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जन-आकांक्षाओं को पंख लगाता ‘सहयोग शिविर’: सिधवल की धरती से सुशासन का शंखनाद

जन-आकांक्षाओं को पंख लगाता ‘सहयोग शिविर’: सिधवल की धरती से सुशासन का शंखनाद

​श्रीनारद मीडिया,  चमन श्रीवास्‍तव, सीवान (बिहार):

लोकतांत्रिक व्यवस्था में जब सरकार स्वयं चलकर जनता के द्वार तक पहुँचती है, तो वह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं रह जाती, बल्कि सुशासन का एक उत्सव बन जाती है। कुछ ऐसा ही अभूतपूर्व और ऐतिहासिक दृश्य मंगलवार को सीवान जिले के हुसैनगंज प्रखंड अंतर्गत सिधवल पंचायत के भव्य पंचायत भवन परिसर में देखने को मिला। यहाँ बिहार सरकार के विशेष अभियान ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ की मूल थीम पर आधारित ‘सहयोग शिविर’ का अत्यंत गरिमामयी आगाज़ हुआ। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने और उनकी रोज़मर्रा की समस्याओं का उनके अपने आँगन में ही त्वरित व प्रभावी निवारण करने के ध्येय से इस महत्वाकांक्षी अभियान की रूपरेखा तैयार की गई है।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुभ शुरुआत

​कार्यक्रम का शुभारंभ लोक-कल्याण की मंगलकामना के साथ हुआ। सीवान जिले के प्रभारी व पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय, जिला के प्रभारी सचिव सह गन्ना उद्योग के प्रधान सचिव धर्मेंद्र कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक पूरण कुमार झा, हुसैनगंज के बीडीओ राहुल कुमार एवं स्थानीय सिधवल पंचायत के कर्मठ मुखिया संदेश साह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर इस लोक-हितैषी ‘सहयोग शिविर’ का विधिवत श्रीगणेश किया। दीपशिखा की रोशनी के साथ ही उपस्थित जनसमुदाय के चेहरों पर अपनी समस्याओं के समाधान की एक नई उम्मीद और चमक साफ देखी जा सकती थी। इस पावन अवसर पर जिला के प्रभारी सचिव सह गन्ना उद्योग के प्रधान सचिव धर्मेंद्र कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक पूरण कुमार झा, हुसैनगंज के बीडीओ राहुल कुमार सहित जिले के तमाम आला प्रशासनिक अधिकारी इस बात के गवाह बने।

मंत्रियों और अधिकारियों के वक्तव्य: सुशासन का संकल्प

​प्रभारी व पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता का उद्बोधन:

शिविर को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री श्री केदार प्रसाद गुप्ता ने सरकार की कटिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा:

​”हमारी सरकार समाज के अंतिम पंक्ति में बैठे हुए व्यक्तियों के उत्थान और सम्मान के लिए पूरी तरह समर्पित है। अक्सर देखा जाता था कि अधिकारियों की शिथिलता या लापरवाही के कारण प्रखंड और पंचायत स्तर से गरीब जनता को बिना काम कराए निराश लौटना पड़ता था। विशेषकर दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) जैसी बुनियादी चीज़ों के लिए रसूखदार लोग तो काम करा लेते थे, लेकिन गरीबों को महीनों कर्मचारी, सीआई और सीओ के दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे।

​इसी पीड़ा को समझते हुए माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी के नेतृत्व में ‘सहयोग शिविर’ और ‘सहयोग पोर्टल’ की क्रांतिकारी शुरुआत की गई है। अब हर शिकायत इस पोर्टल पर दर्ज होगी। मैं अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देता हूँ कि शिविर में प्राप्त सभी शिकायतों का निवारण 30 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से हो जाना चाहिए। यदि निर्धारित समय सीमा में लापरवाही बरती गई, तो सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से संबंधित अधिकारी को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया जाएगा।”

जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय का वक्तव्य:

​प्रशासनिक अमले को पूरी मुस्तैदी से सेवा में जुटने का निर्देश देते हुए जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने आश्वस्त किया।

