कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए गए हैं
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क
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पश्चिम एशिया में युद्ध से ईंधन आपूर्ति में किल्लत से उसकी बढ़ती कीमत का बोझ अब उपभोक्ताओं को भी उठाना होगा। जैसा कि अंदेशा पिछले कुछ दिनों से लगाया जा रहा था, शुक्रवार सुबह छह बजे से दिल्ली समेत देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि हो गई है।
पेट्रोल के दाम प्रति लीटर 3.14 रुपये की वृद्धि हुई है, जिससे अब यह बढ़कर 97.77 रुपये हो गई है। इसी तरह, डीजल 3.11 रुपये प्रति लीटर महंगा होकर 90.67 रुपये पहुंच गया है। आज 2022 के बाद पहली बार पेट्रोल-डीजल के दाम में इजाफा हुआ है।
- नियमित पेट्रोल: ₹94.77 प्रति लीटर
- बढ़ोतरी के बाद: ₹97.91
- प्रीमियम पेट्रोल: ₹102 से ₹104 प्रति लीटर
- बढ़ोतरी के बाद: ₹105.14 से ₹107.14
- नियमित डीज़ल: ₹87.67 प्रति लीटर
- बढ़ोतरी के बाद: ₹90.78
इस संबंध में दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष निश्चल सिंघानिया ने बताया कि यह बढ़ोतरी तेल कंपनियों द्वारा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और रुपये की कमजोरी के कारण की गई है।
पश्चिम एशिया तनाव के कारण किस देश में कितने बढ़े पेट्रोल डीजल के दाम?
- मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मिडिल ईस्ट तनाव के कारण अमेरिका में पेट्रोल की कीमत में 44.5% और डीज़ल की कीमत में 48.1% की वृद्धि हुई है।
- म्यांमार में पेट्रोल का भाव 89.7% और डीज़ल का भाव 112.7% बढ़ गया है।
- संयुक्त अरब अमीरात में पेट्रोल की कीमत 52.4% और डीज़ल की कीमत 86.1% बढ़ चुकी है।
- मलेशिया में पेट्रोल की कीमत में 56.3% और डीज़ल की कीमत में 71.2% का इजाफा हो चुका है।
- पाकिस्तान में पेट्रोल में 54.9% और डीज़ल में 44.9% का इजाफा हो चुका है।
- ब्रिटेन में पेट्रोल का भाव 19.2% और डीज़ल का भाव 34.2% बढ़ गया है।
- जर्मनी में पेट्रोल की कीमत 13.7% और डीज़ल की कीमत 19.8% बढ़ गई है।
बढ़ते भू राजनीतिक तनाव से बाजार में अनिश्चितता
कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने और कीमत बढ़ने का असर केवल पेट्रोल और डीजल के भाव में बढ़ोतरी के रूप में ही देखने को नहीं मिल रहा बल्कि इससे जुड़े अन्य चीज भी महंगी होती जा रही है। स्ट्रेट ऑफ होर्मूज बंद होने से भारत का आयात और निर्यात दोनों प्रभावित हो रहे हैं। यदि पश्चिम एशिया का यह तनाव जल्द ही समाप्त नहीं होता है तो आम आदमी को बढ़ती महंगाई के बोझ का भी सामना लंबे समय तक करना पड़ सकता है।
पेट्रोल-डीजल से लेकर LPG और दूध तक… 2 महीने में क्या-क्या हुआ महंगा
2 महीने में क्या-क्या महंगा हुआ? |
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| क्रमांक | वस्तु | महंगा हुआ या नहीं | कितना महंगा हुआ | कब बढ़े दाम | पिछली कीमत | ताजा कीमत |
| 1 | पेट्रोल (रिटेल) | हां | 3.14 रुपये | 15 मई | 94.63 रुपये प्रति लीटर | 97.77 रुपये प्रति लीटर |
| 2 | डीजल (रिटेल) | हां | 3.11 रुपये | 15 मई | 87.56 रुपये प्रति लीटर | 90.67 रुपये प्रति लीटर |
| 3 | अमूल दूध | हां | 2 रुपये | 13 मई | 55 रुपये प्रति लीटर | 57 रुपये प्रति लीटर |
| 4 | मदर डेरी दूध | हां | 2 रुपये | 13 मई | 56 रुपये प्रति लीटर | 58 रुपये प्रति लीटर |
| 5 | CNG | हां | 2 रुपये प्रति किलो | 13 मई | 77 रुपये प्रति किलो | 79 रुपये प्रति किलो |
| 6 | LPG सिलिंडर | हां | ₹60 | 7 मार्च | 853 रुपये | 913 रुपये |
