सीवान के विद्या भारती विद्यालयों का शानदार प्रदर्शन, शशिकांत बने जिला टॉपर
महावीरी विद्यालय, विजयहाता के छात्र सुधांशु तिवारी द्वितीय व महावीरी विद्यालय, बरहन गोपाल की छात्रा कनन नंदनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
श्रीनारद मीडिया, सीवान (बिहार)

लोक शिक्षा समिति, बिहार द्वारा सीवान जिले में संचालित विद्या भारती विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सीबीएसई दसवीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपने विद्यालयों के साथ-साथ विद्या भारती का नाम भी गौरवान्वित किया है।
उल्लेखनीय है कि जिले में महावीरी सरस्वती विद्या मंदिर के नाम से विद्या भारती विद्यालयों का संचालन किया जाता है। बुधवार देर शाम घोषित सीबीएसई परीक्षा परिणाम में सरस्वती विद्या मंदिर, महाराजगंज के छात्र शशिकांत ने 98% अंक प्राप्त कर जिले में सर्वोच्च स्थान हासिल किया।
वहीं, महावीरी विद्यालय, विजयहाता के छात्र सुधांशु तिवारी ने 96% अंक प्राप्त कर विद्यालय समूह में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
इसी क्रम में महावीरी विद्यालय, बरहन गोपाल की छात्रा कनन नंदनी ने 95.4% अंक लाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया।
विद्या भारती विद्यालयों के मीडिया समन्वयक नवीन सिंह परमार ने जानकारी दी कि शैक्षिक सत्र 2025-26 में सिवान जिले के महावीरी विद्यालयों से कुल 622 छात्र-छात्राओं ने सीबीएसई दसवीं बोर्ड परीक्षा में भाग लिया था।
इस वर्ष सभी छात्र-छात्राएं सफल रहे, जिससे 100% परिणाम दर्ज किया गया। इनमें से 15 विद्यार्थियों ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किए हैं।
इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर लोक शिक्षा समिति, बिहार के प्रदेश सचिव रामलाल सिंह, विभाग निरीक्षक अनिल कुमार राम, महावीरी विद्यालय विजयहाता के अध्यक्ष डॉ. शरद चौधरी, सचिव प्रो. शम्भू प्रसाद, प्रधानाचार्य डॉ. कुमार विजय रंजन, बरहन गोपाल विद्यालय के अध्यक्ष ओमप्रकाश दुबे, सचिव पारस नाथ सिंह, प्रधानाचार्य रविन्द्र राय, सरस्वती विद्या मंदिर, महाराजगंज के अध्यक्ष राजेश्वर परासर, सचिव शिवेंद्र विनोद कुशवाहा,
प्रधानाचार्य शम्भू शरण तिवारी, महावीरी बालिका विद्यालय की अध्यक्ष डॉ. ममता सिंह, कौशलेंद्र प्रताप, सचिव प्रो. रीता कुमारी, सह सचिव डॉ. सुधांशु त्रिपाठी, प्रधानाचार्य सिम्मी कुमारी तथा विद्या भारती पूर्व छात्र परिषद, सिवान के संयोजक समर प्रताप सिंह सहित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने सफल छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
