बिहार का टॉप गैंगस्टर संतोष डॉन अरेस्ट:किडनैप-हत्या से जुड़े 31 केस दर्ज
EOU की रेड में साड़ी पहनकर भागा था
श्रीनारद मीडिया, स्टेट डेस्क:

बिहार के टॉप गैंगस्टरों में शामिल संजय कुमार उर्फ संतोष यादव उर्फ संतोष डॉन को STF और पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गैंगस्टर की गिरफ्तारी खुसरूपुर थाना क्षेत्र से हुई है। खुसरूपुर पुलिस अब आगे की कार्रवाई में जुटी है,उसके पास से एक देसी पिस्टल, एक मैगजीन, तीन जिंदा कारतूस, एक घड़ी और 18,900रु. कैश बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ पटना और नालंदा के कई थानों में हत्या, रंगदारी समेत अन्य गंभीर अपराधों के 31 मामले दर्ज हैं। SDPO संजीव कुमार ने कहा कि संतोष डॉन अपने ससुराल पचरुखिया में है और किसी घटना को अंजाम देने की नीयत से घूम रहा है। इसकी सूचना मिलने के बाद विशेष टीम गठित की गई, जो NH हमजापुर से अरेस्ट किया है।
दिसंबर 2025 में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने पटना और नालंदा समेत उसके 25 ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान वह गिरफ्तारी से बचने के लिए साड़ी पहनकर फरार हो गया था। तभी से वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। 25 ठिकानों पर EOU और STF ने मारा था छापा संतोष डॉन के खिलाफ हाल ही में पटना और नालंदा स्थित 25 ठिकानों पर EOU और STF की संयुक्त टीम ने छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान उसके चार सहयोगियों- राकेश साहू, रंजीत सिंह, शशिभूषण कुमार और रवींद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया था। संतोष डॉन पर संगठित आपराधिक गिरोह चलाने और अवैध तरीके से करोड़ों रुपए की संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है।
संगठित आपराधिक गिरोहों पर शिकंजा कसने के लिए EOU की गठित स्पेशल सेल की यह पहली बड़ी कार्रवाई थी।इस मामले में EOU ने संतोष डॉन और उसके 26 शागिर्दों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। 2015 के बाद खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य जांच में सामने आया है कि संतोष डॉन साल 2015 में अपराध की दुनिया में उतरा था। इससे पहले उसके पास केवल 7 कट्ठा जमीन थी, लेकिन 2017 से 2025 के बीच उसने अपने और परिजनों के नाम पर करोड़ों की जमीन रजिस्ट्री कराई है।पुलिस के मुताबिक, उसने अपने परिजनों के नाम पर करीब 11.50 करोड़ रुपए की संपत्ति बनाई है।
साथ ही गुर्गों के नाम पर भी करोड़ों की बेनामी संपत्ति खरीदी है।पटना पुलिस ने EOU को उसके खिलाफ PMLA के तहत कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा था। जिसके बाद EOU इस मामले को ED को सौंपने के लिए प्रस्ताव भेजेगी।अब अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। जमीन मालिकों को डराने के लिए कराता था रोड एक्सीडेंट संतोष डॉन का गिरोह फर्जी दस्तावेज तैयार करने, रंगदारी वसूलने, लूटपाट, अपहरण और हत्या के प्रयास जैसे संगीन मामलों में शामिल रहा है।
जांच में बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई है कि संतोष जमीन मालिकों को डराने के लिए उनका ‘रोड एक्सीडेंट’ करवा देता था और फिर उनकी जमीन पर कब्जा कर लेता था। इंडस्ट्रियल एरिया में यदि कोई व्यक्ति अपनी जमीन बेचने की बात करता तो यह गिरोह उसके फर्जी कागजात बनाकर अपने गुर्गों के जरिए कोर्ट में टाइटल सूट (स्वामित्व का मुकदमा) दायर करवा देता था।
इस कानूनी पचड़े और डर के मारे दबाव में आकर जमीन मालिक या तो उससे समझौता कर लेते थे या बेहद कम कीमत पर अपनी जमीन उसे बेच देते थे। पुलिस से बचने के लिए साड़ी पहनकर भागा था संतोष डॉन दिसंबर 2025 में जब पटना पुलिस की टीम ने खुसरुपुर स्थित उसके घर पर छापेमारी की थी, तब वह पुलिस को चकमा देने के लिए साड़ी पहनकर भाग निकला था।वह फतुहा इलाके का बड़ा जमीन माफिया माना जाता है।
अकेले खुसरूपुर थाने में ही उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, रंगदारी और अपहरण के कम से कम 14 केस दर्ज हैं। साल 2015 से ही उसके खिलाफ ताबड़तोड़ आपराधिक कांड दर्ज हैं, जिनमें सरकारी कर्मचारियों पर हमला और फिरौती के लिए अपहरण जैसे बेहद संवेदनशील मामले शामिल हैं।साल 2023 और 2024 में भी उसके खिलाफ जानलेवा हमले और पुलिस ड्यूटी में बाधा डालने के नए मामले दर्ज हुए थे। अवैध हथियारों के धड़ल्ले से इस्तेमाल के कारण उस पर आर्म्स एक्ट की कई धाराएं लागू हैं।
2025 में छापेमारी में किसके घर से क्या मिला? खुसरूपुर प्रमुख है डॉन की पत्नी कुख्यात संतोष डॉन खुसरुपुर प्रखंड प्रमुख अंजु देवी का पति हैं। पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी के बाद आपराधिक नेटवर्क, संपत्ति और सहयोगियों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है। साथ ही उसके खिलाफ दर्ज मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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