महाष्टमी व्रत व अन्नपूर्णा पूजन 26 मार्च को श्रद्धा भक्ति के साथ मनाई जायेगी
श्रीनारद मीडिया, दारौंदा, सीवन, (बिहार )।
सीवान जिला सहित दारौंदा प्रखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों में चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर इस वर्ष महाष्टमी पूजा को लेकर विशेष संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं और पंचांग के अनुसार महाष्टमी का व्रत 26 मार्च, गुरुवार को रखा जाएगा।
वहीं घर-घर में होने वाली नवमी (अन्नपूर्णा) शीतला पूजा भी इसी दिन दोपहर 2:15 बजे तक संपन्न की जाएगी, जिसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि 25 मार्च, बुधवार को शाम 4:30 बजे से शुरू हो जाएगी। इसी समय भद्रा का भी आरंभ हो जाएगा, जो रात्रि 3:23 बजे तक प्रभावी रहेगा। हिंदू धर्म में भद्रा काल को शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है, इसलिए अष्टमी पूजा इस अवधि में नहीं की जाती है। यही कारण है कि श्रद्धालु 26 मार्च को भद्रा समाप्त होने के बाद ही विधिपूर्वक महाष्टमी व अन्नपूर्णा पूजा करेंगे।
मंदिरों और घरों में इस दिन माता दुर्गा के अष्टम स्वरूप की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। भक्तगण व्रत रखकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में अन्नपूर्णा पूजा का विशेष महत्व है, जहां महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि और अन्न-धन की वृद्धि के लिए पूजा करती हैं।
पूजा को लेकर बाजारों में भी चहल-पहल बढ़ गई है। फल, फूल, पूजन सामग्री और सजावटी वस्तुओं की खरीदारी जोरों पर है। प्रशासन और स्थानीय समितियां भी मंदिरों में साफ-सफाई और व्यवस्था को लेकर सक्रिय हैं।
धार्मिक जानकारों का कहना है कि भद्रा समाप्ति के बाद किया गया पूजन अत्यंत फलदायी माना जाता है। ऐसे में श्रद्धालु शुभ मुहूर्त का ध्यान रखते हुए विधि-विधान से पूजा कर रहे हैं।