मधुबनी लूटकांड का खुलासा:12 दिन में तीन आरोपी गिरफ्तार, पूर्व मोस्ट वांटेड भी धराया, लूटी बाइक-मोबाइल बरामद
श्रीनारद मीडिया, स्टेट डेस्क:

मधुबनी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए भैरवस्थान थाना क्षेत्र में हुई लूट की घटना का 12 दिनों के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक पूर्व मोस्ट वांटेड अपराधी भी शामिल है। पुलिस ने लूटी गई मोटरसाइकिल, घटना में प्रयुक्त वाहन और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है। एसपी योगेंद्र कुमार ने रविवार कि शाम प्रेस को बताया कि यह घटना 19 जनवरी को दोपहर में हुई थी।
पूर्णिया निवासी कैलाश शास्त्री, जो एचडीएफसी बैंक, झंझारपुर शाखा में कार्यरत हैं, अपनी मोटरसाइकिल से रामखेतारी गांव से झंझारपुर की ओर जा रहे थे। भैरवस्थान थाना के ओझौल पानी टंकी के पास तीन अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोककर हथियार के बल पर उनकी बाइक, मोबाइल और नकदी लूट ली थी।भैरवस्थान पुलिस टीम मौके पर पहुंची घटना की सूचना मिलते ही भैरवस्थान पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी योगेंद्र कुमार ने झंझारपुर एसडीपीओ सुबोध कुमार सिन्हा के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया। भैरवस्थान थाना में कांड संख्या 13/26 दर्ज कर आगे की कार्रवाई की गई।छापा मारकर तीनों को गिरफ्तार किया गठित टीम ने तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से अभियुक्तों की पहचान की।
शनिवार को पश्चिमी कमला तटबंध पर ग्राम गढ़िया के सामने पुलिस ने छापा मारकर तीनों आरोपियों को लूटी गई मोटरसाइकिल, मोबाइल और अपराध में इस्तेमाल वाहन के साथ गिरफ्तार कर लिया। लूट की पूरी साजिश कबूल कर ली गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान झंझारपुर थाना क्षेत्र के झंझारपुर बाजार निवासी विक्रम कुमार, रायजी टोला निवासी राकेश कुमार और रुद्रपुर थाना के जलसैन गांव निवासी धीरज कुमार पाठक उर्फ नटवर के रूप में हुई है। राकेश कुमार के खिलाफ झंझारपुर थाना में पहले से कांड संख्या 55/25 दर्ज है। पूछताछ में सभी अपराधियों ने लूट की पूरी साजिश कबूल कर ली है, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
यह भी पढ़े
जज का ड्राइवर ही निकला पत्नी का कातिल, हाजीपुर में हुई हत्या का सनसनीखेज खुलासा
भारत के खिलाफ मैच का पाकिस्तान करेगा बॉयकॉट
बगौरा में लगा विशाल निःशुल्क मेगा हेल्थ जाँच शिविर
संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाई गई

