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पिकनिक एक आयोजन नहीं,बल्कि साथ होने का एहसास है

पिकनिक एक आयोजन नहीं,बल्कि साथ होने कका एहसास है श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क पिकनिक से जुड़ी जो पहली स्मृति मेरे जेहन में उभरती है, वह किसी प्रसिद्ध पर्यटन स्थल या कैमरे में कैद सुंदर दृश्य की नहीं, बल्कि बालमन के उस सादे लेकिन गहरे उत्सव की है जो नए साल के आगमन पर दोस्तों के…

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शिक्षक में सदैव गुरुत्व होता है – मनोज भावुक

शिक्षक में सदैव गुरुत्व होता है – मनोज भावुक श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क प्रोफेसर सिद्धार्थ सिंह मंत्रमुग्ध कर देते हैं। NLF के एक आध्यात्मिक सत्र की अध्यक्षता करते हुए वह बोल रहे थे। मैं सामने बैठा सुन रहा था। वक्ता के रूप में प्रख्यात अभिनेता अखिलेन्द्र मिश्र जी व कत्थक लीजेंड शोभना नारायण जी थे।…

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‘भोजपुरी साहित्य के विविध आयाम’ पुस्तक भाषा और संस्कृति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और शोधपरक दस्तावेज है

‘भोजपुरी साहित्य के विविध आयाम’ पुस्तक भाषा और संस्कृति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और शोधपरक दस्तावेज है श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क डॉ. संतोष पटेल द्वारा लिखित पुस्तक ‘भोजपुरी साहित्य के विविध आयाम’ (2025) भोजपुरी साहित्य, भाषा और संस्कृति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और शोधपरक दस्तावेज है। यह पुस्तक केवल एक संकलन नहीं, बल्कि…

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अब मेरा क्या होगा- पकड़ी का पेड़

अब मेरा क्या होगा- पकड़ी का पेड़ निबंधन कार्यालय में गिरे पेड़ की आत्मव्यथा फूल लिए… फल लिए… मनुष्य के हम अग्रज है ✍🏻 राजेश पाण्डेय श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क   मैं पकड़ी के पेड़ के रूप में समाज में संबोधित होता हूं। मैं सीवान जिले में महाराजगंज अनुमंडल के तहत महाराजगंज स्थित अवर निबंधक…

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सच्चे शिक्षक सिर्फ पेटभरुआ कोर्स नहीं पढ़ाते, वह जीवन जीना सिखाते है-मनोज भावुक

सच्चे शिक्षक सिर्फ पेटभरुआ कोर्स नहीं पढ़ाते, वह जीवन जीना सिखाते है-मनोज भावुक श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क ” सिर्फ पढ़ाने से नहीं शिक्षकों के आचरण, व्यवहार व जीवन शैली से भी सीखते हैं छात्र। आज मेरे मुँह में जो जुबान है, वह शिक्षकों की दी हुई है। शिक्षक भाषा, बोली, लहजा और आत्मा को गढ़ते…

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‘लोकगीतों का समाजशास्त्र’ लोक की विलक्षण झलक देती है

‘लोकगीतों का समाजशास्त्र’ लोक की विलक्षण झलक देती है ✍🏻 राजेश पाण्डेय श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क मानवीकि व भाषा के विषयों हेतु इसमें उपयोगी सामग्री है लोक की थाती को सहेजते सभी लेख सारगर्भित व अभिव्यंजक है ‘लोकगीतों का समाजशास्त्र’ पुस्तक केवल एक विषय ना होकर मानवीकि व भाषा संकाय के सभी विद्यार्थियों व शोधार्थीयों…

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गुरु से भेंट होना आत्मिक सुख है- मनोज भावुक

गुरु से भेंट होना आत्मिक सुख है- मनोज भावुक आचार्य की स्मृतियां सदैव जीवंत बनाये रखती है श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क अवधेश सर ! …माने श्री अवधेश सिंह, प्राचार्य, जीआईसी, तुर्रा, पिपरी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश। उस कॉलेज में पढ़ाई और अनुशासन का नाम ही अवधेश सिंह था। स्टूडेंट थर-थर काँपते थे सर के नाम से ही।…

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गुरुजी की स्मृतियों को नमन- संजय सिंह

गुरुजी की स्मृतियों को नमन- संजय सिंह गुरु घनश्याम शुक्ल के जन्म जयंती पर विशेष सीवान जिले में दक्षिण के मालवीय के नाम से विख्यात थे‌ शुक्ल जी श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क गुरुजी की जन्मतिथि है आज। इस दिन को गांव उत्सव के रूप में मनाता है। तीन दिनों के उत्सव में शैक्षिक,खेल कूद और…

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