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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए विपक्ष ने राज्यसभा में नया नोटिस दिया

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए विपक्ष ने राज्यसभा में नया नोटिस दिया

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी पार्टियों ने आज शुक्रवार को राज्यसभा में एक नया नोटिस दिया। इस नोटिस में ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग रखी गई है। इस नोटिस पर 73 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त पर साबित दुर्व्यवहार के आधार पर नौ आरोप हैं। जयराम रमेश ने ज्ञानेश कुमार के पद पर बने रहने को संविधान पर हमला बताया।

CEC को हटाने के लिए एकजुट हुआ विपक्ष

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘राज्यसभा में 73 विपक्षी सांसदों ने अभी-अभी महासचिव को एक नया प्रस्ताव नोटिस सौंपा है। इसमें भारत के राष्ट्रपति को एक संबोधन पेश करने की मांग की गई है, जिसमें भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार को हटाने की प्रार्थना की गई है।’

मार्च में भी लाया गया था हटाने का प्रस्ताव

इससे पहले 12 मार्च को, राज्यसभा के कुल 63 और लोकसभा के 130 विपक्षी सांसदों ने अपने-अपने सदन में ऐसा प्रस्ताव दिया था। हालांकि, नोटिस को राज्यसभा के सभापति राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 6 अप्रैल को साक्ष्यों के अभाव के आधार पर खारिज कर दिया था। नए प्रस्ताव में ज्ञानेश कुमार पर ‘आचार संहिता के प्रवर्तन में लगातार पक्षपातपूर्ण विषमता’ का आरोप है, जिसमें 18 अप्रैल के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का भी हवाला है।

जयराम रमेश ने आगे लिखा, ‘इसका आधार ‘साबित दुर्व्यवहार’ है, जिसमें 15 मार्च 2026 को और उसके बाद किए गए कार्य और चूक शामिल हैं। यह भारत के संविधान के अनुच्छेद 324(5) (अनुच्छेद 124(4) के साथ पढ़ा जाए।’ मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 की धारा 11(2) और न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के दायरे में आता है।

कांग्रेस नेता ने बताया, ‘अब CEC के खिलाफ नौ खास आरोप हैं, जिन्हें बहुत विस्तार से दस्तावेजों में दर्ज किया गया है और जिन्हें नकारा या छिपाया नहीं जा सकता। उनका पद पर बने रहना संविधान पर हमला है। यह बेहद शर्मनाक है कि यह व्यक्ति अभी भी अपने पद पर बना हुआ है और प्रधानमंत्री-गृह मंत्री के इशारों पर काम कर रहा है।’

इससे पहले लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 विपक्षी सदस्यों ने बीते 12 मार्च को दोनों सदनों में कुमार के खिलाफ नोटिस सौंपा था। हालांकि राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छह अप्रैल को इसे अस्वीकार कर दिया था। विपक्षी सांसदों ने अपने पहले के नोटिस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार पर कार्यपालिका के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। इसके अलावा, उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के माध्यम से लोगों को बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करने का भी आरोप लगाया था।

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