गयाजी में साइबर ठग गिरफ्तार, 11 मोबाइल नंबर जब्त:सिम कार्ड के जरिए होती थी ठगी
2.91 करोड़ की धोखाधड़ी; नेटवर्क को तलाश रही पुलिस
श्रीनारद मीडिया, स्टेट डेस्क:

गयाजी पुलिस ने साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। साइबर थाना गयाजी और साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, पटना की संयुक्त कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।पुलिस ने आरोपी के पास से 11 मोबाइल नंबर जब्त किए हैं। इन नंबरों का इस्तेमाल देशभर में निवेश, ऑनलाइन ट्रेडिंग और करोड़ों रुपये की ठगी के लिए किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में इन नंबरों से जुड़े 22 साइबर ठगी के मामलों का खुलासा हुआ है, जिनमें कुल 2 करोड़ 91 लाख 18 हजार 286 रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब, कम पढ़े-लिखे और जरूरतमंद लोगों के आधार कार्ड व अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनके नाम पर सिम कार्ड जारी कराता था। कई मामलों में संबंधित लोगों की जानकारी के बिना भी अतिरिक्त सिम कार्ड सक्रिय कर दिए जाते थे।बाद में इन्हें साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया जाता था, जो इन सिम कार्डों के जरिए निवेश, ऑनलाइन ट्रेडिंग, फर्जी मुनाफे और अन्य आकर्षक योजनाओं का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। शिकायतों में मोबाइल नंबर बार-बार आ रहे थे पुलिस के अनुसार, वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इसी अभियान के तहत राष्ट्रीय साइबर अपराध शिकायत पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज मामलों का तकनीकी विश्लेषण किया गया। जांच में पता चला कि कई राज्यों में दर्ज साइबर ठगी की शिकायतों में कुछ मोबाइल नंबर बार-बार सामने आ रहे थे,तकनीकी अनुसंधान के बाद यह स्पष्ट हुआ कि ये सभी नंबर गयाजी जिले में संचालित एक प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) के माध्यम से जारी किए गए थे। इसके बाद निगरानी शुरू की।साक्ष्य मिलने पर आमस क्षेत्र में छापेमारी की गई, जहां से आरोपी गोविंद कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। गोविंद कुमार डोभी थाना क्षेत्र स्थित अमारुत गांव का निवासी है। 11 मोबाइल नंबरों के खिलाफ 22 शिकायतें दर्ज पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि जब्त किए गए 11 मोबाइल नंबरों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से कुल 22 शिकायतें दर्ज थीं।
इन शिकायतों में पीड़ितों से लगभग 2.91 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी।अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ ठगी की राशि और मामलों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है। पुलिस ने आरोपी के ठिकाने से 47 फर्जी या संदिग्ध सिम कार्ड भी बरामद किए हैं। इन सिम कार्डों की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल किन-किन साइबर अपराधों में किया गया और इनके माध्यम से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान की जा सके।जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का हिस्सा हो सकता है। इस मामले में साइबर थाना गया में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल डेटा और कॉल डिटेल रिकॉर्ड का भी विश्लेषण कर रही है, ताकि इस नेटवर्क की पूरी श्रृंखला का खुलासा किया जा सके। आरोपी से पूछताछ की जा रही साइबर थाना अध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है और उसके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर कई अन्य संदिग्धों की पहचान की गई है। जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य दस्तावेज उपलब्ध न कराएं और न ही अपने नाम पर जारी सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने दें।
यह भी पढ़ें
सोनू-मोनू को अरेस्ट कर घिर गई पुलिस, खुद जांच के लिए पहुंचे DIG
सहरसा: पुलिस की सघन छापेमारी, नहीं मिला कोई सरकारी अभिलेख
मुजफ्फरपुर में 13 साल बाद एसटीएफ के हत्थे चढ़ा कुख्यात लुटेरा मजफूर अहमद
जलावन की लकड़ी को लेकर चचेरे भाइयों में खूनी संघर्ष, शिवहर में एक की मौत, छह से अधिक घायल
ट्रेन के इंजन के आगे खड़ी हो गई महिला दरोगा
दरभंगा के आदित्य राज आनंद बने इसरो में वैज्ञानिक
स्कॉर्पियो- ट्रक की टक्कर में दंपती समेत तीन की मौत एक घायल
हैंडबॉल का ट्रायल आरंभ , राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे खिलाड़ी- विजय
सिधवलिया की खबरें : रास्ता बंद करने के विवाद में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट
