शिक्षकों के करीब 10 लाख पद खाली
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

स्कूलों में शिक्षकों के पद को लंबे समय तक न भरना अब राज्यों को मंहगा पड़ सकता है। संसदीय समिति की सिफारिश पर गंभीर शिक्षा मंत्रालय अब ऐसे सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को समग्र शिक्षा के तहत दी जाने वाली वित्तीय मदद में कटौती या फिर रोक सकता है।
फिलहाल देश में शिक्षकों के करीब दस लाख पद खाली है। इनमें करीब साढ़े सात लाख पद अकेले प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की अगुवाई वाली शिक्षा मंत्रालय की संसदीय समिति ने राज्यों को दी जाने वाली वित्तीय मदद में कटौती की यह सिफारिश तब की है, जब समिति अपनी 349वीं व 363वीं रिपोर्ट में स्कूलों में शिक्षकों के इन खाली पदों को समयबद्ध तरीके से भरने की बार-बार सिफारिश की।
साथ ही शिक्षा मंत्रालय भी कई बार राज्यों से इन खाली पदों को भरने के लिए कह चुका है। बावजूद इसके राज्यों का रवैया जस का तस बना हुआ है। वह केंद्र से हर साल समग्र शिक्षा अभियान के तहत स्कूली को सशक्त बनाने के लिए वित्तीय मदद ले रहे है लेकिन शिक्षकों के पद खाली बने हुए है।
समिति का मानना है कि स्कूलों में शिक्षकों के पदों का खाली होना और भरना वैसे तो एक सतत प्रक्रिया है लेकिन अधिकांश राज्यों में पिछले कई सालों से बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली बने हुए है। समिति ने राज्यों के इस रवैए को गंभीर बताया और मंत्रालय से सिफारिश की है, कि जब तक राज्य शिक्षकों के खाली पदों को नहीं भरते है तब तक उन्हें समग्र शिक्षा का पैसा नहीं दिया जाए।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय को समग्र शिक्षा के तहत 41,249 करोड़ रुपए आवंटित की थी। जो राज्यों को स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए दिया जाता है। मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक संसदीय समिति की सिफारिश पर समग्र शिक्षा के तहत दी जाने वाली वित्तीय मदद की समीक्षा की जा रही है। इस दौरान तय मानकों के अनुरूप काम न करने वाले और शिक्षकों के खाली पदों को न भरने वाली राज्यों की वित्तीय मदद रोकने जैसे कदम उठाए जा सकते है।
शिक्षकों के रिक्त पदों का ब्यौरा
वर्ष स्कूल स्वीकृत पद भरे पद रिक्त पद व उसका प्रतिशत
2024-25 प्राथमिक 45,46395 3973713 5,72682 ( 12.60)
2024-25 माध्यमिक 24,29365 20,29385 4.09980( 16.81)
किस राज्य में शिक्षकों के कितने पद रिक्त ( लगभग में)
उत्तर प्रदेश – 2.17 लाख (इनमें 1.43 लाख प्राथमिक)
बिहार – 1.92 लाख
बंगाल – 55 हजार
झारखंड – 72 हजार
मध्य प्रदेश – 55 हजार
हरियाणा – 15 हजार
जम्मू-कश्मीर – 13 हजार
