बिहार के शपथ ग्रहण समारोह में 32 मंत्रियों ने शपथ ली
BJP से 15, JDU से 13, कुल 32 ने ली मंत्री पद की शपथ
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह खत्म हो गया है, जहां निशांत कुमार, विजय सिन्हा श्रवण कुमार और लेसी सिंह जैसे 32 मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह और नीतीश कुमार की मौजूदगी में शपथ ग्रहण की. इस भव्य समारोह में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी भाग लिया.
सूत्रों के मुताबिक, सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड से 16-16 मंत्रियों ने शपथ ली. NDA सरकार में शामिल बीजेपी, जेडीयू, एलजेपी(आर) और HAM के कोटे से कुल 32 विधायकों को आज मंत्री पद की शपथ लेने की सूचना दी गई थी.
सवर्ण समीकरण में राजपूत-भूमिहार पर ज्यादा फोकस
इस बार सम्राट सरकार के कैबिनेट विस्तार में सवर्ण समाज के भीतर राजपूत और भूमिहार नेताओं को ज्यादा प्राथमिकता मिली है. बीजेपी और सहयोगी दलों से राजपूत समाज के चार नेताओं को जगह मिली है, जबकि भूमिहार समाज से भी तीन चेहरे शामिल किए गए हैं. ब्राह्मण समाज को भी दो प्रमुख चेहरे मिले हैं. वहीं सम्राट कैबिनेट में सबसे ज्यादा जोर अति पिछड़ा और दलित वर्ग पर दिखाई देता है. जेडीयू और बीजेपी दोनों ने मिलकर निषाद, धानुक, चंद्रवंशी, गंगोता, मुसहर और रविदास समुदाय से कई नेताओं को मौका दिया है. इसके अलावा दलित समाज से भी कई चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है. एनडीए की रणनीति साफ तौर पर उन वर्गों को मजबूत संदेश देने की मानी जा रही है, जो बिहार की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाते हैं.
सम्राट कैबिनेट में इस जाति से एक भी मंत्री नहीं
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बने नए बिहार मंत्रिमंडल में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की पूरी कोशिश दिखाई दे रही है. एनडीए ने इस बार सवर्ण, पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों को प्रतिनिधित्व देकर व्यापक सामाजिक संदेश देने की रणनीति अपनाई है. लेकिन इन तमाम समीकरणों के बीच एक ऐसी जाति भी है, जिसे इस बार मंत्रिमंडल में एक भी जगह नहीं मिल पाई. इसे लेकर अब राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है.
दरअसल सम्राट कैबिनेट में यादव, कुर्मी, राजपूत, भूमिहार, ब्राह्मण, वैश्य, दलित, मुसहर, निषाद और कुशवाहा समेत कई बड़ी जातियों को प्रतिनिधित्व मिला है. लेकिन कायस्थ समाज से इस बार एक भी चेहरा मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया. बिहार की राजनीति में प्रभावशाली माने जाने वाले इस समाज को प्रतिनिधित्व नहीं मिलने पर सवाल उठने लगे हैं. हालांकि बता दें, बीजेपी ने इसी साल जनवरी महीने में कायस्थ समुदाय से आने वाले नितिन नवीन को बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर बड़ा मैसेज दिया है.
सम्राट चौधरी सरकार के कैबिनेट विस्तार में किसे-किसे शपथ दिलाई गई
| 1 | श्रवण कुमार | 8 | दामोदर रावत | 15 | रमा निषाद | 22 | श्रेयसी सिंह | 29 | रामचंद्र प्रसाद |
| 2 | विजय कुमार सिन्हा | 9 | संजय सिंह ‘टाइगर’ | 16 | रलेश सादा | 23 | मो० जमा खान | 30 | संजय कुमार सिंह |
| 3 | डॉ० दिलीप कुमार जायसवाल | 10 | अशोक चौधरी | 17 | कुमार शैलेन्द्र | 24 | नन्दकिशोर राम | 31 | संजय कुमार |
| 4 | निशांत | 11 | भगवान सिंह कुशवाहा | 18 | शीला कुमारी | 25 | शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल | 32 | दीपक प्रकाश |
| 5 | लेशी सिंह | 12 | अरुण शंकर प्रसाद | 19 | केदार प्रसाद गुप्ता | 26 | डॉक्टर प्रमोद कुमार | ||
| 6 | राम कृपाल यादव | 13 | मदन सहनी | 20 | लखेन्द्र कुमार रोशन | 27 | श्वेता गुप्ता | ||
| 7 | नीतिश मिश्रा | 14 | डॉ० संतोष कुमार सुमन | 21 | सुनील कुमार | 28 | मिथिलेश तिवारी |
