हम माता का सम्मान नहीं… कसाई की छुरियों से उनकी रक्षा मांग रहे हैं! यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान पर युग तुलसी पार्टी के अध्यक्ष श्री के. शिव कुमार का तीखा पलटवार

बातों की आड़ में गौमाता के संरक्षण की अनदेखी करने वाले शासकों को यूपी चुनाव में सबक सिखाएंगे
आगामी यूपी विधानसभा चुनाव: “गौमाता और उनकी रक्षा को हवा में उड़ाने वाले बेटों” के बीच का धर्मयुद्ध है।
सिर्फ मंचों से भाषणबाज़ी नहीं… देश भर में गौवंश वध को प्रतिबंधित करने वाला ‘केंद्रीय कानून’ लाने तक हम चैन से नहीं बैठेंगे
श्रीनारद मीडिया / सुनील मिश्रा वाराणसी, उत्तर प्रदेश
03जून, 2026,हैदराबाद / गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की आवश्यकता को नकारते हुए,”क्या बेटा कभी मां को सम्मानित करने के लिए कहता है?” जैसी टिप्पणी करने वाले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान की युग तुलसी पार्टी के अध्यक्ष श्री के. शिव कुमार ने तीव्र निंदा की है।उन्होंने कहा कि योगी जी का यह बयान करोड़ों गौभक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।इस अवसर पर श्री के. शिव कुमार जी ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा पलटवार किया:
> **”योगी जी… हम गौमाता के लिए सम्मान या सत्कार नहीं मांग रहे हैं! हम मांग रहे हैं उस मां के प्राणों की रक्षा, जो हर दिन हजारों की संख्या में कसाइयों की छुरियों के नीचे काटी जा रही है! एक तरफ देश भर में गौमाता का रक्त बह रहा है, और आप बिना कोई कानूनी सुरक्षा दिए सिर्फ ‘गौ हमारी माता है’ जैसी खोखली बातों से पल्ला झाड़ रहे हैं? जब तक संसद में उन्हें कानूनी रूप से राष्ट्रमाता का दर्जा नहीं मिलता, तब तक उस मां को पूर्ण सुरक्षा कैसे मिल सकती है?”** उन्होंने कड़ा सवाल उठाया।
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*मां और बेटों के बीच चुनावी संग्राम:**
उन्होंने कहा कि “गौमाता हमारी मां है, जन्म-जन्म का नाता है” कहकर केवल चुनावी मंचों पर भावनाओं के नाम पर वोट मांगना बंद होना चाहिए; शासकों की यह जिम्मेदारी है कि वे इसे कानून बनाकर धरातल पर साबित करें।साक्षात तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) बोर्ड ने स्वयं इसके लिए प्रस्ताव पारित किया, देश भर के पूज्य पीठाधीशों,शंकराचार्यों ने और जगद्गुरुओं ने इस पर अपनी मुहर लगाई,और यहां तक कि इलाहाबाद हाईकोर्ट जैसे उच्च न्यायालय ने भी गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने का सुझाव दिया; फिर भी केंद्र और राज्य सरकारें कदम पीछे क्यों खींच रही हैं?श्री के. शिव कुमार ने स्पष्ट किया कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव महज किसी राजनीतिक सत्ता की कुर्सी के लिए नहीं हैं, बल्कि यह गौमाता को उनके कानूनी अधिकार दिलाने वाली मां और उस मां की सुरक्षा की अनदेखी करने वाले बेटों के बीच होने वाला एक महासंग्राम है।
**यूपी की धरती पर सभी 403 सीटों पर महासमर:**
उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (काशी) की धरती से उन्होंने जो हिंदू धर्म और गौ-चेतना की अलख जगाई थी,अब उसे पूरे उत्तर प्रदेश में विस्तार दिया जा रहा है।गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने वाला केंद्रीय कानून बनने तक हम दिल्ली और लखनऊ के सिंहासनों को झुकाकर रहेंगे,और इसी संकल्प के साथ युग तुलसी पार्टी उत्तर प्रदेश के चुनावी रणक्षेत्र में सभी 403 सीटों पर सीधे चुनाव मैदान में उतर रही है।
श्री के. शिव कुमार ने इस सनातन धर्मयुद्ध में दोनों तेलुगु राज्यों (तेलंगाना और आंध्र प्रदेश)सहित देश के प्रत्येक गौभक्त और धर्म रक्षक सनातनी जनता से युग तुलसी पार्टी को अपना पूर्ण समर्थन और आशीर्वाद देने का आह्वान किया।
