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प्रत्येक अंचल में कम से कम चार जमीन माफिया की पहचान करके उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी-विजय सिन्हा

प्रत्येक अंचल में कम से कम चार जमीन माफिया की पहचान करके उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी-विजय सिन्हा

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

बिहार में अब भूमाफिया की खैर नहीं। उन्हें चिह्नित करके सबके खिलाफ कार्रवाई होगी। राज्य के हर अंचल में कम से कम चार भूमाफिया की पहचान करके उनके विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराया जाएगा। डिप्टी सीएम सह भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री ने विधान परिषद में बड़ा ऐलान किया है। मंत्री के तेवर से पहले से ही जमीन कारोबारियों के होश उड़े हुए हैं। आंकड़े बताते हैं कि राज्य में आधे से अधिक हत्या की वारदातें जमीनी विवाद में होते हैं।

मंत्री बनते ही विजय कुमार सिन्हा ने ऐलान किया था कि बिहार में अब बालू माफिया, दारू माफिया और जमीन माफिया का खात्मा कर दिया जाएगा। सोमवार को उन्होंने इसकी शुरुआत कर दी। कहा कि जमीन माफिया को और अधिक दिनों तक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी अंचलों में भूमि माफिया की पहचान शुरू कर दी गयी है। मंत्री ने कहा कि हर अंचल में कम से कम चार जमीन माफिया की पहचान करके उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। उनकी संपत्तियों की जांच कराई जाएगी और अगर इसमें गड़बड़ी मिली तो उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि अंचलों में जमीन संबंधि समस्याओं का पूरी तरह से निपटारा किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में समस्या अधिक होगी वहां मंत्री खुद जाकर कैंप करेंगे। चाहे कितना भी मेहनत करना पड़े, जमीन की समस्या से लोगों को हर हाल में निजात दिलाई जाएगी। उन्होंने भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों से कहा कि समय देकर और रुची लेकर मामलों का निपटारा करें। भू माफिया अगर उनकी नजर में है या डिस्टर्ब करता है तो जानकारी दें। बदमाशों को शांत कर दिया जाएगा।

राज्य में जमीन संबंधि समस्याओं के निदान के लिए मंत्री विजय सिन्हा ने विभिन्न जिलों में जन कल्याण संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जहां शिविर लगाकर जनता की समस्याएं सुनी गईं। इन शिविरों में भारी संख्या में समस्याएं उभरकर आईं। मंत्री इसे लेकर अधिकारियों के निशान पर भी आ गए। उनके खिलाफ मुख्यमंत्री से शिकायत भी की गई। लेकिन उनका रुख नहीं बदला।

इसके अलावे मंत्री ने शव वाहनों पर लिए जाने वाले टैक्स को समाप्त कर दिया है। विधान परिषद में उन्होंने कहा कि यह अमानवीय लगता है कि मृतकों के परिजनों पर बोझ डाला जाए। इसलिए शव वाहन से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। उपमुख्यमंत्री विजय कुमाप सिन्हा की विधानपरिषद में घोषणा किया कि अब राज्य में खुले में मांस नहीं बिकेंगे। इस काम के लिए अब लाइसेंस लेना पड़ेगा।लाइसेंस के बगैर भी मांस बिक्री पर रोक लगाई जाएगी।

सुधार में तेजी का दावा,लंबित मामलों के निपटारे का लक्ष्य

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि ऑनलाइन दाखिल-खारिज मामलों के समाधान की दर 75 प्रतिशत से बढ़कर 84 प्रतिशत हो चुकी है, विवाद रहित मामलों के लिए 14 दिन की समयसीमा तय की गई है. परिमार्जन प्लस अभियान में भी सुधार दर 10 प्रतिशत से बढ़कर 75 प्रतिशत तक पहुंचने का दावा किया गया.

सरकार के अनुसार दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच 40 लाख लंबित आवेदनों में से 11.50 लाख का निष्पादन किया जा चुका है. लक्ष्य है कि 31 मार्च 2026 तक सभी 46 लाख लंबित मामलों को निपटा दिया जाए. किसानों के लिए चलाए गए अभियान में मात्र 35 दिनों में 40 लाख रजिस्ट्रेशन भी दर्ज किए गए.

डिजिटाइजेशन की गड़बड़ियों पर नकेल

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्वीकार किया कि जमीन के रिकॉर्ड्स को डिजिटल करने वाली पुरानी एजेंसियों ने कई गलतियां की हैं, जिससे रैयतों के नाम और रकबे में त्रुटियां आई हैं. इन सुधारों के लिए ‘परिमार्जन प्लस’ पोर्टल को और मजबूत किया गया है, जिसकी सफलता दर 10% से बढ़कर अब 75% तक पहुंच गई है.

सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक सभी 46 लाख लंबित मामलों को पूरी तरह निपटाने का है. जाली दस्तावेजों के आधार पर जमीन हड़पने वालों के खिलाफ अब सीधे FIR दर्ज कराई जाएगी, जिससे भू-माफियाओं पर लगाम कसी जा सकेगी.

भूमि बैंक और सर्वेक्षण पर जोर

बिहार में फिलहाल 1890-1920 के कैडेस्ट्रल सर्वे के आधार पर काम हो रहा है, जिसे अपडेट करने के लिए अब विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाया जा रहा है. शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए एक और राहत की खबर यह है कि अब वंशावली निर्गत करने की जिम्मेदारी सीधे CO को सौंप दी गई है.

इसके साथ ही, निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रत्येक जिले में ‘भूमि बैंक’ बनाया जा रहा है, ताकि सरकारी और औद्योगिक कार्यों के लिए जमीन की उपलब्ध हो सके.

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