Headlines

अब नहीं होगा मृत्युभोज, ग्रामीणों ने लिया ऐतिहासिक संकल्प

अब नहीं होगा मृत्युभोज, ग्रामीणों ने लिया ऐतिहासिक संकल्प

श्रीनारद मीडिया,  छपरा (बिहार):

सारण जिला के  पानापुर प्रखंड के बकवां गांव में रविवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में दर्जनों ग्रामीणों ने सामाजिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मृत्युभोज नहीं करने का सामूहिक निर्णय लिया। इस पहल को क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

बैठक के दौरान मृत्युभोज प्रथा पर व्यापक चर्चा की गई। ग्रामीणों ने कहा कि किसी परिवार में सदस्य की मृत्यु होने पर पहले ही दुःख का पहाड़ टूट पड़ता है। ऐसे समय में मृत व्यक्ति के इलाज में लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं।

 

इसके बाद सामाजिक दबाव के कारण श्राद्ध कर्म और मृत्युभोज में भी भारी खर्च करना पड़ता है, जिससे कई परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो जाती है। ग्रामीणों का मानना था कि यह प्रथा कहीं से भी उचित नहीं प्रतीत होती। इसी सोच के तहत बकवां गांव निवासी मुकेश कुमार ने अपनी दादी के निधन के बाद मृत्युभोज नहीं करने का साहसिक निर्णय लिया, जिसकी बैठक में उपस्थित लोगों ने सराहना की।

इस अवसर पर हरेराम राय, डॉ. धर्मेन्द्र कुमार, विनोद कुमार यादव, राजेश्वर राय, सुरेन्द्र राय, डॉ. विक्रमा राय, डॉ. सुनिल राय, अनुज दास, सभा राय सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने और समाज को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का संकल्प लिया।

यह भी पढ़े

भारत टी-20 वर्ल्डकप के सेमीफाइनल में: 5 मार्च को इंग्लैंड से मुकाबला होगा

भारत टी-20 वर्ल्डकप के सेमीफाइनल में: 5 मार्च को इंग्लैंड से मुकाबला होगा

भारत ने जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई

बुद्ध की नहीं, ‘धर्मयुद्ध’ की सनातन भूमि है भारत – साध्वी पूर्णाम्बा

Leave a Reply

error: Content is protected !!