पटना हिंसा पर एक्शन, माले विधायक संदीप सौरभ और आइसा नेता धनंजय गिरफ्तार; अब तक 60 की गिरफ्तारी
श्रीनारद मीडिया, स्टेट डेस्क:

पटना में बुधवार को हुए हिंसक छात्र आंदोलन के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।भाकपा माले के पालीगंज विधायक संदीप सौरभ और आइसा के प्रदेश अध्यक्ष धनंजय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को शुक्रवार देर शाम पटना स्थित विधायक आवास से कोतवाली थाना पुलिस ने हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के बाद रात करीब आठ बजे दोनों नेताओं को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। पटना के एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने दोनों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है पुलिस की कार्रवाई बुधवार को हुए हिंसक प्रदर्शन को लेकर दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई है।
विधायक पर मारपीट और लूटपाट का भी आरोप संदीप सौरभ के खिलाफ सचिवालय थाने में भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष नीरज कुमार ने भी मारपीट और लूटपाट की प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया था। नीरज कुमार ने आरोप लगाया था कि 22 जुलाई की दोपहर करीब 2:30 बजे बीपी मंडल गोलंबर के पास प्रदर्शन कर रहे लोगों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि विधायक के उकसाने पर भीड़ ने लाठी-डंडे, बेल्ट और रॉड से हमला किया। नीरज कुमार ने मारपीट के दौरान जेब से नकदी, सोने की चेन और दो अंगूठियां छीनने का भी आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने साफ कहा- हिंसा करने वालों को नहीं बख्शेंगे पटना में हिंसक प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया है।
डीएम कुंदन कुमार और एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने प्रदर्शनकारी छात्र संगठनों के in नेताओं से बातचीत के बाद कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का सभी को अधिकार है,अधिकारियों ने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनकी जायज मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए प्रशासन संवाद को हमेशा तैयार है। हालांकि, छात्रों की आड़ में हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी बिहार बंद को लेकर पुलिस अलर्ट, स्कूल-कॉलेज खुले रहेंगे शुक्रवार को प्रस्तावित बिहार बंद को देखते हुए पटना जिला प्रशासन और पुलिस को पूरी तरह अलर्ट कर दिया गया है। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान, दुकानें और अन्य संस्थान सामान्य रूप से खुले रहेंगे। प्रशासन ने चेतावनी दी कि अगर किसी ने दुकानदारों, संस्थानों या आम लोगों पर जबरन बंद कराने का दबाव बनाया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी है और इसे हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा। सोशल मीडिया पर भी पुलिस की पैनी नजर प्रशासन ने इंटरनेट मीडिया पर हिंसा भड़काने और उकसाने वाली सामग्री प्रसारित करने वालों को भी चेतावनी दी है।अधिकारियों ने कहा कि चाहे कोई व्यक्ति घटनास्थल पर मौजूद रहा हो या नहीं, अगर वह हिंसा के लिए लोगों को उकसाने में शामिल पाया गया तो उसकी जवाबदेही तय की जाएगी।
डीएम ने स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों के प्राचार्यों से छात्रों का सही मार्गदर्शन करने की अपील की। वहीं अभिभावकों से भी बच्चों को अफवाहों और हिंसक गतिविधियों से दूर रखने को कहा गया है।‘एक मुकदमा बिगाड़ सकता है करियर’, छात्रों को चेतावनी एसएसपी ने छात्रों को चेतावनी देते हुए कहा कि हिंसा से जुड़े मामलों में नाम आने पर भविष्य में चरित्र सत्यापन प्रभावित हो सकता है। इसका असर सरकारी नौकरी और अन्य सेवाओं में भी पड़ सकता है।
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