​”जिला प्रशासन जनता की हर समस्या के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। इस ‘सहयोग शिविर’ के माध्यम से विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों को सीधे एक छत के नीचे लाया गया है। हमारा उद्देश्य केवल आवेदन लेना नहीं, बल्कि एक पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था के तहत उनका त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन करना है। कोई भी योग्य व्यक्ति सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहेगा।”

पंचायत मुखिया संदेश साह का संदेश:

​स्थानीय स्तर पर इस पहल का स्वागत करते हुए सिधवल पंचायत के मुखिया संदेश साह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा:

​”यह हमारे पंचायत के इतिहास में एक ऐतिहासिक दिन है। आम तौर पर जिन छोटी-मोटी समस्याओं और शिकायतों के लिए ग्रामीणों को मीलों दूर जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती थी, आज पूरा प्रशासनिक अमला खुद हमारे द्वार पर खड़ा है। इस सहयोग शिविर से न केवल लोगों का समय और पैसा बचेगा, बल्कि प्रशासन के प्रति उनका विश्वास और सुदृढ़ होगा। इस अद्भुत और राहतकारी पहल के लिए हम पूरी पंचायत की तरफ से बिहार सरकार और जिला प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त करते हैं।”

​🏢 पन्द्रह विभागों के हेल्प डेस्क और उमड़ता जनसैलाब

​सिधवल पंचायत भवन परिसर में सुगमता और सुव्यवस्थित ढंग से जन-समस्याओं को सुनने के लिए करीब 15 प्रमुख विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी और हेल्प डेस्क काउंटर मौजूद रहे। इस विशाल शिविर में:

1. कृषि विभाग
2.​ बाल विकास परियोजना (ICDS)
3.​ प्रधानमंत्री आवास योजना
4.​ लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान (LSBA)
5.​ राजस्व विभाग (भूमि सुधार एवं दाखिल-खारिज)
6.​ पीएचईडी (पेयजल एवं स्वच्छता)
7.​ विद्युत विभाग
8.​ श्रम विभाग
9.​ सामाजिक सुरक्षा (पेंशन योजनाएं)
10.​ स्वास्थ्य विभाग
11.​ आपूर्ति विभाग (राशन कार्ड)
12.​ पुलिस प्रशासन
13.​ विधिक सहायता (कानूनी मदद)
14.​ मनरेगा (MGNREGA)
15.​ शिक्षा विभाग सहित अन्य सभी जनकल्याणकारी विभागों के विशेष काउंटर सजाए गए थे।

इन योजनाओं से जुड़ी आईं सबसे ज्यादा शिकायतें

​लगाए गए विभिन्न काउंटरों पर सुबह से ही ग्रामीण जनता का हुजूम उमड़ पड़ा। शिविर में सबसे अधिक भीड़ और शिकायतें प्रधानमंत्री आवास योजना, आपूर्ति विभाग (राशन) तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन से संबंधित मामलों को लेकर देखने को मिलीं। सजग अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर ही कई जटिल मामलों का ऑन-द-स्पॉट निष्पादन कर जनता को तुरंत राहत प्रदान की। वहीं, शेष बचे अन्य आवेदनों को पूरी पारदर्शिता के साथ एक निश्चित समय सीमा (टाइम-बाउंड) के भीतर हल करने के लिए संबंधित विभागों को अग्रसारित कर दिया गया।

मंच पर उपस्थित सभी आला पदाधिकारियों ने ग्रामीणों से पुरजोर अपील की कि वे सरकार की इन लोक-लुभावन योजनाओं के प्रति जागरूक बनें, इनका भरपूर लाभ उठाएं और भविष्य में भी किसी समस्या के समाधान के लिए इस प्रकार के शिविरों का संबल प्राप्त करें। शिविर के समापन पर प्रशासन ने पुनः दोहराया कि ‘सहयोग शिविर’ अपने नाम और थीम के अनुरूप हर नागरिक का ‘जीवन आसान’ करने का सच्चा माध्यम सिद्ध होगा।

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