| 7 | 5Kg छोटू सिलिंडर | हां | 261+51+144 (तीन बार दाम बढ़े) | मार्च, अप्रैल और मई | 300- 400 रुपये | 600-800 रुपये |
| 8 | LPG सिलिंडर कमर्शियल | हां | 993+195+114.50 (तीन बार दाम बढ़े) | मार्च, अप्रैल और मई | 2078 रुपये | 3071.50 रुपये |
| 9 | इंडस्ट्रियल डीजल | हां | 22+28 ( दो बार दाम बढ़ें) | मार्च और अप्रैल | 90 से 95 रुपये प्रति लीटर | 109 रुपये प्रति लीटर |
| 10 | प्रीमियम पेट्रोल | हां | 2+3 ( दो बार दाम बढ़ें) | मार्च और अप्रैल | 95-100 रुपये प्रति लीटर | 101-105 रुपये प्रति लीटर |
| 11 | PNG | हां | ₹1.70 प्रति SCM | मई | 47.90 रुपये प्रति SCM | 49.59 रुपये प्रति SCM |
| 12 | विमानन टर्बाइन ईंधन घरेलू | हां | ₹8289 प्रति किलोलीटर | अप्रैल-मई | ₹96638 प्रति किलोलीटर | ₹104927 प्रति किलोलीटर |
| 13 | विमानन टर्बाइन ईंधन इंटरनेशनल | हां | USD 76.55 प्रति किलोलीटर | अप्रैल-मई | USD 1435.31 प्रति किलोलीटर | USD 1511.86 प्रति किलोलीटर |
| 14 | सोना आयात शुल्क | हां | 9% | मई | 6% | 15% |
| 15 | चांदी आयात शुल्क | हां | 9% | मई | 6% | 15% |
| नोट- अलग-अलग शहर की कीमतों में बदलाव हो सकता है। ये कीमतें दिल्ली या मुंबई पर आधारित हैं। अलग-अलग कंपनियों की कीतमों में भी बदलाव हो सकता है | ||||||
खाद्य सामग्रियों के भी बढ़े दाम
किन-किन खाद्य सामग्रियों के बढ़े दाम |
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| क्रमांक | सामान | पुराने दाम | नए दाम |
| 2 | मूंगफली | 160 रुपये प्रति किलो | 200 रुपये प्रति किलो |
| 3 | सूखा धनिया | 180 रुपये प्रति किलो | 220 रुपये प्रति किलो |
| 4 | लाल मिर्च | 300 रुपये प्रति किलो | 350 रुपये प्रति किलो |
| 5 | हल्दी पाउडर | 210 रुपये प्रति किलो | 250 रुपये प्रति किलो |
| 6 | जीरा | 300 रुपये प्रति किलो | 360 रुपये प्रति किलो |
| 7 | चायपत्ती | 500 रुपये प्रति किलो | 545 रुपये प्रति किलो |
| 8 | रिफाइंड ऑयल | 135 रुपये प्रति लीटर | 148 रुपये प्रति लीटर |
| 9 | सरसों तेल | 170 रुपये प्रति लीटर | 190 रुपये प्रति लीटर |
| 10 | चावल | 60- 120 रुपये प्रति किलो | 70- 130 रुपये प्रति किलो |
| नोट- अलग-अलग कंपनियों की खाद्य सामग्रियों के रेट अलग-अलग हो सकते हैं। यह एक औसत कीमत है। | |||
तांबे और एल्युमीनियम की कीमतें में तेजी
मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण सिर्फ रोजमर्रा से जुड़ी चीजें ही नहीं महंगी हुई हैं। बल्कि अलग-अलग मेटल में भी तेजी देखने को मिली है। एक ओर जहां सोने और चांदी की कीमतें में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है तो दूसरी ओर मजबूत मांग के चलते तांबे और एल्युमीनियम की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है, और वे कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं।
बात करें अगर तांबे कि तो इसकी कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है। मई 2026 के मध्य तक लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर इसकी कीमतें बढ़कर \(\$14,000\) प्रति मीट्रिक टन से भी ज्यादा हो गई है। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। एल्युमीनियम मार्च 2022 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर पहुँच गया, और मई में इसकी कीमत $3,600 प्रति टन से अधिक हो गई।
भारत में तांबा लगभग ₹1300-₹1400 प्रति किलोग्राम (Copper Price in India) के भाव पर बिक रहा है। इस साल अब तक इसकी कीमत में 20 से 30% की वृद्धि है। वहीं, भारत में एल्युमीनियम लगभग ₹370-₹385 प्रति (aluminium price in india) किलो है। इस साल अब तक इसमें 15 से 20 फीसदी का उछाल देखने को मिला है।
