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आप के सात सांसद अब भाजपा के साथ

आप के सात सांसद अब भाजपा के साथ

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

आम आदमी पार्टी को बहुत बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। उसके तीन राज्यसभा सांसद शुक्रवार (24 अप्रैल, 2026) को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए हैं। इससे पहले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने इन सांसदों के भाजपा में शामिल होने की घोषणा की थी।

संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आप सांसद राघव चड्ढा ने कहा था, “हमने यह फैसला किया है कि राज्यसभा में आप के दो-तिहाई सदस्य होने के नाते हम भारत के संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए खुद को भाजपा में मिला लेंगे।”

राघव चड्ढा ने दिल्ली स्थित भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के कार्यालय में उनसे मुलाकात की और पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

आम आदमी पार्टी को लगा बड़ा झटका

इससे पहले राघव चड्ढा ने घोषणा की कि वह आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसदों में से दो-तिहाई सांसदों के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे। इस कदम को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है और यह घटनाक्रम पार्टी के भीतर कथित तौर पर उनका कद घटाए जाने की खबरों के कुछ ही हफ्तों बाद सामने आया है।

राघव ने दी जानकारी
राघव ने एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा, आज संविधान के प्रावधानों के तहत यह बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हुआ। आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई से अधिक राज्यसभा सांसद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। कुल सात सांसदों ने इस विलय संबंधी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। इन दस्तावेजों को राज्यसभा के माननीय सभापति को सौंपा गया। तीन सांसदों ने व्यक्तिगत रूप से ये हस्ताक्षरित दस्तावेज सौंपे।

भाजपा में कर लेंगे विलय
राघव चड्ढा ने राज्य सभा सांसद संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि हमने फैसला किया है कि हम, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य, भारत के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए भाजपा में विलय कर लेंगे। इसके अलावा उन्होंने यह भी जानकारी दी कि स्वाति मालीवाल और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह भी भाजपा में शामिल होंगी।

‘गलत पार्टी में सही आदमी’
राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने अपने खून-पसीने से पार्टी को सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए। उनके अनुसार, पार्टी अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिकता से पूरी तरह भटक गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अब देश या राष्ट्रीय हित के लिए काम नहीं कर रही है। बल्कि, यह व्यक्तिगत लाभ के लिए कार्य कर रही है। चड्ढा ने महसूस किया कि वह गलत पार्टी में सही आदमी हैं।

मेरा मकसद देश के लिए कुछ बड़ा करने का- संदीप पाठक
संदीप पाठक ने इस दौरान कहा कि मैंने अपने जीवन में नहीं सोचा था ये स्थिति आएगी, और ये आ गई। मैं किसान परिवार से आया फिर पढ़ाई लिखाई की। मैं राजनीति में सिर्फ इस मकसद से आया कि देश के लिए कुछ बड़ा कर सकूं। देश सेवा के मकसद से ही आम आदमी पार्टी में जुड़ा था।

राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के कुल 10 सदस्य थे।

  • राघव चड्ढा
  • संजय सिंह
  • स्वाति मालीवाल
  • हरभजन सिंह
  • राजेंद्र गुप्ता
  • विक्रमजीत साहनी
  • नारायण दास गुप्ता
  • अशोक कुमार मित्तल
  • संदीप पाठक

संत बलबीर सिंह।

कैसे बिगड़ी थी बात
दरअसल केजरीवाल और राघव चड्ढा में दूरियां उसी दिन से नजर आने लगी थी जब केजरीवाल जेल में थे और राघव अपनी पत्नी परिनीति के साथ लंदन में घूमते व मस्ती की फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे थे। राघव को लोकसभा चुनाव में भी पंजाब से दूर रखा गया। औपचारिक तौर पर वे श्री आनंदपुर साहब सीट पर नजर आए थे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ समय से राघव चड्ढा पार्टी के अहम मुद्दों पर अपेक्षाकृत शांत नजर आ रहे थे।

विपक्ष जहां इसे आप के अंदरूनी मतभेद का संकेत बता रहा है। वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह और नए उपनेता डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने इसे एक सामान्य संगठनात्मक प्रक्रिया करार दिया है, जिसका मकसद अन्य सांसदों को भी जिम्मेदारी देना है।

आप को हो गया था आभास
आम आदमी पार्टी को इस टूट का आभास हो गया था। राघव चड्ढा की प्रेस कांफ्रेंस से कुछ देर पहले पार्टी के पंजाब महासचिव और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने आरोप लगाया कि अमित शाह ने आम आदमी पार्टी तोड़ने की साजिश रची है। पन्नू ने चड्ढा पर आरोप लगाया था कि वह आम आदमी पार्टी के कई राज्यसभा सांसदों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। अमित शाह ने राघव चड्ढा को आप सांसद तोड़कर लाने पर केंद्रीय मंत्री बनाने का आश्वासन दिया है। ईडी की रेड के जरिये सांसद पर राघव चड्ढा की पार्टी में शामिल होने का दबाव बनाया जाता है।

आप सांसदों के इस्तीफे की चर्चा के बीच फरीदाबाद में की गई बैठक
आम आदमी पार्टी के सांसदों के पार्टी छोड़ने की खबर के बीच फरीदाबाद इकाई में संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिला अध्यक्ष रविंद्र फौजदार ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर मौजूदा स्थिति पर चर्चा की और आगे की रणनीति तय की।

बैठक में फौजदार ने कहा कि इस तरह के घटनाक्रम से पार्टी की मजबूती और कार्यकर्ताओं के मनोबल पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है बल्कि यह कार्यकर्ताओं और विचारधारा पर आधारित संगठन है। ऐसे में यदि कुछ लोग व्यक्तिगत कारणों से पार्टी छोड़ते हैं तो इससे संगठन की जड़ों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने और जनता के बीच लगातार संवाद बनाए रखने पर जोर दिया गया। साथ ही आने वाले समय में संगठन को और मजबूत करने के लिए बूथ स्तर तक गतिविधियां बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

फौजदार ने केंद्र की एजेंसियों के दबाव का भी जिक्र करते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को प्रभावित करने की कोशिशें हो रही हैं लेकिन पार्टी का कार्यकर्ता इन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों पर कायम रहेगा। बैठक के अंत में कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने और ईमानदार राजनीति के एजेंडे को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

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