पश्चिम बंगाल में विशेष पुनरीक्षण में 43 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम काटे जा सकते हैं,क्यों?
26 लाख मतदाताओं के नाम 2002 की सूची से मेल नहीं खा रहे
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मसौदा सूची में नाम कटने वाले मतदाताओं की संख्या बढ़ती जा रही है। चुनाव आयोग का कहना है कि अब तक एसआईआर में 43 लाख 30 हजार मतदाताओं के नाम कटने का हिसाब मिला है।
आयोग सूत्रों के अनुसार फिलहाल यह गणना बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) से मिली जानकारी के आधार पर की गई है। उन्हें यह जानकारी घर-घर जाकर फार्म बांटते समय मिली। अंतिम सूची सभी गणना फार्म जमा होने के बाद उपलब्ध होगी। ऐसे में यह तय है कि सूची से बाहर किए गए मतदाताओं की संख्या और भी ज्यादा हो सकती है। आयोग 16 दिसंबर को मसौदा सूची प्रकाशित करेगा।
‘वैध मतदाताओं के नाम नहीं छूटेंगे’
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल ने कहा कि मसौदा मतदाता सूची में एक भी अवैध मतदाता का नाम नहीं होगा। वैध मतदाताओं के नाम नहीं छूटेंगे। आयोग को मिली जानकारी के अनुसार, जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उनमें से 21 लाख 45 हजार की मृत्यु हो चुकी है।
पांच लाख 53 हजार मतदाताओं का पता नहीं चल सका है। जिनके नाम सूची से हटाए गए हैं, उनमें से 15 लाख 13 हजार स्थानांतरित हो चुके हैं। बीएलओ पते में बदलाव के कारण कई घरों में बार-बार जाने के बावजूद उनका पता नहीं लगा पाए हैं। जिन लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं, उनमें से 96 हजार 600 फर्जी हैं। आरोप है कि उनके नाम कई जगहों पर मतदाता सूची में हैं।
उन फर्जी मतदाताओं की पहचान की जाएगी और उनके नाम सूची से हटा दिए जाएगे। राज्य में अब तक 90 प्रतिशत मतदाताओं की जानकारी का डिजिटलीकरण हो चुका है। आयोग के अनुसार, राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 76,637,529 है।
26 लाख मतदाताओं के नाम 2002 की सूची से मेल नहीं खा रहे
निर्वाचन आयोग ने कहा है कि बंगाल की मौजूदा मतदाता सूची में करीब 26 लाख मतदाताओं के नाम 2002 की मतदाता सूची से मेल नहीं खा रहे हैं। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि यह अंतर तब सामने आया, जब राज्य की नई मतदाता सूची की तुलना पिछले एसआइआर के दौरान 2002 और 2006 के बीच अलग-अलग राज्यों में तैयार की गई सूची से की गई।
आयोग के सूत्रों के मुताबिक, राज्य में जारी एसआइआर के तहत बुधवार दोपहर तक बंगाल में छह करोड़ से अधिक एसआइआर फार्म डिजिटाइज कर दिए गए थे।
अधिकारी ने कहा कि जिन मतदाताओं की जानकारी पिछली सूची से मेल खाती है, उन्हें कोई और कागजात जमा करने की जरूरत नहीं होगी और वे आयोग द्वारा दिया गया प्रपत्र भर सकते हैं।
जिन लोगों के नाम इन रिकॉर्ड से मेल नहीं हो पाते या जिनका पता नहीं चल पाता, उनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए कागजात आधारित सत्यापन किया जाएगा।
डॉक्टरों पर सुसाइड का कारण एसआइआर बताने को डाला जा रहा दबाव : लॉकेट
भाजपा की पूर्व सांसद लाकेट चटर्जी ने आरोप लगाया कि डाक्टरों पर मृत्यु प्रमाण पत्र में सुसाइड का कारण एसआइआर बताने को दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने इस आरोप को भी गलत बताया कि बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) एसआइआर के तहत काम से जुड़े दबाव के कारण सुसाइड कर रहे हैं।
ममता को बंगाल पहले ही हिला देगा, मांगेंगी भीख : सुवेंदु
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बंगाल में उन पर किसी तरह की चोट होने की सूरत में भारत को हिला देने संबंधी चेतावनी के एक दिन बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को कहा कि राज्य के लोग अप्रैल में उन्हें इतना हिला देंगे कि वह स्वयं कालीघाट में भीख का कटोरा लेकर बैठी रहेंगी।
