महावारी को लेकर टूटी चुप्पी, गांव-गांव में किशोरियों को किया गया जागरूक
• महावारी स्वच्छता दिवस पर किशोरियों को किया गया जागरूक
• सेनेटरी पैड का वितरण
• रिविलगंज के पांच पंचायतों में चला जागरूकता अभियान
• 219 किशोरियों व महिलाओं की हुई स्वास्थ्य जांच
श्रीनारद मीडिया, पंकज मिश्रा, अमनौर, सारण (बिहार):

महावारी सिर्फ एक शारीरिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है… लेकिन आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में इसे लेकर जागरूकता की कमी और सामाजिक संकोच देखने को मिलता है। इसी सोच को बदलने और किशोरियों को जागरूक करने के उद्देश्य से महावारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर रिविलगंज प्रखंड में विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया।
महावारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर रिविलगंज प्रखंड में किशोरियों एवं महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया। सीएचओ-पीएसपी (पेशेंट स्टेक होल्डर प्लेटफार्म) के सदस्यों के सहयोग से प्रखंड के इनई, खैरवार, कचनार, टेकनिवास एवं मोहब्बत परसा पंचायतों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान स्कूलों और सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य जांच शिविर लगाकर किशोरियों एवं महिलाओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास
कार्यक्रम में सीएचओ, एएनएम, स्थानीय मुखिया एवं विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिविलगंज के प्रभारी डॉ. राकेश कुमार, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक संजीव कुमार एवं आरबीएसके (RBSK) की चिकित्सीय टीम का सहयोग भी सराहनीय रहा। महावारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर आयोजित इस अभियान में किशोरियों को मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के साथ-साथ बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छता बनाए रखने के तरीके बताए गए। स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि मासिक धर्म महिलाओं के शरीर की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और इस दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
एएनएम एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने महिलाओं और किशोरियों को सलाह दी कि मासिक धर्म के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें तथा गंदे कपड़ों के उपयोग से बचें। उन्होंने बताया कि संक्रमण से बचाव के लिए हमेशा सेनेटरी पैड का इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही पौष्टिक आहार, हरी सब्जियां और फल खाने की भी सलाह दी गई।
118 किशोरियों के बीच सेनेटरी पैड का वितरण:
कार्यक्रम के दौरान स्कूलों एवं पंचायत स्तर पर कुल 219 किशोरियों और महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य जांच के बाद जरूरतमंदों को दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं। वहीं विद्यालय प्रशासन एवं SMFG India Credit Co. Ltd. के सहयोग से 118 किशोरियों के बीच सेनेटरी पैड का वितरण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राएं, महिलाएं, शिक्षक एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।
महिलाओं और किशोरियों में जागरूकता की कमी:
छपरा शहर के प्रसिद्ध स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. संजू प्रसाद ने कहा कि महावारी कोई बीमारी नहीं, बल्कि महिलाओं के शरीर की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में इसके प्रति जागरूकता की कमी और संकोच देखा जाता है, जिसकी वजह से कई किशोरियां संक्रमण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करती हैं। मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। हमेशा साफ-सुथरे सेनेटरी पैड का इस्तेमाल करें और समय-समय पर उसे बदलते रहें। गंदे कपड़े के इस्तेमाल से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
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