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पीएम मोदी ने चाय की पत्तियां तोड़ीं और सेल्फी भी ली

पीएम मोदी ने चाय की पत्तियां तोड़ीं और सेल्फी भी ली

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

असम में विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिब्रूगढ़ में एक चाय बागान का दौरा किया। उन्होंने चाय को “असम की आत्मा” बताया। इस दौरान पीएम मोदी ने चाय की पत्तियां तोड़ीं और कर्मियों के साथ सेल्फी भी ली।

पीएम मोदी ने एक्स पर इस दौरे की तस्वीरें भी शेयर कीं और लिखा, “चाय असम की आत्मा है! यहां की चाय पूरी दुनिया में पहुंच चुकी है। आज सुबह डिब्रूगढ़ में मैंने एक चाय बागान का दौरा किया और वहां काम करने वाली महिलाओं से बातचीत की। यह एक बहुत ही यादगार अनुभव था।”

‘असम का बढ़ाया गौरव’

उन्होंने आगे कहा, “हमें हर चाय बागान परिवार के प्रयासों पर बहुत गर्व है। उनकी कड़ी मेहनत और लगन ने असम का गौरव बढ़ाया है। यहां डिब्रूगढ़ के एक चाय बागान की कुछ और झलकियां हैं।” पीएम मोदी ने चाय बागान में काम करने वाली महिलाओं के साथ एक सेल्फी भी शेयर की।असम स्टेट पोर्टल के अनुसार, राज्य हर साल लगभग 630–700 मिलियन किलोग्राम चाय का उत्पादन करता है, जो भारत के कुल उत्पादन का आधे से भी ज्यादा है।

असम में कब होना है चुनाव?

असम की सभी 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होगा और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। इसी दिन तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी वोटों की गिनती होगी और चुनाव भी इसी समय के आसपास होंगे। असम में 2016 से भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए सत्ता में है। इसी साल पार्टी ने राज्य में अपना पहला विधानसभा चुनाव जीता था।

बागानकर्मी महिलाओं को किया नमन

पीएम मोदी ने डिब्रूगढ़ के चाय बागान में न सिर्फ पत्तियों को तोड़ा बल्कि वहां पर काम करने वाली महिलाओं को हाथ जोड़कर नमन किया। पीएम मोदी कुछ तस्वीरों में महिलाओं से बातचीत भी कर रहे हैं। पीएम मोदी असम के दौरे पर चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे हैं। असम में 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। वोटिंग की तारीख नजदीक आने के साथ ही राज्य में चुनाव प्रचार जोरों पर चल रहा है। असम में चुनाव प्रचार सात अप्रैल की शाम को थम जाएगा। राज्य में बीजेपी ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को अपना सीएम फेस बरकरार रखा है। कांग्रेस ने पूर्व सीएम तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई को आगे किया है।

असम में बड़ी है चाय बागानकर्मियों की संख्या

असम में असम में चाय बागानों की संख्या 800 के करीब है। इन्हें Tea Estates के तौर जाना जाता है। इन चाय बागान में काफी बेहद पुराने हैं और ब्रिटिश काल से ही संचालित हैं। राज्य में 1,00,000 से अधिक छोटे चाय बागान हैं। ये छोटे बागान राज्य के कुल चाय उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। चाय उद्योग असम की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसमें लाखों लोग कार्यरत हैं। एक अनुमान के अनुसा असम के चाय उद्योग में प्रत्यक्ष रूप से लगभग 10 लाख मजदूर कार्यरत हैं। यदि मजदूरों के परिवारों और पूर्व-चाय बागान श्रमिकों को भी शामिल किया जाए, तो यह समुदाय राज्य की कुल जनसंख्या का लगभग 15 से 20 प्रतिशत पहुंच सकती है। जिसकी कुल संख्या लगभग 70 लाख के करीब है। पीएम मोदी ने चुनावी मौसम में चाय बागान में जाकर और वहां काम करने वाली महिलाओं से बातचीत करके बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला है।

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