काम और फाइल लटकाना नहीं चलेगा-सीएम सम्राट चौधरी
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

बिहार के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहले ही दिन ऐक्शन मोड में नजर आए। पटना में बुधवार को सीएम पद की शपथ लेने के बाद उन्होंने सचिवालय में कार्यभार संभाला। इसके बाद उन्होंने उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने अफसरों से दो-टूक कहा कि उनके कार्यकाल में काम को लटकाना, केवल फाइल बढ़ाना आदि नहीं चलेगा। सीएम ने सख्त लहजे में अधिकारियों को चेतावनी दी कि ऊपर से नीचे तक किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार सीएम सम्राट चौधरी ने वरीय अधिकारियों के साथ पहले दिन की बैठक में राज्य में चल रही परियोजनाओं को ठीक से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि काम की गति और तेज करने की जरूरत है। ताकि समस्याओं का तुरंत समाधान हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि अनावश्यक पत्राचार की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए और काम की गति को दोगुना किया जाए।
जनता की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई होगी
सीएम सम्राट ने कहा कि सरकारी योजनाओं को समय पर पूरा करना भी बहुत जरूरी होता है। साथ ही जनता से जुड़ी समस्याओं के समाधान में तेजी लानी होगी। उन्होंने आला अधिकारियों से कहा कि सभी विभागों में जनता से आने वाली शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
जमीन विवाद का सरल समाधान हो- सीएम
मुख्यमंत्री ने जमीन से जुड़े विवादों का तुरंत और सरल तरीके से समाधान करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि विवाद को खत्म करने की प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाएगा। इनका जल्द निपटारा किया जाए। ताकि आम जनता परेशान नहीं हो। उन्होंने कहा कि जमीन विवाद के कारण ही 60 से 70 प्रतिशत आपसी रंजिश और झगड़ों का कारण बनते हैं। उन्होंने कहा कि हर प्रखंड, अंचल और थाना स्तर पर आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान हो।
विभागों से मांगा लेखा-जोखा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यात्राओं के दौरान जमीनी स्तर पर समस्याओं को उन्हें नजदीक से समझने का अवसर मिला, जिसे ध्यान में रखते हुए बिहार को विकसित राज्य बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर अनुशासन और समर्पण के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने सभी विभागों को अपने-अपने कार्यों की अपडेटेड रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। सीएम आने वाले दिनों में इसकी विस्तृत समीक्षा करेंगे। इस बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, डीजीपी विनय कुमार एवं अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम के बीच फिलहाल विभागों का बंटवारा अस्थायी तौर पर किया गया है। बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार में कुछ दिनों का समय लग सकता है। तब तक सम्राट, विजय एवं बिजेंद्र ही व्यवस्था संभालेंगे।
इस तरह हुआ विभागों का बंटवारा
सीएम सम्राट ने अपने पास जो विभाग रखे हैं, उनमें अधिकतर वही हैं, जो पूर्ववर्ती नीतीश सरकार में भाजपा कोटे के मंत्रियों के पास थे। इसके साथ ही, लोजपा-आर, हम और रालोमो के पास जो विभाग थे वो भी सीएम ने अपने पास रखे हैं। वहीं, नीतीश सरकार के दौरान जो विभाग जेडीयू के मंत्रियों के पास थे, उनका बंटवारा दोनों नए डिप्टी सीएम के बीच किया गया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास ये विभाग-
- सामान्य प्रशासन
- गृह
- मंत्रिमंडल सचिवालय
- निगरानी
- निर्वाचन
- राजस्व एवं भूमि सुधार
- खान एवं भू-तत्व
- नगर विकास एवं आवास
- स्वास्थ्य
- विधि
- उद्योग
- पथ निर्माण
- कृषि
- लघु जल संसाधन
- श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण
- युवा, रोजगार एवं कौशल विकास
- पर्यटन
- कला एवं संस्कृति
- डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन
- आपदा प्रबंधन
- पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण
- अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण
- सूचना प्रावैधिकी
- खेल
- सहकारिता
- पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन
- गन्ना उद्योग
- लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण
- पंचायती राज
- (ऐसे सभी विभाग जो किसी को आवंटित नहीं हैं)
डिप्टी सीएम विजय चौधरी को मिले ये विभाग-
- जल संसाधन
- संसदीय कार्य
- सूचना एवं जनसंपर्क
- भवन निर्माण
- अल्पसंख्यक कल्याण
- शिक्षा
- विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- उच्च शिक्षा
डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव को इन विभागों की जिम्मेदारी-
- ऊर्जा
- योजना एवं विकास
- मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन
- वित्त
- वाणिज्य-कर
- समाज कल्याण
- खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण
- ग्रामीण कार्य
