अगर लंबा चला तनाव तो भारत पर क्या होगा असर?
होर्मुज जल मार्ग बंद होने से भारत में गहरा सकता है ऊर्जा संकट
खामेनेई की मौत पर भड़के चीन और रूस
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की धड़कनें बढ़ा दी हैं। खाड़ी देशों में चल रहे तनाव के कारण दुनिया के बड़े हिस्से में कनेक्टिविटी प्रभावित हुई। दुबई, अबु धाबी सहित खाड़ी देशों के कई इंटरनेशल एयरपोर्ट बंद हैं। एअरपोर्ट बंद होने के कारण भारतीय एयरलाइन्स ने भी अपनी कई उड़ानें रद कर दी है।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का गंभीर असर भारत पर पड़ सकता है। शेयर बाजार, पेट्रोल-डीजल से महंगाई तक… आइए जानते हैं अगर मिडिल ईस्ट में यह तनाव लंबा रहा तो भारत पर इसका क्या-क्या असर पड़ सकता है?
33 किमी चौड़ा होमुर्ज
दरअसल, ईरान ने 33 किमी चौड़ा होर्मुज जल मार्ग को रोक दिया है। खाड़ी देशों से आने वाला बड़ा हिस्सा इसी रूट से गुजरता है। होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी के मुहाने पर एक संकरा समुद्री रास्ता है। इसके उत्तरी हिस्से में ईरान और दक्षिण में यएई व ओमान है।
लगभग 20-25% वैश्विक तेल सप्लाई इसी रूट से होकर गुजरती है। प्रतिदिन 2 करोड़ बैरल से ज्यादा क्रूड और पेट्रोलियम उत्पाद यहां से ट्रांजिट होते हैं। ऑर्गनाइजेशन ऑफ द पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज यानी ओपेक (OPEC) देश सऊदी अरब, इराक, यूएई, कुवैत और ईरान का एशियाई बाजारों, खासकर भारत और चीन को तेल भेजने का मुख्य रास्ता यही है।
पिछले वर्ष भारत के 50% कच्चे तेल और गैस की सप्लाई भी इसी रूट से आई थी। ऐसे में अगर यह तनाव लंबा रहा तो इसका सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और आपकी जेब पर पड़ सकता है। क्योंकि, पिछले कुछ महीनों से भारत ने रूसी तेल की हिस्सेदारी थोड़ी घटाई और मिडिल ईस्ट से खरीद बढ़ाई है।
भारत पर क्या होगा असर?
अगर मिडिल ईस्ट में यह तनाव लंबा खिंचा तो ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ सकता है। क्रूड ऑयल 3.6% महंगा होगा। कच्चे तेल की कीमतें 80 से 110 डॉलर तक जाने की आशंका है।जैसे-जैसे कच्चा तेल महंगा होग, वैसे-वैसे भारत में महंगाई बढ़ेगी। भारत का तेल आयात का बिल बढ़ने से उसके लिए ज्यादा डॉलर देने होंगे। इससे डॉलर मजबूत होगा और रुपया कमजोर होगा।
अगर यह तनाव लंबा चला तो सोने-चांदी की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है। सोना 1.90 लाख रु. प्रति 10 ग्राम तो चांदी 3.5 लाख रु. किलो तक पहुंच सकती है।
खामेनेई की मौत पर भड़के चीन और रूस
यूएस-इजरायल के साझा हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर रूस और चीन दोनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मॉस्को और बीजिंग के नेताओं ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है और मिलिट्री ऑपरेशन तुरंत रोकने की अपील की है।
86 साल के खामेनेई ईरानी मिलिट्री और सरकारी जगहों पर एक बड़े हवाई हमले में मारे गए। उनकी मौत ने इस इलाके में नई अस्थिरता पैदा कर दी है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में खाड़ी में मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
पुतिन ने क्या कहा?
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने खामेनेई की मौत को कानून का निंदनीय उल्लंघन बताया। न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, पुतिन ने इस मौत को इंसानी नैतिकता और इंटरनेशनल कानून के सभी नियमों का निंदनीय उल्लंघन बताया। क्रेमलिन द्वारा पब्लिश और ईरानी प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन को लिखे एक लेटर में पुतिन ने खामेनेई की मौत पर गहरी संवेदना जताई।
चीन ने क्या कहा?
चीन ने भी इसकी कड़ी निंदा की। एएफपी के मुताबिक, बीजिंग ने कहा कि यह मौत ईरान की सॉवरेनिटी और सिक्योरिटी का गंभीर उल्लंघन है। यूएन चार्टर के मकसद और सिद्धांतों और इंटरनेशनल रिलेशन के बेसिक नियमों को कुचलना है।
विदेश मंत्रालय ने कहा, “चीन इसका कड़ा विरोध करता है और इसकी कड़ी निंदा करता है और मिलिट्री ऑपरेशन को तुरंत रोकने की मांग करता है।” चीनी सरकारी मीडिया ने बताया कि रूसी पक्ष की तरफ से शुरू की गई कॉल में, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने सर्गेई लावरोव से फोन पर बात की।
चीन की शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के मुताबिक, बातचीत के दौरान वांग ने कहा, “अमेरिका और इजरायल द्वारा एक आजाद नेता की खुलेआम हत्या और सरकार बदलने के लिए उकसाना मंजूर नहीं है।”
अमेरिका और इजरायल के हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत से बौखलाया ईरान बदला लेने के लिए पूरी ताकत के साथ जवाबी कार्रवाई कर रहा है। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने ओमान के तट के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे एक तेल टैंकर पर हमला किया है।
पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर पर ओमान के मुसंदम पेनिनसुला के पास हमला हुआ। यह हमला देश के दुकम पोर्ट पर ड्रोन हमलों के बाद हुआ। ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर (MSC) ने बताया कि हमले में कम से कम चार लोग घायल हुए हैं।
15 भारतीय क्रू मेंबर थे सवार
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया भर में तेल शिपिंग के लिए एक रणनीतिक रास्ता है, जिसे दुनिया का सबसे संवेदनशील समुद्री चोकपॉइंट बताया गया है। ओमान एमएससी के अनुसार, तेल टैंकर, स्काईलाइट और 20 लोगों के क्रू के साथ चल रहा था, जिसमें 15 भारतीय और पांच ईरानी नागरिक शामिल थे। मुसंदम में खासाब पोर्ट से पांच नॉटिकल मील दूर हुए हमले के बाद क्रू को निकाल लिया गया।
एमएससी ने क्या कहा?
एमएससी ने एक पोस्ट में कहा, “मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर ने बताया है कि रिपब्लिक ऑफ (पलाऊ) के झंडे वाले तेल टैंकर (SKYLIGHT) को मुसंदम गवर्नरेट में खासाब पोर्ट से 5 नॉटिकल मील उत्तर में टारगेट किया गया था और टैंकर के सभी क्रू मेंबर्स, जिनमें 15 भारतीय और 5 ईरानी नागरिक मिलाकर 20 लोग शामिल थे, उनको निकाल लिया गया है।”
यह पहली बार है जब ओमान में या उसके आस-पास किसी टारगेट पर हमला हुआ है। यूएस-इजराइल के मिले-जुले हमलों के जवाब में ईरान की कार्रवाई के बाद खाड़ी देश एक नए युद्ध में उलझ गए हैं।
