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अब गांव-गांव में टीबी मरीजों की तलाश, हाई-रिस्क इलाकों में चलेगा 100 दिन का विशेष अभियान

अब गांव-गांव में टीबी मरीजों की तलाश, हाई-रिस्क इलाकों में चलेगा 100 दिन का विशेष अभियान
• टीबी के खिलाफ मिशन मोड में सरकार
• टीबी दिवसीय पर विभिन्न कार्यक्रमों का हुआ आयोजन
• जिला स्तरीय टीबी कार्यशाला आयोजित
• स्वास्थ्य कर्मियों ने लिया टीबी उन्मूलन के प्रति शपथ
• 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ

श्रीनारद मीडिया, पंकज मिश्रा, अमनौर, सारण (बिहार):

छपरा। विश्व टीबी दिवस के अवसर पर सारण जिले में टीबी उन्मूलन को लेकर व्यापक स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक जागरूकता अभियान चलाते हुए टीबी मुक्त समाज के संकल्प को दोहराया। इस दौरान 100 दिवसीय ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ का वर्चुअल शुभारंभ भी किया गया, जिसके तहत जिले के हाई-रिस्क गांवों में घर-घर जाकर टीबी की स्क्रीनिंग की जाएगी। कार्यक्रम की शुरुआत जिला यक्ष्मा केंद्र में पदाधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा टीबी उन्मूलन की शपथ लेकर की गई। इसके बाद आरबीएसके टीम के साथ टीबी विभाग के कर्मियों को फील्ड में रवाना किया गया, जहां बच्चों की जांच के साथ-साथ टीबी की स्क्रीनिंग भी की गई।
टीबी कार्याशाला का आयोजन
इसी क्रम में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें सीडीओ डॉ. आरपी सिंह और निजी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. राजीव रंजन सिंह ने टीबी के लक्षण, बचाव और इलाज पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में निक्षय मित्र विनय कुमार द्वारा गोद लिए गए 10 टीबी मरीजों के बीच दूसरे माह का फूड बास्केट भी वितरित किया गया, जिससे मरीजों को पोषण सहयोग मिल सके। वर्चुअल माध्यम से आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्‌डा के द्वारा 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव, सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी, सीडीओ डॉ. आरपी सिंह, डीपीएम अरविन्द कुमार सहित अन्य पदाधिकारी जुड़े।
इस अभियान के तहत जिले के चिन्हित हाई-रिस्क गांवों में प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाएगी, ताकि टीबी के मरीजों की समय पर पहचान कर उनका इलाज शुरू किया जा सके।
स्क्रीनिंग कर छिपे हुए मरीजों को चिन्हित किया जायेगा

डॉ. राजकुमार चौधरी ने कहा टीबी पूरी तरह इलाज योग्य बीमारी है, बशर्ते इसकी समय पर पहचान और उपचार हो। 100 दिवसीय अभियान के माध्यम से हम ज्यादा से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग कर छिपे हुए मरीजों को चिन्हित करेंगे और उन्हें तत्काल इलाज से जोड़ेंगे।
समाज के हर व्यक्ति का दायित्व है टीबी उन्मूलन

सीडीओ डॉ. आरपी सिंह ने कहा टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग का ही नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति का दायित्व है। जागरूकता, समय पर जांच और नियमित दवा से हम टीबी को जड़ से खत्म कर सकते हैं। इस अभियान में सभी की सहभागिता जरूरी है। कार्यक्रम में उपाधीक्षक डॉ. केएम दुबे, आरबीएसके जिला समन्वयक डॉ. जितेंद्र कुमार, टीबी-डीपीसी हिमांशु शेखर, रतन संजय सहित सभी एसटीएस, एसटीएलएस और स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि सामूहिक प्रयास और जनभागीदारी से टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य जल्द ही हासिल किया जा सकता है।

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