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मदर्स डे : मां के सम्मान और संवेदना का दिन

मदर्स डे : मां के सम्मान और संवेदना का दिन

गीतावली सिन्हा (लेखिका )

श्रीनारद मीडिया,स्‍टेट डेस्‍क:

मां केवल एक शब्द नहीं, बल्कि प्रेम, त्याग, धैर्य और ममता का सबसे सुंदर रूप है। संसार में यदि किसी रिश्ते को सबसे निस्वार्थ माना गया है, तो वह मां का रिश्ता है। एक मां अपने बच्चे के जन्म से पहले ही उसके लिए सपने देखना शुरू कर देती है और जीवनभर उसके सुख-दुख में साथ खड़ी रहती है। इसी मातृत्व, समर्पण और प्रेम को सम्मान देने के लिए हर वर्ष मई महीने के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है। इस वर्ष मदर्स डे 10 मई को मनाया जा रहा है।

मदर्स डे केवल उपहार देने या औपचारिक शुभकामनाएं देने का दिन नहीं है, बल्कि यह मां के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है। मां अपने बच्चों के लिए अनगिनत त्याग करती है। वह परिवार की आधारशिला होती है। चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, मां अपने बच्चों को सुरक्षित और खुश रखने का हर संभव प्रयास करती है। बच्चे के जीवन की पहली शिक्षक भी मां ही होती है। वह उसे बोलना, चलना, संस्कार और जीवन के मूल्य सिखाती है।
आज के आधुनिक और व्यस्त जीवन में लोग अपने कामकाज और जिम्मेदारियों में इतने व्यस्त हो गए हैं कि परिवार के लिए समय निकालना कठिन होता जा रहा है। ऐसे समय में मदर्स डे हमें यह याद दिलाता है कि हमें अपनी मां के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करने के लिए समय निकालना चाहिए। एक छोटा-सा धन्यवाद, कुछ पल साथ बिताना या मां की भावनाओं को समझना भी उनके लिए सबसे बड़ा उपहार बन सकता है।

भारतीय संस्कृति में मां को देवी के समान माना गया है। हमारे यहां कहा गया है— “मातृ देवो भवः”, अर्थात मां देवता के समान पूजनीय है। मां केवल परिवार को संभालती ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। एक शिक्षित और संस्कारी मां पूरे परिवार को सही दिशा देने की क्षमता रखती है।

मदर्स डे का महत्व आज इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि बदलते सामाजिक परिवेश में बुजुर्गों और माता-पिता के प्रति संवेदनाएं कम होती दिखाई दे रही हैं। कई बार मां-बाप अकेलेपन का जीवन जीने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे में यह दिन हमें अपने कर्तव्यों और रिश्तों की अहमियत समझाने का संदेश देता है।

अंततः, मां का ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकता। उनका प्रेम अनमोल और अतुलनीय होता है। मदर्स डे हमें यह प्रेरणा देता है कि हम केवल एक दिन ही नहीं, बल्कि हर दिन अपनी मां का सम्मान करें, उनकी भावनाओं का आदर करें और उनके चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास करें। मां का आशीर्वाद ही जीवन की सबसे बड़ी ताकत और सबसे बड़ा धन है।

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