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आज श्रद्धा व आस्था के साथ मनाई जायेगी बुद्ध पूर्णिमा 

आज श्रद्धा व आस्था के साथ मनाई जायेगी बुद्ध पूर्णिमा

श्रीनारद मीडिया, दारौंदा, सीवन (बिहार )।

सीवन जिला सहित दारौंदा प्रखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों में वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि पर पड़ने वाली बुद्ध पूर्णिमा इस वर्ष 1 मई, शुक्रवार को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जाएगी। यह पर्व बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र उत्सव माना जाता है। इसी दिन भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण हुआ था, इसलिए इसे त्रिविध पावन दिवस के रूप में भी जाना जाता है। देश-विदेश में इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम, प्रार्थना सभाएं, ध्यान, प्रवचन और सेवा कार्य आयोजित किए जाएंगे।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बुद्ध पूर्णिमा के दिन प्रातःकाल पवित्र नदी, सरोवर या घर में स्नान कर दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है। श्रद्धालु इस दिन व्रत रखते हैं, जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, जल और फल का दान करते हैं। कई स्थानों पर पक्षियों को मुक्त करना, पेड़ लगाना और गौसेवा जैसे पुण्य कार्य भी किए जाते हैं। यह दिन करुणा, अहिंसा, शांति और मानवता के संदेश को जीवन में उतारने का अवसर माना जाता है।

बौद्ध मठों और विहारों में भगवान बुद्ध की प्रतिमाओं को सजाया जाता है। भिक्षु और अनुयायी त्रिशरण एवं पंचशील का पालन करते हुए विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। बुद्ध वंदना, धम्मपाठ और दीप प्रज्वलन के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। बुद्ध के उपदेशों — मध्यम मार्ग, सत्य, करुणा और आत्मसंयम — को याद कर जीवन में अपनाने का संकल्प लिया जाता है।

हिंदू धर्म में भी वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इसे स्नान, दान और व्रत के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन किया गया पुण्य कई गुना फलदायी होता है। इसलिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं।
बुद्ध पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि मानवता, प्रेम, सहिष्णुता और विश्व शांति का संदेश देने वाला महापर्व है। ऐसे समय में जब समाज को सद्भाव और संयम की आवश्यकता है, भगवान बुद्ध के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने सदियों पहले थे।

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