बिहार में 125 यूनिट फ्री के बाद अब 20% और बचत का मौका
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड ने सस्ती बिजली को लेकर नई जानकारी साझा की है. अब लोग सिर्फ मुफ्त बिजली ही नहीं, बल्कि तय समय पर बिजली इस्तेमाल करके अतिरिक्त बचत भी कर सकते हैं. राज्य सरकार पहले से ही हर महीने 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त दे रही है. इसका फायदा लाखों उपभोक्ताओं को मिल रहा है. लेकिन अब इससे आगे भी राहत का मौका दिया गया है. अगर कोई उपभोक्ता 125 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करता है, तो वह ऑफ-पीक समय में बिजली इस्तेमाल कर 20 प्रतिशत तक की बचत कर सकता है.
बिजली कंपनी ने क्या बताया
बिजली कंपनी के मुताबिक, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक का समय ऑफ-पीक आवर्स माना गया है. इस दौरान बिजली की खपत करने पर उपभोक्ताओं को सामान्य दर का सिर्फ 80 प्रतिशत ही भुगतान करना होगा. यानी इस समय बिजली इस्तेमाल करना जेब के लिए फायदेमंद साबित होगा.
रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक बिजली की दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इस समय पहले की तरह ही सामान्य दर लागू रहेगी. इस समय सस्ती बिजली का लाभ नहीं मिलेगा.
बिजली बिल में अच्छी-खासी बचत हो सकती है
इस योजना के तहत रोजाना 8 घंटे सस्ती बिजली का फायदा उठाया जा सकता है. अगर लोग अपने घर के काम जैसे वॉशिंग मशीन, पानी मोटर या अन्य उपकरणों का इस्तेमाल इसी समय में करते हैं, तो उनके बिजली बिल में अच्छी-खासी बचत हो सकती है. बिजली कंपनी ने उदाहरण देते हुए बताया कि अगर कोई उपभोक्ता रोजाना 2 यूनिट बिजली को पीक समय से हटाकर ऑफ-पीक समय में इस्तेमाल करता है, तो वह करीब 2.96 रुपये रोज और लगभग 89 रुपये महीने की बचत कर सकता है.
बिहार में बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड ने ऑफ-पीक आवर्स में सस्ती बिजली को लेकर पूरी तस्वीर साफ कर दी है। 125 यूनिट मुफ्त बिजली के अलावा उपभोक्ता अब अतिरिक्त खपत पर भी 20 प्रतिशत तक की बचत कर सकते हैं। इसकी जानकारी BSPHCL ने अपनी एक्स पोस्ट में दी है।
125 यूनिट के बाद ऐसे मिलेगा फायदा
राज्य सरकार की ओर से हर महीने 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जा रही है। इसके बाद जो भी अतिरिक्त बिजली खपत होगी, उसमें उपभोक्ता ऑफ-पीक समय में उपयोग कर 20 प्रतिशत तक सस्ती दर का लाभ उठा सकते हैं। बीएसपीएचसीएल के अनुसार सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक का समय ऑफ-पीक आवर्स घोषित किया गया है। इस दौरान बिजली उपयोग करने पर उपभोक्ताओं को सामान्य दर का सिर्फ 80 प्रतिशत ही भुगतान करना होगा।
