कैसे हुआ इतनी बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश?

कैसे हुआ इतनी बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश?

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

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दिल्ली के पास फरीदाबाद में जम्मू-कश्मीर पुलिस और हैदराबाद में गुजरात पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने डॉक्टरों की गिरफ्तारी की, जिसकी वजह से दो आतंकवादी हमले टल गए।

पहले मामले में आदिल अहमद और मुजम्मिल शकील नाम के दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया और इनके पास से भारी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट, एक विस्फोटक एजेंट के साथ-साथ डेटोनेटर और कुछ गोला-बारूद और दो असॉल्ट राइफलें बरामद की गईं। जांच अधिकारी एक तीसरे डॉक्टर की भूमिका भी जांच कर रहे हैं जो एक अज्ञात महिला है। इसी की कार में दो बंदूकें और गोला-बारूद रखा हुआ था।

दूसरे मामले में चीन से मेडिकल डिग्री हासिल करने का दावा करने वाले डॉक्टर अहमद मोहियुद्दीन सैयद को तीन पिस्तौल और 30 गोलियों के साथ गिरफ्तार किया गया। गुजरात पुलिस के आतंकवाद निरोधी दस्ते को चार लीटर अरंडी का तेल भी मिला, जिसका इस्तेमाल राइसिन नामक एक शक्तिशाली विष बनाने में किया जाता है।

दो मामले सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

इन दोनों मामलों ने देश की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है, खासकर तब जब अधिकारियों ने पाया कि सैयद का संबंध इस्लामिक स्टेट-खोरासान प्रांत से है, जो बड़े आईएसआईएस संगठन की एक क्षेत्रीय शाखा है और जिसका संबंध विभिन्न सामूहिक हताहत घटनाओं से रहा है।

क्या है फरीदाबाद टेरर स्टोरी?

रविवार की रात जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक टीम ने 350 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया। यह एक गंधहीन, सफेद रसायन होता है जो सही परिस्थितियों में बड़े विस्फोट का कारण बन सकता है। यह बरामदगी राठेर नाम के एक कश्मीरी डॉक्टर की ओर से दी गई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई, जिसे श्रीनगर में एक अन्य पाक-आधारित आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर चिपकाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

यह सामग्री – जिसमें 20 टाइमर, बंदूकें और गोला-बारूद शामिल थे, फरीदाबाद के अल-फलाह अस्पताल में काम करने वाले एक अन्य डॉक्टर शकील के पास पाई गई। राठेर पिछले साल तक जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में काम करता था। पुलिस ने बताया कि कॉलेज में उसके लॉकर से एक असॉल्ट राइफल बरामद हुई।

राठेर और शकील के टारगेट का अभी पता नहीं चल पाया है। साथ ही एक सवाल यह भी बना हुआ है कि इन लोगों ने इतनी भारी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट कैसे और कहां से हासिल किया? इतना ही नहीं यह दिल्ली तक पहुंचा कैसे?

राइसिन जहर की कहानी

इस मामले में, सैयद के हैंडलर का आईएसकेपी आतंकी मॉड्यूल से संबंध का पता चला है। गुजरात एटीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को बताया कि डॉक्टर कथित तौर पर दिल्ली, लखनऊ या अहमदाबाद में संवेदनशील स्थानों पर संभावित हमले के लिए अत्यधिक घातक रसायन तैयार कर रहा था।

राइसिन एक ऐसा रसायन है जो अरंडी के बीजों की प्रोसेसिंग से बचे पदार्थ से बनाया जाता है। तीन शहरों में जगहों की तलाश सैय्यद के दो साथियों- आजाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सुहैल सलीम ने की थी। इन दोनों को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से हथियार हासिल करने की बात भी कबूल की।

जब सैयद को पिछले सप्ताह गांधीनगर के अडालज कस्बे के पास गिरफ्तार किया गया था, तो उसके पास से दो ग्लॉक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और एक बेरेटा पिस्टल के साथ-साथ अरंडी का तेल भी मिला था। सैय्यद टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से काम करने वाले कई आतंकवादी समूहों से जुड़ा था, और अफगानिस्तान स्थित हैंडलर अबू खादीजा के संपर्क में था।

 

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