्तुत होना है। इन विधेयकों के कुछ प्रविधानों पर विपक्ष को आपत्ति हो सकती है। हालांकि, उसमेंं परिवर्तन व संशोधन की संभावना नहीं, क्योंकि उसके लिए विपक्ष का संख्या-बल पर्याप्त नहीं।

ऑनलाइन भी ली जाएंगी सूचनाएं

शून्यकाल व ध्यानाकर्षण की सूचनाएं ऑनलाइन भी ली जाएंगी। सदस्यों की सुविधा के दृष्टिगत इसकी व्यवस्था हो रही है। शून्यकाल की सूचना ऑनलाइन प्राप्त करने के लिए सुबह 08:00 बजे से 09:00 बजे तक तथा ध्यानाकर्षण के लिए 09:00 बजे से 10:00 बजे तक का समय निर्धारित है।

प्रोटोकाल का अनुपालन अनिवार्य

विभिन्न समितियों की बैठकों में संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव/ प्रधान सचिव/ सचिव को उपस्थिति रहना है। सदन के समक्ष आए प्रश्नों का उत्तर विभागों को समय से उपलब्ध कराना होगा। इसके साथ ही अधिकारी अनिवार्य रूप से विधायकों के प्रोटोकाल का अनुपालन करेंगे।

प्रस्तुत होने वाले विधेयक

1. बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक

2. बिहार माल और सेवा-कर (संशोधन) विधेयक

3. बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजनों के लिए संपरिर्वतन) (निरसन) विधेयक

4. बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक

5. बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक

6. बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक

7. बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) संशोधन विधेयक

8. बिहार नगर विकास विधेयक

9. बिहार निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक

10. बिहार दुकान और प्रतिष्ठान (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) (निरसन) विधेयक

11. भारतीय स्टांप बिहार संशोधन विधेयक

12. निबंधन (बिहार संशोधन) विधेयक

13. बिहार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक

बिहार विधान मंडल (विधानसभा और विधान परिषद) का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा। यह सत्र पांच दिवसीय होगा, जिसका समापन 24 जुलाई को होगा। सत्र के हंगामेदार होने के प्रबल आसार हैं। पिछली बार भी मानसून सत्र पांच दिवसीय ही रहा था। मानसून सत्र के दौरान कुछ संशोधन विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे।

विधान मंडल में संख्या बल के हिसाब से उन विधायकों को सदन की स्वीकृति मिलने में कोई संशय नहीं। विधेयक व राजकीय कार्यों के लिए दो दिन आरक्षित होंगे। सत्र के पहले दिन चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) के लिए प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया जाएगा। अगले दिन उस पर सामान्य वाद-विवाद होगा और स्वीकृति की औपचारिकता पूरी होगी। अंतिम दिन गैर-सरकारी संकल्प लिए जाएंगे।

मंहगाई और एनकाउंटर पर विपक्ष हो सकता है आक्रामक

मानसून सत्र में महंगाई, भ्रष्टाचार और अपराध सहित एनकाउंटर और रिशुश्री प्रकरण (टेंडर घोटाला) पर विपक्ष आक्रामक रह सकता है, जैसा कि अपने बयानों से वह संकेत दे रहा। विपक्ष की रणनीति सरकार को असहज करने की होगी। ऐसे में सत्ता पक्ष से पलटवार स्वाभाविक है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार के लिए, बहुमत परीक्षण के बाद, सदन में उत्तर देने का यह पहला अवसर होगा।

एनडीए की राजनीतिक-रणनीतिक शैली से स्पष्ट है कि सरकार सदन में विपक्ष को हावी नहीं होने देगी। ऐसे में कार्य व्यवधान की आशंका भी प्रबल है।

 

 

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