मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहली कैबिनेट बैठक में 22 एजेंडों पर मुहर लगी है
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

बिहार में नई सरकार बनने के बाद बुधवार (22 अप्रैल) को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहली कैबिनेट बैठक हुई. इस बैठक में कुल 22 अहम एजेंडों पर मुहर लगी. करीब एक घंटे चली इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर विकास, रोजगार और सुरक्षा पर दिखेगा.
महिला पुलिसकर्मियों को बड़ी सौगात
सरकार ने महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. अब 1500 महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी दी जाएगी. इसके साथ ही 3200 पुलिसकर्मियों को मोटरसाइकिल भी दी जाएगी. इस योजना पर कुल 66.75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
बाबा हरिहरनाथ कॉरिडोर बनेगा भव्य
सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर क्षेत्र को अब काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. इस परियोजना के लिए 680 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है.
तारापुर में पर्यटन को बढ़ावा
मुंगेर जिले के तारापुर में धार्मिक और पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए बड़ा फैसला हुआ है. इसके लिए कृषि विभाग की 15 एकड़ जमीन पर्यटन विभाग को मुफ्त में दी जाएगी, जिससे इलाके में पर्यटन को नई दिशा मिलेगी.
निबंधन नियमावली 2026 लागू होगी
बैठक में नई निबंधन नियमावली 2026 को मंजूरी दी गई है. इसके तहत 80 साल या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को रजिस्ट्री कराने में विशेष सुविधा दी जाएगी, जिससे उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
रोजगार और तकनीकी शिक्षा पर फोकस
प्रधानमंत्री सेतु योजना के तहत बिहार के 75 आईटीआई संस्थानों को आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाएगा. इस योजना पर कुल 3615 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें राज्य सरकार की भी बड़ी हिस्सेदारी होगी. इससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे.
शहरी विकास के लिए 11 नए टाउनशिप
नगर विकास विभाग ने 11 नए ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप बनाने की मंजूरी दी है. इन क्षेत्रों में जमीन खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और निर्माण कार्य पर फिलहाल रोक रहेगी ताकि योजना को सही तरीके से लागू किया जा सके.
आईटी और सुरक्षा पर भी बड़े फैसले
आईआईटी पटना में रिसर्च पार्क बनाने के लिए 305 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है. वहीं इन्क्यूबेशन सेंटर फेज-2 के लिए 39.01 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं. राजीव नगर में ERSS और पुलिस डाटा सेंटर के लिए 172.80 करोड़ रुपये और फायर ब्रिगेड के लिए 62 मीटर ऊंची हाइड्रोलिक लैडर मशीन खरीदने के लिए 18 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं.
कैबिनेट की बैठक में धार्मिक स्थलों पर बड़ी मंजूरी
बैठक में धार्मिक और पर्यटन स्थलों के विकास पर विशेष जोर दिया गया। सारण जिले के सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर परिसर को वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने के लिए 680 करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही मुंगेर के तारापुर में सांस्कृतिक और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए जमीन पर्यटन विभाग को हस्तांतरित की जाएगी, जिससे उस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
22 एजेंडों पर लगी मुहर
राज्य में कौशल विकास को नई दिशा देने के लिए ‘PM-SEETU’ योजना के तहत 75 आईटीआई संस्थानों को आधुनिक बनाया जाएगा। इस पर 3615 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे युवाओं को बेहतर तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। शहरीकरण को व्यवस्थित तरीके से बढ़ावा देने के लिए 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने का फैसला लिया गया है। वहीं, शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भी बड़ा निवेश करते हुए IIT पटना में रिसर्च पार्क और इन्क्यूबेशन सेंटर के विस्तार के लिए कुल 344 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है।
- सम्राट चौधरी की कैबिनेट में 22 एजेंडों को मंजूरी
- महिला पुलिसकर्मियों के लिए 1500 स्कूटी
- पुरुष पुरुषवालों को दी जाएंगी 3200 बाइक्स
- हरिहरनाथ मंदिर के लिए 680 करोड़ रुपये
महिला पुलिस को स्कूटी मिलेगी
कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार ने महिला पुलिसकर्मियों को 1500 स्कूटी और पुलिस बल को 3200 मोटरसाइकिल देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, पटना में अत्याधुनिक पुलिस डेटा सेंटर और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (ERSS) के भवन निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। अग्नि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य में 62 मीटर ऊंचाई वाला हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म खरीदा जाएगा, जिससे ऊंची इमारतों में आग लगने की स्थिति में राहत कार्य तेज हो सकेगा।
सड़क दुर्घटना भी अब राज्य आपदा की कैटेगरी में
एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत सड़क दुर्घटनाओं को अब राज्य आपदा की श्रेणी में शामिल किया गया है। इससे दुर्घटना में मृत या गंभीर रूप से घायल लोगों के परिजनों को राज्य आपदा राहत कोष से आर्थिक सहायता मिल सकेगी। इसके अलावा, दरभंगा एयरपोर्ट के विस्तार, चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के निर्माण, बेगूसराय में NIFT की स्थापना और फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के लिए भूमि अधिग्रहण जैसे कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
