अमावस्या के दिन ही क्यों लगता है सूर्य ग्रहण? क्या है ‘रिंग ऑफ फायर’?
17 फरवरी को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा
श्रीनारद मीडिया, सेंट्रल डेस्क:

साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगने जा रहा है, जिसे लेकर लोगों के मन में बहुत सारे सवाल और शंकाएं हैं, क्योंकि वैदिक धर्म में सूर्य ग्रहण को अच्छा नहीं माना जाता है। वैसे तो ये खगोलीय घटना है लेकिन ज्योतिष विद्या में इसे शुभ नहीं मानते हैं और इसी वजह से ग्रहण काल के दौरान पूजा-पाठ और शुभ काम नहीं होते हैं।
लेकिन लोगों को भयभीत होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि 17 फरवरी को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। इसलिए इसका सूतक काल नहीं लगेगा और ना ये प्रभावी होगा।
आपको बता दें कि जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच आता है तब ये तीनों खगोलीय पिंड एक सीध में आ जाते हैं, जिससे कुछ देर के लिए सूर्य की छाया पृथ्वी पर नहीं पड़ती है तो इस स्थिति को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। ये खगोलीय घटना हमेशा अमावस्या को घटती है, जिसके पीछे भी बहुत बड़ा खास कारण है।
>> सूर्य ग्रहण केवल अमावस्या को लगता है <<
दरअसल चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच केवल अमावस्या पर ही हो सकता है, अन्य तिथियों (जैसे पूर्णिमा) पर चंद्रमा पृथ्वी के दूसरी ओर होता है इसलिए वैज्ञानिक रूप से सूर्य ग्रहण केवल अमावस्या को ही हो सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि फिर तो हर अमावस्या पर सूर्य ग्रहण लगना चाहिए लेकिन ऐसा तो नहीं होता तो इसका उत्तर ये है कि चंद्रमा की कक्षा (Orbit) पृथ्वी की कक्षा से लगभग 5 डिग्री झुकी हुई है, एक सीध में आना हर अमावास्या पर संभव नहीं है, जब यह विशेष संयोग बनता है, तब ही सूर्य ग्रहण दिखाई देता है।
>> कितने बजे लगेगा सूर्य ग्रहण? <<
भारतीय समयानुसार, सूर्यग्रहण 17 फरवरी को 3:26 PM पर शरू होगा और 7: 57 PM पर समाप्त होगा। सूर्य ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 31 मिनट है। शाम 5:13 PM से 6:11 PM के बीच ग्रहण पीक पर होगा।
>> कहां-कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण <<
जिम्बाब्वे, जाम्बिया, तंजानिया, नामीबिया, मॉरीशस, बोत्सवाना, मोजाम्बिक, अर्जेंटीना, चिली दक्षिणी अफ्रीका, अंटार्कटिका और दक्षिण अमेरिका में नजर आएगा सूर्य ग्रहण। ये आंशिक सूर्यग्रहण है, जो कि वलयाकार रूप में नजर आएगा। जब सूर्यग्रहण होगा तब सूर्य पृथ्वी के कुछ हिस्सों से सूर्य किसी चमकदार रिंग की तरह दिखाई पड़ता है, इसे ही ‘रिंग ऑफ फायर’ कहते हैं।
>> सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें?<<
वैसे तो 17 फरवरी का सूर्यग्रणह प्रभावी नहीं है, लेकिन फिर इसका असर राशियों पर पड़ता है। इसलिए ग्रहणकाल के दौरान लोगों को भगवान का ध्यान करना चाहिए, ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः का जाप करना चाहिए और ग्रहण खत्म होने के बाद पूजा स्थल को साफ करके पूजा अर्चना करनी चाहिए और दान-पुण्य करना चाहिए।
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