शिक्षकों का ट्रांसफर और पोस्टिंग 14 दिनों में पूरी होगी… 1 जुलाई से नए स्कूल में पढ़ाएंगे
शिक्षा विभाग 17 जून को कैबिनेट में नई ट्रांसफर नीति पेश करेगा… मंजूरी के बाद प्रकिया
शिक्षक 20 से 25 जून तक ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे
11 राज्यों की शिक्षा नीति को समझा
श्रीनारद मीडिया, स्टेट डेस्क:

बिहार के शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया है कि राज्य में शिक्षकों की नई तबादला नीति 30 जून तक पूरी तरह लागू कर दी जाएगी. नई व्यवस्था लागू होने के बाद शिक्षकों को ट्रांसफर के लिए बार-बार ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, नई ट्रांसफर नीति को स्थायी रूप से लागू करने के लिए इसे बिहार कैबिनेट की मंजूरी दिलाई जाएगी. शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक जिला कैडर के कर्मचारी होते हैं, इसलिए सरकार की कोशिश है कि उन्हें अपने ही जिले के भीतर बेहतर और सुविधाजनक स्थान पर ट्रांसफर किया जाए.
उन्होंने बताया कि महिला शिक्षिकाओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें उनके घर के सबसे नजदीकी पंचायत क्षेत्र में तैनाती देने की योजना है. वहीं पुरुष शिक्षकों को उनके निवास स्थान के आसपास के ब्लॉक में पदस्थापित करने का प्रयास किया जाएगा.
सरकार का मानना है कि महिला शिक्षकों को घर के करीब तैनाती मिलने से उन्हें आने-जाने में सुविधा होगी और सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी कम होंगी. इसी वजह से नई नीति में महिला शिक्षिकाओं को प्राथमिकता देने का प्रावधान रखा गया है. शिक्षा विभाग का कहना है कि इससे शिक्षकों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और स्कूलों में पढ़ाई का माहौल भी बेहतर होगा.
शिक्षा मंत्री ने बीपीएससी की आगामी शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर बताया कि अगले 10 दिनों के भीतर सभी स्कूलों से विषयवार रिक्त पदों का विवरण जुटा लिया जाएगा. खाली पदों का पूरा आंकड़ा तैयार होने के बाद शिक्षा विभाग लगभग 15 जुलाई तक बीपीएससी को नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रस्ताव भेज देगा.
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अगले पांच वर्षों में करीब एक लाख नए शिक्षकों की नियुक्ति करना चाहती है. इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए हर साल लगभग 20 हजार शिक्षकों की भर्ती की जाएगी. सरकार का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करना और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है.
बिहार के शिक्षकों के ट्रांसफर पोस्टिंग के लिए पिछले 2 साल से काम हो रहा है इस दौरान 1.80 लाख शिक्षकों का ट्रांसफर भी हो चुका है इसके बावजूद प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकती इसकी वजह शिक्षक अपने घर के पास या फिर पटना, मुजफ्फरपुर, बक्सर ,सिवान, छपरा ,गोपालगंज और बाल्मीकि नगर वाले क्षेत्र में ट्रांसफर चाहते हैं।
ऐसे में ग्रामीण स्कूलों में शिक्षक विहीन होने का खतरा है बिहार के शिक्षकों की फर्स्ट चॉइस पटना, भागलपुर ,मुजफ्फरपुर ,गया और वैशाली है।
दूसरे राज्यों की शिक्षकों की पहली पसंद बक्सर सिवान छपरा गोपालगंज समेत बॉर्डर के जिले हैं ताकि वह आसानी से घर जा सके।
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