होली पर घर लौटते ही मिलेगी ‘सुरक्षा की खुराक’, प्रवासियों को खिलाई जाएगी फाइलेरिया रोधी दवा
• रेलवे स्टेशन और चौक-चौराहों पर लगेगा बूथ
• जिले में एक सप्ताह तक चलेगा मॉप-अप राउंड
• दूसरे राज्यों से आने वाले लाभार्थियों को विशेष रूप चिन्हित कर खिलायी जायेगी दवा
• स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर खिलाएंगी फाइलेरिया रोधी दवा
श्रीनारद मीडिया, पंकज मिश्रा, अमनौर, छपरा (बिहार):

होली में घर आने वाले प्रवासियों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलायी जायेगी। जिले में 10 से 27 फरवरी तक सर्वजन दवा सेवन अभियान चलाया गया था इस अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता द्वारा 14 दिनों तक घर-घर जाकर और 3 दिन बूथ लगाकर लक्षित लाभार्थियों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलायी गयी थी। अब छूटे हुए लोगों दवा खिलाने के लिए एक सप्ताह तक मॉप-अप राउंड चलाया जायेगा। इसके साथ हीं होली में घर आने वाले प्रवासियों को भी विशेष अभियान के तहत फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलायी जायेगी। इसको लेकर अपर निदेशक सह फाइलेरिया के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. श्यामा राय के द्वारा पत्र जारी कर सिविल सर्जन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया है।
15 मार्च तक चलेगा मॉप-अप राउंड:
भारत सरकार के NCVBDC (नेशनल सेंटर फॉर वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल) की गाइडलाइन के अनुसार 14 दिवसीय घर-घर गतिविधि और 3 दिवसीय बूथ गतिविधि के बाद एक सप्ताह का मॉप-अप अभियान चलाया जाना अनिवार्य है। होली पर्व के दौरान शासकीय अवकाश को ध्यान में रखते हुए मॉप-अप गतिविधि की समय-सीमा अधिकतम 15 मार्च 2026 तक निर्धारित की गई है। इस दौरान उन क्षेत्रों और व्यक्तियों को चिन्हित कर दवा सेवन कराया जाएगा, जो अब तक अभियान से वंचित रह गए हैं।
प्रवासी मजदूरों पर विशेष फोकस
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि बिहार से बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए अन्य राज्यों में जाते हैं और होली जैसे पर्व के अवसर पर घर लौटते हैं। ऐसे में प्रवासी (Migrants) लोगों तक दवा पहुंचाना इस अभियान की सबसे बड़ी चुनौती है। यदि इस वर्ष इन लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा नहीं दी जा सकी, तो संक्रमण की कड़ी टूटने में एक और वर्ष का विलंब हो सकता है। इसलिए विशेष रणनीति के तहत टेम्पो स्टैंड, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, प्रमुख चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बूथ लगाकर दवा सेवन कराया जायेगा।
शत-प्रतिशत दवा सेवन सुनिश्चित करना आवश्यक
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. भूपेंद्र कुमार ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए शत-प्रतिशत दवा सेवन सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसके लिए राज्य स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि जिला को फाइलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य समय पर हासिल किया जा सके।
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