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जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा

जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा

सरकार ने 2027 की जनगणना के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

जनगणना 2027 सिर्फ आबादी गिनने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि यह बताएगी कि भारत क्या खाता है, कैसे रहता है और किस दिशा में बदल रहा है। पहली बार जनगणना में लोगों की खानपान की पसंद को भी शामिल किया जा रहा है। सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल पर जनगणना के पहले चरण के लिए 33 FAQs जारी किया गया है।

सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल पर दिए गए FAQs के अनुसार, अगर कोई लिव-इन कपल अपने रिश्ते को एक स्थिर और स्थायी बंधन मानता है, तो जनगणना के उद्देश्य से उन्हें शादीशुदा कपल के रूप में गिना जाएगा। यह पोर्टल उन नागरिकों के लिए बनाया गया है जो देश की 16वीं जनगणना के दौरान खुद जानकारी भरना चाहते हैं।

सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प चुनने वाले लोग इस पोर्टल का उपयोग कर सकेंगे। यह पोर्टल जनगणना के दोनों चरणों हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना (HLO) तथा जनसंख्या गणना के लिए उपलब्ध रहेगा। पोर्टल पर पूछे जाने वाले सवालों (FAQs) की विस्तृत सूची दी गई है, जिससे आम लोगों को जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले सवालों के जवाब देना आसान हो सकेगा।

लिव-इन रिलेशनशिप पर स्पष्ट निर्देश

FAQ में साफ तौर पर लिखा है कि क्या लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल को शादीशुदा कपल माना जाएगा? अगर वे अपने रिश्ते को एक स्थिर बंधन मानते हैं, तो उन्हें शादीशुदा कपल माना जाना चाहिए। सरकार ने जनगणना के पहले चरण के लिए कुल 33 सवाल नोटिफाई किए हैं। यह चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा।

पहले चरण के दौरान मुख्य रूप से घर से जुड़ी जानकारी ली जाएगी, जिसमें घर के फर्श और छत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, वहां रहने वाले शादीशुदा जोड़ों की संख्या, घर के मुखिया का लिंग, खाए जाने वाले मुख्य अनाज का प्रकार, बुनियादी और आधुनिक सुविधाओं तक पहुंच तथा घर में मौजूद वाहनों के प्रकार जैसे सवाल शामिल हैं।

क्या-क्या होगा सवाल

सवालों की शुरुआत बिल्डिंग नंबर, जनगणना हाउस नंबर और घर के फर्श, दीवार व छत में इस्तेमाल होने वाली मुख्य सामग्री से होगी। इसके बाद गणक घर के उपयोग, उसकी हालत और उस घर में आमतौर पर रहने वाले लोगों की संख्या के बारे में पूछेंगे।

अंत में अधिकारी घर के मुखिया की जानकारी इकट्ठा करेंगे, जैसे उनका नाम, लिंग, क्या वे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य समुदाय से हैं और घर का मालिकाना हक किसके पास है।

ली जाएगी विस्तृत जानकारी

जनगणना के दौरान मकानों और परिवारों से जुड़ी कई जानकारियां एकत्र की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं

  • फर्श, दीवार और छत में प्रयुक्त सामग्री
  • मकान का उपयोग (आवास, दुकान, गोदाम आदि)
  • मकान की स्थिति (अच्छी या खराब)
  • परिवार के सदस्यों की संख्या
  • परिवार के मुखिया का नाम, लिंग और सामाजिक वर्ग
  • मकान का स्वामित्व (निजी, किराया, सरकारी)
  • कमरों की संख्या और विवाहित दंपत्तियों की संख्या
  • पेयजल का स्रोत और उपलब्धता
  • बिजली, सोलर, लालटेन की सुविधा
  • शौचालय और स्नानगृह की स्थिति
  • रसोईघर और खाना पकाने का ईंधन
  • इंटरनेट, मोबाइल, कंप्यूटर, टीवी की सुविधा
  • साइकिल, बाइक, कार, स्कूटर जैसे वाहनों की जानकारी

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जनगणना कर्मियों को सही और पूरी जानकारी दें, ताकि जिले और राज्य के विकास की योजनाएं बेहतर तरीके से बनाई जा सकें।

जनगणना में कितना खर्च होगा?

सरकार ने 2027 की जनगणना के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. इसमें एन्युमरेटर्स के लिए मानदेय, ट्रेनिंग का खर्च, आईटी ढांचा और लॉजिस्टिक के लिए प्रावधान किया गया है.

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