गुरु से भेंट होना आत्मिक सुख है- मनोज भावुक
गुरु से भेंट होना आत्मिक सुख है- मनोज भावुक आचार्य की स्मृतियां सदैव जीवंत बनाये रखती है श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क अवधेश सर ! …माने श्री अवधेश सिंह, प्राचार्य, जीआईसी, तुर्रा, पिपरी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश। उस कॉलेज में पढ़ाई और अनुशासन का नाम ही अवधेश सिंह था। स्टूडेंट थर-थर काँपते थे सर के नाम से ही।…
