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दुगो शब्द झाल+मुड़ी से मिल के बनल बाऽ !

दुगो शब्द झाल+मुड़ी से मिल के बनल बाऽ !

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

बंग्ला में झाल माने तीत आ मुड़ी माने फरुही,मुड़मुरे भा चाऊर के लावा होला !
बंगाली लोग मुड़ी खूब खाला एह लोग के नास्ता से लेके खाना तक कही ना कही मुड़ी रहेला !
सबेरे कुछ ना मिलल तऽ मुड़ी आ दुगो बेगुनी ( बैगन के बाज्का ) आ आधा पाव मुड़ी हो गईल पुरहर नास्ता ! अब दुपहरिया में कुछ ना मिलल तऽ चिकेन के सिरुआ के साथे मुड़ी माख के भर पेट पेट पूजा हो जाला आ सांझि खा कुछ चटर-पटर खाए के मन भईल तऽ बन गइल झाल मुड़ी…

झालमुड़ी बनावे खातिर सबसे पहिले मुड़ी आ झाल खातिर हरियर मरिचा चाहीं.. ओकरी बाद रउरा बेसन के सेवा,दालमूट,बादाम,खीरा,धनिया पाता,पिआज,नुन आ सरिसो के तेल ! सब काट-कूट के डाल दी आ बढ़िया से फेट-मिला के सबके खिआई आ अपनो खाई ! झालमुड़ी वाकई बहुते टेस्टी होखेलाऽ ! हमहु खाईले आ घर के लोग कहेला कि बहुते निमन बनइबो करिले !

झालमुड़ी खाली खाए आ खिआवे के चीज ना हवेऽ बंगाल में इ जीए आ जिआवे के रोजगार हवे ! स्टेशन,पार्क, ट्रेन भा बाजार में न जाने केतने लोग झालमुड़ी बेच के जिअतऽ बा आ अपना परिवार के जिआवतऽ बा ! आज बंगाल में जेतना कल कारखाना रहेऽ उ बंद बा भा बंद होखे के कगार पर बा ! रोजगार के नाव पर झालमुड़ी बांचल बा जवना से बहुत लोग के पेट भरत बा ! मोदीजी इहे देखावे प्रयास कईले रहले !
जहिया से मोदीजी झालमुड़ी खईले ओही दिने से विरोधी लोग के अइसन परपराए लागलऽ कि सोशल मिडिया पर खाली इहे एगो पोस्ट लउकत बा !

रवा मोदी के विरोध करी बाकिर इ जान लिहि कि एहबेरी बंगाल में कुछ अलगे कहानी बा ..गोल डरे बोलतऽ नईखे बाकिर सभे परिवर्तन चाहत बा..एगो मुस्लिम वोटर के छोड़ि के ! उहे एही ला साथे बारन कि उनका लगे विकल्प नईखे..एह लोग खातिर ममता जरुरी आ मजबुरी बाड़ी !
हमारा बात से हो सकेला बहुत लोग के झाल (तीत) लागे बाकिर बंगाल में अबकी दीदी पर मोदी भाड़ी लागत बारन ! अभी तक के रूझान से लागत बा कि अबकी बंगाल में परिवर्न जरूर होई !

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