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दलपीठी का लोक और उसकी रसोई

दलपीठी का लोक और उसकी रसोई श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क गँवई साँझ कुछ और ही रंग में रंगी होती है। धूप ढलकर जब चौखटों से उतरती है। आँगन में धुएँ की हलकी लकीरें उठती हैं। उसी में घुला रहता है किसी पकवान की महक। कभी लहसुन के छौंक की, कभी पंचफोरना की, कभी सोंधी दाल…

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हमारे समाज के दिग्भ्रमित हो रहे युवाओं को मार्गदर्शन और प्रेरणा है बेहद जरूरी: सांता नंद मिश्रा

हमारे समाज के दिग्भ्रमित हो रहे युवाओं को मार्गदर्शन और प्रेरणा है बेहद जरूरी: सांता नंद मिश्रा “गांव की मिट्टी मिटने नहीं देती” पुस्तक का विमोचन समारोह उखई में संपन्न ✍🏻 डॉक्टर गणेश दत्त पाठक श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क जीवन में चुनौतियां आती है लेकिन धैर्य के साथ आगे बढ़ने पर जीवन में सफलता मिलती…

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निर्मल वर्मा: सूक्ष्मता की भाषा और अंत:सलिला भारतीयता

निर्मल वर्मा: सूक्ष्मता की भाषा और अंत:सलिला भारतीयता जयंती पर विशेष श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क निर्मल वर्मा का नाम लेते ही हिंदी गद्य में एक ऐसी ध्वनि सुनाई देती है जो बहुत धीमी है, लगभग फुसफुसाहट लेकिन वही सबसे अधिक देर तक भीतर गूँजती रहती है। वे उन लेखकों में नहीं हैं जो पाठक को…

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फेंनुस : स्वाद से स्मृति तक

फेंनुस : स्वाद से स्मृति तक श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क आज सुबह एक तस्वीर दिखी। ट्वीटर पर। किसी ने पूछा था। “यह क्या चीज है?” देखा। ठिठक गया। सहसा मन, स्मृति के किसी सघन वन में उतर गया। बचपन के दिन बाइस्कोप-से खुलने लगे। सीन-दर-सीन। वह तस्वीर फेंनुस की थी। वही, जिसे कहीं ‘फेंनसा’ कहते…

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बुकर 2026 के लिए भारतीय मूल की पद्मा विश्वनाथन हुईं शार्टलिस्ट

बुकर 2026 के लिए भारतीय मूल की पद्मा विश्वनाथन हुईं शार्टलिस्ट श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क भारतीय मूल की कनाडाई-अमेरिकी लेखिका और अनुवादक पद्मा विश्वनाथन को इंटरनेशनल बुकर प्राइज 2026 की शार्टलिस्ट में जगह मिली है। उन्हें ब्राजील की लेखिका एना पाउला माया की पुर्तगाली नोवेल आन अर्थ एज इट इज बिनीथ के अंग्रेजी अनुवाद के…

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हँसी के बहाने: मूर्खता का सौन्दर्य

हँसी के बहाने: मूर्खता का सौन्दर्य अप्रैल फूल पर विशेष आलेख श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क मनुष्य के इतिहास में जितनी गंभीर घटनाएँ दर्ज हैं, उतनी ही चुपचाप उसके भीतर एक हल्की, लगभग अदृश्य-सी हँसी भी बहती रहती है—जैसे किसी पुरानी नदी के तल में बचा हुआ पानी। उसी हँसी का एक दिन है, जब मनुष्य…

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पहली भोर के हनुमान

पहली भोर के हनुमान हनुमान जयंती पर विशेष आलेख श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क कहते हैं, जीवन के सबसे स्थायी परिचय वही होते हैं, जो बचपन में घटित होते हैं। तब तक मन अभी किसी विचार से बोझिल या आवेशित नहीं होता। हनुमान जी से पहला परिचय भी ऐसी ही एक भोर में हुआ था। मशरक…

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जहां देवता मनुष्य में उतरता है

जहां देवता मनुष्य में उतरता है हनुमान जयंती पर विशेष आलेख श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क जब हम हनुमान जयंती को एक जीवित सांस्कृतिक क्षण की तरह देखते हैं तो यह केवल आस्था का पुनरावर्तन नहीं रह जाता बल्कि स्मृति और वर्तमान के बीच का एक सक्रिय संवाद बन जाता है। यह संवाद किसी एक दिशा…

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को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो…

को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो… आज हनुमान जयंती है श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क हिन्दुस्तान और सनातन धर्म संस्कृति में भक्ति और भक्त के आचरण की जब भी बात होती है,हनुमान जी का चरित्र सबसे प्रिय लगता है। हनुमान जी को लिखते समय तुलसी बाबा खुद भक्त की‌ भाँति प्रतीत होतें…

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स्वतंत्रता सेनानी पंडित विश्वनाथ शर्मा की 47वीं पुण्यतिथि पर नमन

स्वतंत्रता सेनानी पंडित विश्वनाथ शर्मा की 47वीं पुण्यतिथि पर नमन घोर उपेक्षा के घटाटोप अँधियारे में भुला दिये गये निष्प्रीह सरल स्वतंत्रता सेनानी पंडित विश्वनाथ शर्मा  सीवान में आन्दर प्रखंड अंतर्गत अर्कपुर गांव के लाल व स्वत्रंता सेनानी पं. विश्वनाथ शर्मा श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क अपनी पूर्वजों के कार्य को भुला देना हमारी नियति बन…

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कविता भाषा में आदमी होने की तमीज है-धूमिल

कविता भाषा में आदमी होने की तमीज है-धूमिल श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क आज ‘विश्व कविता दिवस'(World Poetry Day) है! यूनेस्को ने 1999 में पेरिस में आयोजित तीसवें सम्मेलन में 21 मार्च को विश्व कविता दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य कवियों को और इस विधा को सम्मान देना था। यूनेस्को…

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संत समाज के भेद को मिटाकर अभेद प्रस्तुत करते है- प्रो. संजय श्रीवास्तव

संत समाज के भेद को मिटाकर अभेद प्रस्तुत करते है- प्रो. संजय श्रीवास्तव श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी, बिहार के मानविकी व भाषा संकाय में हिंदी विभाग के तत्वाधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी विषय ‘संत साहित्य की सांस्कृतिक चेतना’ का आयोजन 18-19 मार्च 2026 को रुद्रा रेजेंसी के सभागार में…

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संत समाज को लेकर और अधिक शोध करने की आवश्यकता है- प्रो. राजेंद्र बडगूजर

संत समाज को लेकर और अधिक शोध करने की आवश्यकता है- प्रो. राजेंद्र बडगूजर श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी, बिहार के मानविकी व भाषा संकाय में हिंदी विभाग के तत्वाधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी विषय ‘संत साहित्य की सांस्कृतिक चेतना’ का समापन बृहस्पतिवार को रूद्रा रेजेंसी के सभागार में संपन्न…

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श्रीराम कथा में पंच पल्लव के पौधों के वितरण के साथ उनकी सेवा का भी दिलाया जाएगा संकल्प

श्रीराम कथा में पंच पल्लव के पौधों के वितरण के साथ उनकी सेवा का भी दिलाया जाएगा संकल्प वी एम इंटर कॉलेज, के प्रांगण में 08 से 16 मार्च पूज्य राजन जी महाराज द्वारा श्रीराम कथा का होगा आयोजन  श्रद्धालुगण में पर्यावरण बोध को भी किया जाएगा जागृत ✍️गणेश दत्त पाठक श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क…

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