इस बार गर्मी तोड़ सकती सारे रिकॉर्ड
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

मौसम विभाग के अनुसार, इस साल गर्मी सारे रिकॉर्ड तोड़ सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग और अल-नीनो के असर की वजह से गर्मियों का सीजन लंबा हो सकता है। क्योंकि, आमतौर पर मार्च महीने में मौसम थोड़ा सुहाना होता है, लेकिन इस बार मार्च महीने में ही उत्तर भारत के कई शहरों में पारा 30 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है। पंखे फुल स्पीड में चलने लगे हैं। एसी की सर्विसिंग शुरू हो गई है और कूलर की घास बदली जा रही है।
जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है वैसे-वैसे बिजली की खपत बढ़ जाती है, बिजली कि डिमांड जैसे बढ़ती है पावर कट की समस्या आने लगती है। बिजली मंत्रालय ने अनुमान के अनुसार, इस बार गर्मी में पीक डिमांड 260 गीगावाट (GW) को पार कर सकती है। बिजली विभाग ने पावर कट की समस्या को कम करने के लिए सभी पावर प्लांट्स को कोयले का स्टॉक फुल रखने के निर्देश दिए हैं।
कैसे करें बिजली बिल की बचत?
अगर आप बिजली बिल की बचत करना चाहते हैं तो इन पांच कामों को जरुरी निपटा लें-
1. सबसे पहले आप एसी की सर्विंसिग करवाएं, क्योंकि गंदा फिल्टर कंप्रेसर पर दबाव जालता है, जिसके कारण एसी 25 से 30 प्रतिशत अधिक बिजली की खपत करती है।
2. फ्रीज को दीवार से कम से कम 6 इंज दूरी पर रखें, ताकि उसकी गरम हवा आसानी से बाहर निकल सके।
3. घर में पड़े पुराने पीले बल्बों को हटाकर उसकी जगह एलईडी बल्ब लगाएं। क्योंकि, पुराने पीले बल्ब अधिक बिजली की खबत करते हैं।
4. घर में लगे उन सॉकेट्स को बंद कर दें जिसका इस्तेमाल नहीं हो रहा है। क्योंकि, स्टैंडबाय मोड भी बिजली खाता है
5. किसी इलेक्ट्रीशियन से घर की अर्थिंग चेक कराएं। क्योंकि, लीकेज करंट अक्सर बिल को बेवजह बढ़ा देता है।
कितने पर चलाना चाहिए एसी?
कई लोगों के मन में होता है कि एसी को 16 या 18 डिग्री चलाने पर कमरा ज्यादा जल्दी ठंडा होता है, जो बिल्कुल गलत है। क्योंकि, एसी का थर्मोस्टेट सिर्फ ये तय करता है कि कंप्रेसर कब बंद होगा। अगर आप एसी को 24 डिग्री पर सेट करते चलाते हैं तो बिजली की भी कम खपत होगी और आपके शरीर के लिए भी सही रहेगा। रात के समय ‘स्लीप मोड’ का इस्तेमाल करें, इससे कमरा ठंडा होने के बाद बिजली की खपत अपने आप कम हो जाए।
- रिकॉर्ड तोड़ तापमान: राजस्थान और महाराष्ट्र के विदर्भ जैसे इलाकों में लू चल रही है और कई जगहों पर पारा 40 डिग्री के पार पहुँच चुका है।
- अल-नीनो का प्रभाव: अल-नीनो और कमजोर ला नीना के कारण इस वर्ष गर्मी लंबी और अधिक प्रचंड होने का अनुमान है, जो पिछले 125 सालों का रिकॉर्ड तोड़ सकती है।
- बिजली की भारी मांग: गर्मी बढ़ने के कारण बिजली की मांग 260 गीगावाट (GW) से अधिक होने का अनुमान है, जिससे बिजली कटौती की समस्या हो सकती है।
- मार्च में ही गर्मी: मार्च के दूसरे सप्ताह में ही तापमान 36 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है, जो सामान्य से काफी ज्यादा है।
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बचाव के उपाय:
- दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचें।
- भरपूर पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें।
- एसी और कूलर का इस्तेमाल समझदारी से करें।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना
इन दिनों सरकार पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना पर फोकस कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि वह 1 करोड़ लोगों के घर सोलर पैनल लगवाए। इस योजना के तहत सरकार 3 किलोवाट (kW) तक के सोलर पैनल लगवाने पर भारी सब्सिडी दे रही है।
अगर आप इसे लगवाते हैं तो सरकार की ओर से तो छूट मिलेगी ही साथ में आप सालों साल फ्री में बिजली यूज कर सकेंगे। क्योंकि, दिन के समय बिजली धूप से बनेगी और जो फालतू बिजली होगी वो ‘नेट मीटरिंग’ के जरिए वापस ग्रिड में चली जाएगी। इससे आपका बिजली बिल जीरो या बहुत कम आएगा।
कूलर कितनी खपत करता है बिजली?
आज भी भारत के अधिकांश घरों में कूलर की गर्मी का सहारा है। बिजली खपत के मामले कूलर एसी से बहुत कम बिजली खाता है। एनर्जी ऑडिट रिपोर्ट 2025-26 के मुताबिक एक औसत एसी 1500 से 2000 वाट बिजली लेता है, जबकि कूलर सिर्फ 150 से 250 वाट। हालांकि, कूलर उमस वाले मौसम में फेल हो जाता है। इससे बचने के लिए कूलर के पंप को समय-समय पर साफ करें और पानी को समय-समय पर चेंज करते रहें। इससे कूलर सही से चलेगा भी और बिजली की भी कम खपत होगी।
