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पहली बार पूरी तरह से डिजिटल जनगणना का काम शुरू होगा

पहली बार पूरी तरह से डिजिटल जनगणना का काम शुरू होगा

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

जनगणना का काम 1 अप्रैल से शुरू हो जाएगा. रजिस्ट्रार जनरल और सेंसस कमिश्नर मृत्युंजय कुमार नारायण ने 2027 की जनगणना से जुड़ी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि भारत अपनी पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना करने के लिए तैयार है, जिसका पहला चरण 1 अप्रैल से शुरू होगा. उन्होंने बताया कि आजादी के बाद की यह 8वीं जनगणना होगी. इसमें 30 लाख एन्युमरेटर्स, सुपरवाइजर और अधिकारी शामिल होंगे.

देश में पहली बार डिजिटल जनगणना होगी और पहली बार ही सेल्फ-एन्युमरेशन का विकल्प भी होगा. सेल्फ-एन्युमरेशन एक वेब पोर्टल के जरिए होगा, जिसमें लोग सर्वे से पहले अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे. यह 16 भाषाओं में है.यह जनगणना 2021 में होनी थी लेकिन कोविड के कारण हो नहीं सकी. अब यह जनगणना हो रही है. लगभग एक साल तक इसका काम चलेगा.

दो चरणों में होगी जनगणना

2027 की जनगणना दो चरणों में होगी. पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 तक चलेगा. इस दौरान हाउस लिस्टिंग का काम किया जाएगा. हाउस लिस्टिंग से 15 दिन पहले तक सेल्फ एन्युमरेशन की सुविधा होगी. इस चरण में मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविाओं और उनके पास उपलब्ध परिसंपत्तियों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी.

दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा. इस चरण में लोगों की गिनती होगी. इस दौरान लोगों की संख्या, सामाजिक-आर्थिक, शिक्षा, प्रवास से जुड़ी जानकारियां जुटाई जाएंगी. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में यह चरण सितंबर 2026 से ही शुरू हो जाएगा. इस चरण में जातियों की गिनती भी की जाएगी.

सेल्फ-एन्युमरेशन में क्या होगा?

2027 की जनगणना को डिजिटल रूप से किया जाएगा. एन्युमरेटर मोबाइल ऐप के जरिए अपने स्मार्टफोन से सीधे डेटा जुटाएंगे. दोनों चरणों में सेल्फ-एन्युमरेशन की सुविधा होगा.

सेल्फ-एन्युमरेशन के लिए लोगों को अपने मोबाइल नंबर और दूसरी डिटेल से पोर्टल में लॉग-इन करना होगा और अपना फॉर्म भरना होगा. फॉर्म सबमिट होने के बाद एक सेल्फ-एन्युमरेशन आईडी (SE ID) मिलेगी, जिसे एन्युमरेटर के साथ साझा करना होगा.

इस पोर्टल का फायदा ये होगा कि लोगों को एन्युमरेटर के आने से पहले ही अपनी सुविधा के हिसाब से जानकारी भरने की स्वतंत्रता मिलेगी. पहले की ही तरह एन्युमरेटर अपने आवंटित ब्लॉक में घर-घर जाकर गिनती करेंगे, जबकि सेल्फ-एन्युमरेशन इस बार अलग सुविधा के रूप में दी गई है.

कानून के तहत क्या नियम हैं?

Census of India Act के अनुसार, उम्र, पेशा, आय या परिवार के सदस्यों के बारे में गलत जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है. जनगणना अधिकारी को जानकारी न देना या उन्हें कार्य करने से रोकना भी अपराध की श्रेणी में आता है. इस बार जनगणना डिजिटल रूप से होगी, इसलिए मोबाइल ऐप पर भी सही जानकारी देना अनिवार्य है. इसके अलावा किसी भी सरकारी कर्मचारी को अगर जनगणना में मदद करने के लिए कहा जाता है, तो उसे यह काम करना ही होगा.

जनगणना के नियम और सजा के प्रावधान

सजा और जुर्माना- जनगणना के सवालों का गलत जवाब देने या जानकारी छिपाने पर 1000 रुपये तक का जुर्माना या 3 साल तक की कैद हो सकती है.

असहयोग पर सजा- यदि कोई व्यक्ति जनगणना अधिकारी के काम में बाधा डालता है या सहयोग करने से मना करता है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है.

कर्मचारियों के लिए नियम- जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने वाले सरकारी कर्मचारियों को भी 3 साल की सजा और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है.

डिजिटल प्रक्रिया- इस बार डेटा मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीकों से रियल-टाइम में अपडेट किया जाएगा.

चरण- जनगणना दो चरणों में होगी, जिसमें पहले चरण में मकान सूचीकरण और दूसरे में जनसांख्यिकी डेटा (उम्र, पेशा, धर्म आदि) की जानकारी ली जाएगी.

जाति जनगणना से क्या होगा

पिछले साल सरकार ने घोषणा की थी कि अगली जनगणना में जातियों की गिनती भी की जाएगी. इसकी मांग देश के पिछड़े वर्गों के लोग पिछले काफी समय से कर रहे थे. सरकार ने 16 जून 2025 को जनगणना का नोटिफिकेशन जारी किया. लेकिन इसमें यह कहीं नहीं था कि जातियों की गणना भी इस जनगणना में की जाएगी. इसके बाद से लोग इस बात के संदेह जताने लगे कि सरकार शायद जाति जनगणना न कराए. लेकिन अभी भी इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है.

इससे पहले की जनगणना में केवल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और धार्मिक अल्पसंख्यकों की गिनती की जाती है. सामाजिक न्याय की राजनीति करने वाले नेताओं के दबाव में आकर 2010 में तत्कालीन मनमोहन सरकार ने जाति जनगणना पर सैद्धांतिक सहमति दी थी. लेकिन जाति का कॉलम जनगणना के फार्म में शामिल नहीं किया गया. इसकी जगह सरकार ने जातियों का सामाजिक-आर्थिक करवाया, लेकिन इसकी रिपोर्ट कभी जारी नहीं की गई.

 

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