डॉक्टर त्रिभुवन नारायण सिंह का व्यक्तित्व सदियों तक समाज को देता रहेगा सकारात्मक संदेश
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क
पुण्यतिथि पर टी एन मेमोरियल हॉस्पिटल पर प्रबुद्धजनों ने पुण्यतिथि पर स्वर्गीय डॉक्टर त्रिभुवन नारायण सिंह की पावन स्मृति को नमन कर श्रद्धा सुमन किया अर्पित, अगले साल से मेधावी छात्रों के सहयोग हेतु टी एन सिंह मेमोरियल स्कॉलरशिप देने की भी घोषणा
सीवान। प्रसिद्ध चिकित्सक डॉक्टर त्रिभुवन नारायण सिंह का व्यक्तित्व और कृतित्व समाज में सकारात्मक प्रेरणा के संदेश का संचार करता है। उनकी स्पष्टता, निर्भीकता, बेबाकी, सेवा भावना, कर्मठता, अनुशासन के प्रति संजीदगी, सांस्कृतिक अनुराग, आत्मीयतापूर्ण सामाजिकता उन्हें एक विशेष प्रतिष्ठा प्रदान करती है।
स्वास्थ्य विभाग में सिविल सर्जन तथा अन्य उच्चतर दायित्वों का निर्वहन उन्होंने बेहद संवेदनशीलता के साथ किया। साथ ही, समाज के प्रति अपने दायित्वों का भी निर्वहन उन्होंने बेहद गंभीरता और समर्पित भाव से किया। लेकिन दहशत के दौर में भी कभी अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया। सदियों तक उनका व्यक्तित्व समाज को सकारात्मक मार्गदर्शन देता रहेगा। ये बातें मंगलवार को टी एन मेमोरियल हॉस्पिटल पर डॉक्टर त्रिभुवन नारायण सिंह को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नगर के गणमान्यजनों ने कही।
मौके पर अपने पिता को बेहद भावुक अंदाज में अश्रुपूरित आंखों से याद करते हुए डॉक्टर ऋचा सिंह ने कहा कि पापा की कर्मठता और उनका अनुशासन के प्रति लगाव हमारा सदैव मार्गदर्शन करते रहेंगे। उन्होंने कोरोना काल में अपने अंतिम समय तक पीड़ित मानवता के चिकित्सकीय सहायता का दायित्व निभाया।
अपने पिता को याद करते हुए प्रसिद्ध पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ सिंह ने कहा कि पापा के जीवन मूल्य हमारा सदैव मार्गदर्शन करते रहेंगे। उनके व्यक्तित्व की सहजता, सरलता और मधुरता हमें सदैव उनकी याद दिलाती रहती है। डॉक्टर सौरभ सिंह ने इस अवसर पर यह घोषणा भी की पापा की याद में अगले साल से मेधावी छात्रों के उत्साहवर्धन हेतु टी एन सिंह मेमोरियल स्कॉलरशिप भी प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए बीस सूत्री के उपाध्यक्ष संजय पांडेय ने उन्हें निर्भीकता की मिसाल बताया। वहीं दयानंद आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर सुधांशु शेखर त्रिपाठी ने उनके माधुर्यपूर्ण व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।
शिक्षाविद् डॉक्टर गणेश दत्त पाठक ने कहा कि डॉक्टर साहब का जीवंत व्यक्तित्व और उनका सांस्कृतिक अनुराग अदभुत था। भारत विकास परिषद् के अध्यक्ष रोहित सिंह ने कहा कि दहशत के दौर में डॉक्टर साहब ने तमाम दवाब का सामना किया लेकिन कभी झुके नहीं। सदैव निर्भीक बने रहे।

इस अवसर पर एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें डॉक्टर ऋचा सिंह, डॉक्टर रोहित कुमार ने अपनी सेवा प्रदान की और कुछ पैथोलॉजी जांच पर विशेष छूट की सुविधा आम मरीजों को प्रदान किया गया।
ई एन टी सर्जन डॉक्टर एम डी शादाब, ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर सोहेल अब्बास, सर्जन डॉक्टर अन्नू बाबू, सिवान चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष डॉक्टर रूपेश कुमार, श्री प्रभात रंजन जी, टीबी और चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर आजाद आलम, बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रामशरण पांडेय, डॉक्टर पीयूष पद्मेश, डॉक्टर दिनेश सिंह, लायंस क्लब सीवान के अध्यक्ष विकास सोमानी,
भारत विकास परिषद् के अध्यक्ष रोहित सिंह, सचिव राजीव सिंह, अतुल श्रीवास्तव, भारत भूषण, विद्याभारती के क्षेत्र प्रचार प्रमुख नवीन सिंह परमार, कृष्ण चंद्र गांधी मीडिया सेंटर के सचिव इंदल सिंह, अनुग्रह भारद्वाज, डॉक्टर रोहित कुमार, अरविंद पाठक, राजीव सिंह, अतुल श्रीवास्तव, भारत भूषण, नाजिया शादाब, अचला तिवारी, देवेंद्र गुप्ता, अरविंद कुमार मोनू, सचिन पर्बत, सत्यम सिंह सोनू, टिंकू सिंह, प्रिंस कुमार आदि उपस्थित रहे।
