नालंदा जिले में निगरानी विभाग ने 11 ट्रैप, 14 अधिकारियों और कर्मियों को रिश्वत लेते पकड़ा
श्रीनारद मीडिया, स्टेट डेस्क:

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में सबसे अधिक भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. नालंदा जिले में वर्ष 2025 और 2026 के दौरान निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई में घूसखोरी के 11 ट्रैप, 14 अधिकारियों और कर्मियों को रिश्वत लेते पकड़ा है.
नगरनौसा प्रखंड भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है. सबसे बड़ी ट्रैप कार्रवाई 25 अप्रैल 2026 को हुई है. जब राजगीर थाने के दारोगा को 90 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया़ है. यह 2025-26 की सबसे बड़ी ट्रैप राशि मानी जा रही है.
वहीं स्वास्थ्य विभाग में आशा बहाली, पीएससी के बीएसएम,बीपीआरओ,आंगनबाड़ी महिला पर्यवेक्षिका,शिक्षा विभाग, चंडी बीआरसी में संसाधन शिक्षक,बीईओ, बिहारशरीफ डीईओ कार्यालय के पूर्व लिपिक ,राजगीर अंचल के राजस्व कर्मचारी,इस्लामपुर के जेई नीतीश कुमार जैसे दर्जनों भ्रष्टाचारी नालंदा और बिहारशरीफ़ में बैठे हुए है.
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