वैश्विक मंच पर अर्धनग्न प्रदर्शन खेदजनक
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

भारतीय युवा कांग्रेस के प्रतिष्ठित एआई समिट स्थल पर बिना शर्ट के विरोध-प्रदर्शन करने की आलोचना की गई है। विद्वानों और शिक्षकों ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण वैश्विक कार्यक्रम में व्यवधान न केवल खराब फैसला था, बल्कि राष्ट्रीय हितों के खिलाफ भी है।
एआई इम्पैक्ट समिट भारत की दुनिया को यह घोषणा थी कि भारत चौथी औद्योगिक क्रांति के युग में एक गंभीर और संप्रभु तकनीकी शक्ति के रूप में उभरा है और आइवाइसी का हालिया प्रदर्शन गंभीर रूप से खेदजनक और गलत सोच का परिणाम है।
प्रमुख शिक्षाविदों ने रविवार को संयुक्त बयान जारी कर भारतीय युवा कांग्रेस के सदस्यों के एआइ कार्यक्रम के खिलाफ विरोध करने के दुर्भाग्यपूर्ण और असंवेदनशील तरीके पर खेद प्रकट किया।
नुकसान पहुंचाने का प्रयास
100 से अधिक शिक्षाविदों के हस्ताक्षरित संयुक्त बयान में कहा गया कि वास्तव में भारत के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण क्षण को चिह्नित करता है, जिसे नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
उन्होंने बताया, ”स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित 2025 ग्लोबल एआई वाइब्रेंसी इंडेक्स के अनुसार भारत अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर है (केवल अमेरिका और चीन के पीछे) जो अनुसंधान उत्पादन, प्रतिभा विकास और बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है। भारत इस शीर्ष स्तर में प्रवेश करने वाला पहला ग्लोबल साउथ देश है।”
एक अंतरराष्ट्रीय मंच को राजनीतिक प्रदर्शन बदलना
उन्होंने कहा कि यह न तो एक पक्षपाती मंच था और न ही घरेलू राजनीतिक प्रचार का स्थल। एक अंतरराष्ट्रीय मंच को राजनीतिक प्रदर्शन के अवसर में बदलना गंभीर निर्णय की कमी और वैध लोकतांत्रिक असहमति और वैश्विक मंच पर राष्ट्रीय प्रतिष्ठा की रक्षा के बीच अंतर करने में असमर्थता को दर्शाता है। ब
यान में कुमाऊं विश्वविद्यालय, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति, पेरियार विश्वविद्यालय, मणिपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और देशभर के विभिन्न संस्थानों के कई प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर और शोध छात्र शामिल हैं।
नई दिल्ली में जारी एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कुछ नेताओं के आयोजन स्थल के भीतर विरोध प्रदर्शन करने व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी करने पर जम्मू में भी भाजपा ने कांग्रेस की कड़ी आलोचना की है।
भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता शनिवार को सड़क पर उतर आए और राहुल गांधी पर देश की छवि को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इस मौके पर राहुल गांधी का पुतला जलाकर अपने गुस्से का इजहार किया। गत दिवस एआई समिट में उस समय हंगामा मच गया था, जब यूथ कांग्रेस के 20 से 30 कार्यकर्ताओं ने यूएस डील को लेकर प्रदर्शन किया।
उन्होंने हाल ही में हुए भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शर्टलेस होकर पीएम मोदी के खिलाफ भी नारेबाजी की थी। भाजयुमो ने कांग्रेस के इस प्रदर्शन पर आक्रोश प्रकट करते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश को शर्मिंदा करने का काम किया है।
कांग्रेस ने गरिमा के बजाय व्यवधान का रास्ता चुना
भाजयुमो प्रधान अरूण प्रभात ने कहा कि जब भारत एक प्रतिष्ठित वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है और तकनीक के क्षेत्र में अपनी क्षमता और नेतृत्व का प्रदर्शन कर रहा है, उसी समय कांग्रेस पार्टी ने गरिमा के बजाय व्यवधान का रास्ता चुना।
राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्थल पर अर्धनग्न होकर हंगामा किया, जो स्पष्ट रूप से विश्व मंच पर भारत को शर्मिंदा करने के उद्देश्य से किया गया कदम था। उन्होंने कहा कि जब देश खुद को एक वैश्विक तकनीकी शक्ति के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, तब इस तरह का व्यवहार केवल उन लोगों के हित में है जो भारत को कमजोर होते देखना चाहते हैं।
अरूण प्रभात ने कहा कि राजनीतिक विरोध एक लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाना देशद्राह है जिसके लिए देश की जनता राहुल गांधी और कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी।
