Headlines

सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल ने ने राज्यपाल को सौंपी विधायकों की सूची

सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल ने ने राज्यपाल को सौंपी विधायकों की सूची

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क 

ममता बनर्जी के इस्तीफा देने से इनकार के बीच पश्चिम बंगाल में बुधवार को एक बड़ा संवैधानिक कदम उठाया गया. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल ने लोक भवन जाकर राज्यपाल आरएन रवि से मुलाकात की.

नयी सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू करेंगे राज्यपाल

इस दौरान उन्होंने नवनिर्वाचित विधायकों के नामों वाली आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना (Gazette Notification) राज्यपाल को सौंप दी. यह एक अनिवार्य वैधानिक प्रक्रिया है, जो चुनाव नतीजों के बाद नयी विधानसभा के गठन का रास्ता साफ करती है. अब सबकी नजरें राज्यपाल पर टिकी हैं, क्योंकि वे जल्द ही नयी सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं.

निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी पूरी, अब राजभवन लेगा फैसला

लोक भवन से बाहर निकलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि फालता विधानसभा सीट को छोड़कर बाकी राज्य में आयोग की भूमिका अब खत्म हो चुकी है. सीईओ ने बताया कि निर्वाचित विधायकों की सूची सौंपना एक संवैधानिक नियम है, जिसे आज पूरा कर लिया गया.

अब गेंद राज्यपाल के पाले में

मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा- अब विधानसभा का गठन करना और सरकार बनाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना लोक भवन का काम है. फालता निर्वाचन क्षेत्र में मतदान प्रक्रिया पूरी करने के अलावा निर्वाचन आयोग का काम अब समाप्त हो गया है. राजपत्र अधिसूचना सौंपने का मतलब है कि अब तकनीकी और कानूनी रूप से नयी विधानसभा अस्तित्व में आने के लिए तैयार है.

ममता बनर्जी की जिद और संवैधानिक संकट

लोक भवन में हुई इस हलचल ने बंगाल की राजनीति में सस्पेंस बढ़ा दिया है. भाजपा ने 294 में से 207 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया है, लेकिन निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अभी तक इस्तीफा नहीं दिया है. राजपत्र अधिसूचना मिलने के बाद अब राज्यपाल बहुमत वाली पार्टी (भाजपा) के नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं.

संवैधानिक चुनौती

जानकारों का मानना है कि यदि ममता बनर्जी इस्तीफा नहीं देती हैं, तो राज्यपाल इस राजपत्र अधिसूचना के आधार पर नयी विधानसभा गठित कर सकते हैं, जिससे पुरानी कैबिनेट स्वतः भंग मानी जायेगी.

बहुमत बनाम अल्पमत का गणित

इस चुनाव में भाजपा ने 15 साल पुराने तृणमूल शासन को उखाड़ फेंका है. तृणमूल कांग्रेस केवल 80 सीटों पर सिमट गयी है. अधिसूचना सौंपे जाने के बाद अब भाजपा के विधायक दल के नेता की घोषणा और शपथ ग्रहण समारोह की तारीखों को लेकर चर्चाएं तेज हो गयी हैं. बंगाल की जनता अब उस ऐतिहासिक पल का इंतजार कर रही है, जब राज्य में नयी सरकार कार्यभार संभालेगी.

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने बुधवार को लोक भवन में राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात की। यह मुलाकात हाल ही में संपन्न हुए राज्य चुनावों के बाद, नई विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों के नामों वाली गजट अधिसूचना सौंपने की वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने के लिए की गई थी।

सिर्फ फालता विधानसभा सीट पर बाकी है चुनाव

मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अग्रवाल ने कहा कि विधानसभा चुनावों में चुनाव आयोग की भूमिका अब समाप्त हो चुकी है। सिर्फ फालता विधानसभा क्षेत्र में जो चुनाव बाकी है, उसे कराया जाना बाकी है।

निवार्चित विधायकों की सूची सौंपी गई

मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने कहा, ‘मैं गजट अधिसूचना जमा करने का वैधानिक कार्य पूरा करने आया था, जो किसी भी चुनाव के बाद किया जाता है। निर्वाचित विधायकों की सूची सौंप दी गई है।’

बंगाल में चुनाव आयोग की भूमिका समाप्त

उन्होंने आगे कहा, ‘अब, विधानसभा का गठन करना लोक भवन का कार्य है। फालता चुनाव को पूरा करने के अलावा, चुनाव आयोग की भूमिका समाप्त हो चुकी है।’

सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू

परिणामों की घोषणा के बाद गजट अधिसूचना सौंपना एक अनिवार्य संवैधानिक नियम है। यह राज्यपाल के लिए नई विधानसभा के गठन और सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू करने का मार्ग प्रशस्त करता है।

बंगाल में बीजेपी ने जीतीं 207 सीटें

BJP ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटों के साथ जबरदस्त जीत हासिल की। इस तरह तृणमूल कांग्रेस के लगातार 15 सालों के शासन को समाप्त कर दिया। TMC केवल 80 सीटें ही जीत पाई। विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी की हार के बाद, निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अभी तक राज्यपाल को अपना इस्तीफा नहीं सौंपा है।

Leave a Reply

error: Content is protected !!