बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) ने हजारों चिकित्सक के साथ किया महासम्मेलन
सरकार को दिया बीस सूत्री माँग पत्र
श्रीनारद मीडिया, मांझी, सारण (बिहार):

बिहार में सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने के सरकारी फैसले के खिलाफ चिकित्सकों में भारी असन्तोष ब्याप्त है. रविवार को राज्य भर से पटना आये हजारों चिकित्सकों की महासम्मेलन पटना के आई एम ए हॉल में सम्पन्न हुई. महासम्मेलन में चिकित्सकों में भारी असंतोष देखा गया उन्होंने कार्य स्थल पर असुरक्षा, प्रसासनिक उपेक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के महासम्मेलन में अपनी बातों को रखा. संघ चिकित्सकों के विभिन्न समस्याओं को सुनने के बाद बीस सूत्री प्रस्ताव जारी कर चिकित्सकों के पक्ष में महत्त्वपूर्ण निर्णय पारित कर बिहार सरकार से विनम्रता पूर्वक आग्रह किया गया.
चिकित्सकों के इस असंतोष और विरोध प्रदर्शन के प्रमुख कारण व मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:निजी प्रैक्टिस पर रोक का विरोध: बिहार सरकार द्वारा सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया है, जिसे डॉक्टर अनुचित और एकतरफा निर्णय मान रहे हैं.जहां चिकित्सकों ने सरकार पर अपनी मर्जी थोपने का आरोप लगाया. चिकित्सकों ने इस विषय पर सरकार से कोई निर्णय लेने से पूर्व संघ से समुचित वार्ता करने की बात कही.(2) राज्य के सेवा चिकित्सकों को समुचित आवास एवं सुरक्षा सुनिश्चित की जाए .(3) प्रशासनिक पदों पर कार्यरत चिकित्सा पदाधिकारियों को वाहन की सुविधा प्रदान की जाए .
(4) वर्तमान बिहार चिकित्सा सेवा संस्थान एवं व्यक्ति सुरक्षा कानून 2011 एवं संशोधित 2014” को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा अस्पतालों में तोड़-फोड़, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के विरुद्ध हिंसा में शामिल अराजक तत्वों के लिए न्यूनतम 10 वर्ष सश्रम कारावास का प्रावधान किया जाए. साथ ही कानून के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिम्मेदार पदाधिकारियों को नामित कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने वाली स्पष्ट नियमावली बनाई जाए.राज्य स्तर पर नियुक्त अस्पताल सशस्त्र सुरक्षा गार्ड की कार्यस्थल पर तैनाती भी सुनिश्चित की जाए.
(5) स्वास्थ्य निदेशालय का पुनर्गठन कर स्वास्थ्य सेवा संबंधी सभी नियमावलियों का संकलित रूप प्रकाशित किया जाए.संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि पब्लिक हेल्थ कार्ड के अंतर्गत असिस्टेंट ब्लॉक पब्लिक हेल्थ ऑफिसर संवर्ग के लिए एम बी बी एस योग्यता अनिवार्य नहीं है, अतः उक्त संवर्ग को चिकित्सकों के वरीय प्रशासनिक पदों पर पदोन्नति देना चिकित्सकों के हितों के प्रतिकूल है. निदेशालय के अंतर्गत सभी पदोन्नति वाले पद चिकित्सकों के लिए सुरक्षित रखे जाएं तथा उक्त संवर्ग के लिए पृथक पद संरचना विकसित की जाए।(6) सिविल सर्जन सहित चिकित्सकों के प्रति प्रशासनिक पदाधिकारियों के अपमानजनक व्यवहार पर तत्काल रोक लगाई जाए.(7) शासी निकाय के अध्यक्ष पद पर चिकित्सक को नामित किया जाए ताकि रूल्स एक्सक्यूटिव बिजने एवं लागू प्रोटोकॉल का उल्लंघन न हो.(8) चिकित्सकों पर बायोमेट्रिक प्रणाली लागू करने से पूर्व चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को दूर की जाए, सुरक्षा की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा राज्य मानवाधिकार आयोग के निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाए.(9) लंबित नियमित प्रोन्नति एवं डी ए सी पी को शीघ्र अधिसूचित किया जाय.
(10) सचिवीय शक्तियों सहित स्वास्थ्य निदेशालय को सुदृढ़ बनाया जाए.(11) DACP में वित्तीय उन्नयन के साथ-साथ पदोन्नति भी प्रदान की जाए.
(12) संविदा अवधि को DACP एवं नियमित प्रोन्नति हेतु गणना में शामिल किया जाए.(13) विशेषज्ञ उपसंवर्ग में लैटरल नियुक्ति हेतु योग्य सामान्य चिकित्सा पदाधिकारियों के लिए वेतन स्तर 12 के स्थान पर 11 निर्धारित किया जाए तथा रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाए.(14) राज्य सेवा के योग्य विशेषज्ञ चिकिसकों को किये गए सेवा का लाभ सहायक प्राध्यापक की नियमित नियुक्ति में दिया जाए (प्रत्येक वर्ष की सेवा के लिए अतिरिक्त अंक प्रदान किया जाए . )
(15) NEET PG में नियमित सेवा पूर्ण कर चुके सेवा चिकित्सकों के लिए निर्धारित शर्तों के साथ Degree की 50% सीट एवं Diploma की सभी सीटें आरक्षित की जाएं, जिससे राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर हो सके.(16) सुदूर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्सकों को NHM मानक के अनुरूप ग्रामीण भत्ता प्रदान किया जाए.(17) सेवाकालीन एवं सेवानिवृत्त चिकित्सकों तथा उनके परिवारों के लिए 50 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुविधा वाला कैशलेस हेल्थ कार्ड जारी किया जाए.
(18) चिकित्सकों एवं उनके परिवारों के उपचार हेतु विशिष्ट अस्पतालों में विशेष सुविधा उपलब्ध कराई जाए.(19) पोस्टमार्टम एवं इन्जुरी कार्य हेतु पृथक भत्ता प्रदान किया जाए.
(20) एछिक पदस्थापन किया जाए .सभा में महत्वपूर्ण रूप से उपस्थित डॉ रोहित कुमार महासचिवबिहार स्वास्थ्य सेवा संघडॉ कैप्टन संजीव कुमार झा अध्यक्ष बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ चिकित्सकों ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, चिकित्सकों का मनोबल बनाए रखने तथा आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए उपर्युक्त मांगों पर सरकार को गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए.
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