सरलता के प्रतिमूर्ति थे मेरे पिता स्वं डाॅ.रामेश्वर सिंह- राकेश कुमार सिंह
19वीं पुण्यतिथि के अवसर पर शत-शत नमन
भारतीय रेल में आपने 33 वर्षों तक सेवा दी
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

सीवान जिले में पचरुखी प्रखंड अंतर्गत सुरवाला गांव निवासी शिक्षक राकेश कुमार सिंह के पिता स्वर्गीय डॉक्टर रामेश्वर सिंह ईमानदारी और सरलता के प्रतिमूर्ति थे।
बकौल आपके द्वितीय पुत्र राकेश कुमार के अनुसार मेरे पिता स्वर्गीय स्व•डा •रामेश्वर सिंह आज ही के दिन एक अप्रैल 2007 को हमलोगों को छोड़ परलोक चले गये। अगस्त 1940 में जन्में आपको काल के क्रूर हाथों ने मात्र तीन वर्षों में आपकी माताजी (मेरी दादी) स्व• भगवती देवी को छीन लिया।पटना के मसौढ़ी थाना क्षेत्र के घोरहुआं गांव में आपका लालन-पालन आपकी फुआ के यहां हुआ।
नूरा उच्च विद्यालय से मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण होने के उपरांत आप अपने जन्म स्थल सुरवाला लौटे।डीएवी कॉलेज से स्नातक उत्तीर्ण होने के उपरांत सन 1965 में आप रेलवे विभाग में धनबाद में नियुक्त हुए। वहां आसनसोल, सोनपुर, छपरा,सिवान आदि होते हुए स्टेशन अधीक्षक पद से वर्ष 2003 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली।
कुल तैंतीस वर्षों से अधिक की सेवा में इस दौरान अपने दो भाईयों एवं तीन बहनों (दादाजी की दूसरी शादी से उत्पन्न) पढ़ाई-लिखाई,नौकरी में भेजा और शादी की।इस दौरान अनगिनत लोगों की सेवा की,उन्हें पढ़ाया,बच्चों को मुफ्त ट्यूशन दी।नौकरी के ही दौरान आप बिहार विश्वविद्यालय से होम्योपैथी की डिग्री ली।
एक होम्योपैथ चिकित्सक होने के नाते अनगिनत लोगों को अपनी चिकित्सा से आरोग्य किया।आपके द्वारा बताएं मार्गों पर हम चार भाई और एक बहन हमेशा चलने का प्रयास करते हैं।सेवा की भावना हमें विरासत में मिली है।हमलोग जो कुछ भी हैं,आपके आशीर्वाद से हैं।जीवन के कठिन पलों में भी आपका मुस्कुराता चेहरा हमेशा याद आता है।
भला कर और भूल जा के सिद्धांत पर चलने वाले आप इतने सीधे व्यक्ति थे कि लोग हमेशा कहते थे कि व्यक्ति को इतना सीधा नहीं होना चाहिए।क्योंकि सीधे वृक्ष पहले काटे जाते थे।आपका साथ प्रतिक्षण-प्रतिपल याद आता है।जीवन के संघर्षशील पथ पर हम चार भाई उतनी उपलब्धियां तो प्राप्त नहीं कर पाये परंतु जो कुछ भी हैं आपके आशीर्वाद से ही है।एक बात यह जरूर कचोटती है कि आपके जीवनकाल में आप हम सभी की छोटी ही सही तरक्की नहीं देख पाये।
आज आपकी पुण्यतिथि है। किसी तरह से अपनी भावनाओं को शब्दों में पिरोया है।आपको नमन ,आपका आशीर्वाद बना रहे।बस यही प्रार्थना है।आप भले ही भौतिक रूप से हमारे साथ नहीं हैं,लेकिन आसपास प्रतिक्षण और प्रतिपल महसूस होते हैं।
वहीं वरीय पत्रकार राजेश पांडेय का कहना है कि रामेश्वर चाचा जी की पुण्यतिथि पर मैं उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं। रामेश्वर चाचा जी का व्यक्तित्व सदैव सरलता एवं ईमानदारी के लिए जाना समझ जाएगा। उनका जब भी स्मरण होता है उनकी कार्य के लिए प्रतिबद्घता, कर्तव्य परायणता मस्तिष्क में कौंध जाती है। सोनपुर से लेकर सीवान तक उनकी कार्य शैली और दिनचर्या को मैं व्यक्तिगत रूप से देखता-समझता रहा।
आज उनकी 19वीं पुण्यतिथि है।
प्रभु उन्हें सदैव शांति प्रदान करें।-राजेश पाण्डेय।
आभार- राकेश कुमार सिंह
