राष्ट्र निर्माण में मध्यम वर्ग का अभूतपूर्व योगदान-मोदी
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में राजग सरकार का ध्यान आम नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने पर रहा है। सरकार ने अवसरों तक आसान पहुंच, बेहतर बुनियादी ढांचे, उन्नत सार्वजनिक सेवाओं, किफायती स्वास्थ्य सेवा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष काम किया है। अपनी सरकार को ‘मध्यम वर्ग की सरकार’ बताते हुए प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर लिखा कि देश के निर्माण में मध्यम वर्ग का अभूतपूर्व योगदान है और उनकी आकांक्षाओं को पूरा करना सरकार के लिए सौभाग्य की बात है।
मध्यम वर्ग के जीवन स्तर में सुधार
इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल क्रांति में अभूतपूर्व प्रगति केंद्र सरकार के नागरिकों की भागीदारी वाले प्रमुख प्लेटफार्म ‘मायगोव इंडिया’ के अनुसार, पीएम मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 सालों में मध्यम वर्ग के रहन-सहन के स्तर में बड़ा उछाल आया है। देश में इंटरनेट पैठ अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है, जिसके तहत 103 करोड़ से अधिक कनेक्शन सक्रिय हैं। डेटा की कम कीमतों ने शिक्षा, डिजिटल भुगतान और रोजगार के अवसरों को बेहद सुलभ बना दिया है।
सुगम रेल और शहरी यातायात
यातायात के क्षेत्र में ‘वंदे भारत’ सेवाओं के विस्तार से रेल यात्रा तेज और आरामदायक हुई है। अब तक 164 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो चुकी हैं, जिनसे नौ करोड़ से अधिक यात्री सफर कर चुके हैं। इसके अलावा, शहरों में तेजी से फैले मेट्रो नेटवर्क ने ट्रैफिक जाम को कम कर कामकाजी पेशेवरों और छात्रों के लिए आवागमन आसान बनाया है। साथ ही, बेहतर राजमार्गों और सुव्यवस्थित टोल प्रणालियों से देश की लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस और इंटरसिटी यात्रा में बड़ा सुधार हुआ है।
अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा हो चुकी है और शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में इस पर हस्ताक्षर होने हैं। इसका दुनिया भर के नेताओं ने स्वागत किया है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि संघर्ष खत्म करने के लिए बनी इस सहमति का वह स्वागत करते हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, “मैं पश्चिम एशिया में संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत करता हूं। इस संघर्ष के कारण दुनिया भर में गंभीर आर्थिक उथल-पुथल हुई है और कई देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है।”
उम्मीद है कि एक टिकाऊ और अंतिम समझौता हो सकेगा’
उन्होंने आगे लिखा, “भारत को उम्मीद है कि इस सहमति को लागू करने से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी और आवाजाही व व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी। हम उम्मीद करते हैं कि बाकी मुद्दों पर बातचीत से एक टिकाऊ और अंतिम समझौता हो सकेगा।”
अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौता
अमेरिका और ईरान ने तीन महीने से ज्यादा समय से चल रहे विवाद को खत्म करने के लिए एक फ्रेमवर्क समझौते की घोषणा की है। दोनों पक्षों ने पुष्टि की है कि शुक्रवार, 19 जून को स्विट्जरलैंड में एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
न्यूज़ एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (एपी) की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित डील में मिलिट्री ऑपरेशन खत्म करना, होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना और अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटाना शामिल है, जबकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को भविष्य की बातचीत के लिए छोड़ दिया गया है।
मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले पाकिस्तान ने घोषणा की कि दोनों देश इस बात पर सहमत हो गए हैं कि लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत और स्थायी रूप से बंद किया जाए।
ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपने ‘ट्रुथ सोशल’ प्लेटफॉर्म पर इस बड़ी कामयाबी की घोषणा करते हुए कहा, “ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है। सभी को बधाई! मैं इसके जरिए होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी शुल्क के खोलने और साथ ही अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने की मंजूरी देता हूं। दुनिया भर के जहाजो, अपने इंजन चालू करो। तेल का प्रवाह शुरू होने दो!”
