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वैदिक परंपरा का दिव्य महाकुंभ: ममउर मठ में 11 बटुकों का भव्य सामूहिक उपनयन संस्कार

वैदिक परंपरा का दिव्य महाकुंभ: ममउर मठ में 11 बटुकों का भव्य सामूहिक उपनयन संस्कार

साधु-संतों की उपस्थिति से गूंजा पूरा क्षेत्र

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

सीवान जिले के गुठनी प्रखंड अंतर्गत पवित्र ममउर ग्राम स्थित प्राचीन ममउर मठ रविवार को वैदिक आस्था, परंपरा और संस्कृति के अनुपम संगम का साक्षी बना, — जब यहां भव्य एवं ऐतिहासिक सामूहिक उपनयन संस्कार का आयोजन किया गया।
इस दिव्य अवसर पर प्रखंड क्षेत्र के 11 बालकों का विधिवत यज्ञोपवीत संस्कार वैदिक मंत्रोच्चार, गीत-संगीत हवन-पूजन और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच सम्पन्न हुआ। पूरा वातावरण “स्वाहा” और वेद मंत्रों की गूंज से आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा।

कार्यक्रम मठाधीश पूज्य सिद्धेश्वर महाराज महंत जी के सानिध्य में अत्यंत विधिपूर्वक संपन्न हुआ।
उनके मार्गदर्शन में बटुकों को वेदाध्ययन, अनुशासन और सनातन धर्म के कर्तव्यों के प्रति जागरूक करते हुए यज्ञोपवीत धारण कराया गया। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस पावन दृश्य को देख भाव-विभोर होकर धर्म और संस्कृति के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
इस धार्मिक महोत्सव में दूर-दूर से पहुंचे संत-महात्माओं ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को अलौकिक स्वरूप प्रदान किया।

बारिकपुर हनुमान मंदिर से पधारे सिद्ध संत गोपाल दास जी महाराज, चकरी धाम से रघुनाथ दास जी महाराज, मौनिया बाबा आश्रम से हरिसेवक दास (चंचली दास जी महाराज) सहित अन्य संतों ने अपने आशीर्वचनों से बटुकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उपस्थित जनसमूह को धर्म, संस्कार एवं सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम में सामाजिक एवं राजनीतिक जगत की भी प्रतिष्ठित हस्तियों की सक्रिय भागीदारी रही। अंतर्राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पदमाकर द्विवेदी जी, प्रदेश प्रवक्ता एवं जिरादेई विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी (लोजपा) विनोद तिवारी जी, भाजपा के पूर्व एमएलसी टुन्ना पाण्डेय जी, भाजपा नेता एवं पूर्व सांसद पुत्र चंद्र प्रकाश यादव (हैप्पी यादव जी), मनोज पाण्डेय जी, अमित चौबे, सत्येंद्र तिवारी, सोनू तिवारी, सहित अनेक गणमान्य लोगों ने इस आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा की। सभी ने इसे सनातन संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक एकता का प्रेरणास्रोत बताया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में ब्राह्मण समाज के समर्पित युवाओं और कार्यकर्ताओं का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा। रितेश उपाध्याय, जिलाध्यक्ष मंटू दूबे, रमेश मिश्र पवन मिश्रा शक्ती दूबे आनंद तिवारी डा0 रविन्द्र शुक्ला जी, पप्पु शुक्ला जी सहित अन्य आयोजकों की अथक मेहनत और समर्पण से कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं ऐतिहासिक रूप से सफल रहा।

उपनयन संस्कार हिंदू जीवन के महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक है, जिसके माध्यम से बालकों को आध्यात्मिक एवं नैतिक जीवन की दिशा प्रदान की जाती है। सामूहिक रूप से इस संस्कार का आयोजन न केवल सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करता है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए भी यह एक अनुकरणीय पहल बनकर सामने आता है।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित श्रद्धालुओं एवं वक्ताओं ने इस आयोजन को प्राचीन ऋषि-परंपरा के पुनर्जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए आयोजकों को साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने, संस्कारवान बनाने और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध होते हैं।

निस्संदेह, ममउर मठ में आयोजित यह सामूहिक उपनयन संस्कार न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान रहा, बल्कि यह सांस्कृतिक जागरण, सामाजिक एकता और सनातन मूल्यों के पुनर्स्थापन का एक जीवंत उदाहरण बनकर उभरा, जिसकी गूंज लंबे समय तक क्षेत्र में सुनाई देती।

आभार-आजाद मिश्रा 

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